भारत में Crypto Trading करने वाले यूज़र्स के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। भारत की Financial Intelligence Unit- India (FIU-IND) ने Virtual Digital Asset (VDA) Service Providers यानी Crypto Exchanges के लिए नई AML और नई KYC गाइडलाइंस जारी की हैं। FIU-IND New KYC Guidelines के तहत अब सिर्फ Aadhaar या PAN Card अपलोड करके अकाउंट बनाना आसान नहीं रह गया है।
एक्सचेंजों को अब यूज़र्स की पहचान की गहराई से जांच करनी होगी, जिसमें Live Selfie, Geo-Tagging, IP Tracking और Bank Verification जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। PMLA Framework के तहत सरकार का कहना है कि यह कदम Money Laundering, Terror Financing और AI-Generated Fake Identity Fraud को रोकने के लिए उठाया गया है।
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FIU-IND New KYC Guidelines के अनुसार हर यूज़र को अब Live Selfie Verification पूरा करना होगा। इसमें एक्सचेंज ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेंगे, जो यह पहचान सके कि सामने असली इंसान है या कोई फोटो, वीडियो या Deepfake। यूज़र को आंख झपकाने, सिर घुमाने या हल्की मूवमेंट करने जैसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
FIU IND ने साफ कहा है कि एक्सचेंजों को यह सिक्योर करना होगा कि, अकाउंट वही व्यक्ति बना रहा है जिसकी पहचान दी गई है। इसके अलावा बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए “Penny Drop” सिस्टम भी अनिवार्य किया गया है। इसमें एक्सचेंज यूज़र के बैंक खाते में ₹1 भेजकर यह जांचेंगे कि अकाउंट सक्रिय और वास्तविक है या नहीं।
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में चोरी किए गए दस्तावेज़ों और AI-Generated Fake Identities के माध्यम से Crypto Fraud तेजी से बढ़ा है, इसलिए FIU-IND New KYC Guidelines में यह सुरक्षा व्यवस्था जोड़ी गई है।
नई KYC प्रक्रिया में एक्सचेंजों को यूज़र का Latitude-Longitude, IP Address, Timestamp और Device Details रिकॉर्ड करनी होंगी। यानी अकाउंट किस लोकेशन से और किस समय बनाया गया, इसकी पूरी जानकारी सुरक्षित रखी जाएगी।
FIU-IND New KYC Guidelines के तहत High-Risk लेने वाले यूजर्स के लिए हर 6 महीने में KYC Update अनिवार्य किया गया है, जबकि सामान्य यूज़र्स की KYC साल में एक बार अपडेट करनी होगी। Politically Exposed Persons (PEPs) और High-Risk देशों से जुड़े लोगों के लिए Enhanced Due Diligence लागू होगी। इसके अलावा सभी Crypto Exchanges को यूज़र रिकॉर्ड कम से कम 5 साल तक सुरक्षित रखने होंगे। Suspicious Transactions की रिपोर्ट भी FIU को भेजनी होगी और नियमित Compliance Audit करवाना पड़ेगा।
नए नियम Centralized Exchanges, Custodial Wallet Providers और उन Offshore Platforms पर भी लागू होते हैं जो भारतीय यूज़र्स को सेवा देते हैं। इस दायरे में Exchanges, Brokers, Custodians, NFT Marketplaces, Token Launch Platforms, DeFi Interfaces with Custody और Payment Processors सभी शामिल हैं।
FIU Reporting Entity ID (RE-ID) के बिना काम करना 2026 में अवैध है और इससे MeitY द्वारा तत्काल IP Blocking और PMLA के तहत गंभीर Penalties का सामना करना पड़ सकता है। Non-Custodial Wallets जैसे MetaMask या Trust Wallet पर फिलहाल ये नियम सीधे लागू नहीं होते, क्योंकि वे किसी Centralized Entity द्वारा नहीं चलाए जाते। लेकिन अगर कोई Exchange ऐसे Wallet से Fund Transfer करता है, तो उस Transaction की Screening ज़रूरी होगी।
नई गाइडलाइंस के तहत अब Passport, Driving License और Aadhaar जैसे अतिरिक्त दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं। मोबाइल नंबर और ईमेल OTP Verification भी अनिवार्य कर दिया गया है। FIU-IND New KYC Guidelines में Privacy Coins, Tumblers और Mixers जैसी सेवाओं को High-Risk बताया गया है, क्योंकि इनके माध्यम से Transaction Trail छुपाई जा सकती है। इसी वजह से एक्सचेंजों को ऐसे प्लेटफॉर्म या सेवाओं से दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
Crypto इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन नियमों से भारत में Crypto Sector को वैधता मिलेगी और Institutional Investors का भरोसा बढ़ेगा। हालांकि, यूज़र्स की Privacy को लेकर बहस भी तेज हो सकती है क्योंकि अब लोकेशन और नेटवर्क डेटा भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
अगर आपका Crypto Exchange अकाउंट पुरानी KYC पर चल रहा है, तो उसे जल्द अपडेट करना जरूरी हो सकता है। FIU-IND New KYC Guidelines लागू हो चुकी हैं और नियमों का पालन न करने पर अकाउंट Restriction या Withdrawal Block हो सकती है। भारत सरकार अब Crypto Sector को पूरी तरह निगरानी वाले Regulated Framework में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
FIU-IND भारत सरकार के Revenue Department के अंतर्गत काम करती है और यह सीधे Finance Minister की अध्यक्षता वाली Economic Intelligence Council (EIC) को रिपोर्ट करती है। इसका मुख्यालय Kautilya Marg, New Delhi में स्थित है। इसकी स्थापना नवंबर 2004 में हुई थी।
FIU-India का Login पोर्टल Reporting Entities (जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज, बैंक) के लिए है। आम यूज़र्स के लिए नहीं। Reporting Entities www.fingate.gov.in पर जाकर Login कर सकते हैं। Login के लिए FIU द्वारा प्रदान की गई Login Name और Password ज़रूरी है।
FIU-IND Registration उन सभी Reporting Entities के लिए अनिवार्य है, जो संदिग्ध वित्तीय एक्सचेंज की जानकारी सरकार को देती हैं। यह Registration सिक्योर करती है कि Reporting Entities PMLA (Prevention of Money Laundering Act) का पालन करें, जिससे कानूनी दंड और प्रतिष्ठा को नुकसान का खतरा कम हो।
FIU-IND New KYC Guidelines भारत के Crypto सेक्टर को अधिक सुरक्षित और रेगुलेट बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Live Selfie, Geo-Tagging और IP Tracking जैसे नियम Fraud और Money Laundering पर रोक लगाने में मदद करेंगे। हालांकि, यूज़र्स के लिए Privacy और Data Security की चिंता भी बढ़ेगी। ऐसे में सभी Crypto Users को समय रहते अपनी KYC अपडेट कर लेनी चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल educational और informational purposes के लिए है। यह financial या investment advice नहीं है। किसी भी निवेश से पहले research और financial expert से सलाह जरूर लें।
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