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Gain Bitcoin: न्यायिक हिरासत में आरोपी, 20,000 करोड़ का किया घोटाला

Gain Bitcoin Scam में बड़ी कार्रवाई, आरोपी न्यायिक हिरासत में

देश के सबसे बड़े क्रिप्टो घोटालों में से एक, 20,000 करोड़ रुपए के Gain Bitcoin पोंजी स्कीम मामले में पहली बड़ी 9 मार्च 2026 को गिरफ्तारी हुई थी। अब राऊज एवेन्यू कोर्ट ने डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक और सीटीओ Ayush Varshney को 30 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें, एक्स पर इससे जुड़ा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि Ayush Varshney सुरक्षा कर्मियों के बीच कोर्ट परिसर में पेश किए गए। इस गिरफ्तारी की जांच सीबीआई कर रही है। आइए जानते हैं इससे जुड़ा पूरा मामला क्या है?

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, Gain Bitcoin Scam की शुरुआत 2015 में हुई थी। इसे Amit Bhardwaj, उनके भाई Ajay Bhardwaj और उनके नेटवर्क ने चलाया। स्कीम में निवेशकों को हर महीने 10 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया गया और दावा किया गया कि यह Bitcoin Cloud Mining से आएगा। असल में, यह एक पोंजी स्कीम थी, जिसमें नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था।

2017 के बाद यह स्कीम पूरी तरह ढह गई और निवेशकों को केवल Worthless MCAP टोकन दिए गए। कुल मिलाकर लगभग 29,000 Bitcoin यानी 20,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई, जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए।

आरोपी और तकनीकी ढांचा

रिपोर्ट की माने तो Ayush Varshney की Darwin Labs Pvt Ltd ने इस घोटाले का पूरा तकनीकी ढांचा तैयार किया था। इसमें बिटकॉइन माइनिंग प्लेटफॉर्म, पेमेंट गेटवे, कॉइन बैंक बिटकॉइन वॉलेट और निवेशक वेबसाइट शामिल थे। ऐसे में Ayush Varshney को मुख्य आरोपी माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने प्लेटफॉर्म, वॉलेट और पेमेंट सिस्टम विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।

हुई गिरफ्तारी और जांच

बता दें, आरोपी की गिरफ्तारी 9 मार्च 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर हुई थी, जब लुकआउट सर्कुलर के आधार पर उसे श्रीलंका जाने से रोक लिया गया और सीबीआई के पास सौंपा गया। 10 मार्च को वह कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद 17 मार्च को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जहां सीबीआई गहन पूछताछ करेगी और अन्य आरोपियों तक पहुँचने का प्रयास करेगी।

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मुख्य आरोपी अभी भी फरार


Gain Bitcoin स्कैम के मुख्य आरोपी अजय भारद्वाज और अन्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। बता दें, ED ने अब तक करीब ₹166 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की है और विदेशी एजेंसियों से भी सहयोग मांगा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि Gain Bitcoin Scam मामला भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो निवेश घोटालों में से एक हो सकता है, जिसमें हजारों निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है। 

कन्क्लूजन 

इस गिरफ्तारी से प्रभावित निवेशकों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है। Gain Bitcoin जैसी स्कीमों ने क्रिप्टो निवेशकों के बीच भरोसे को हिलाया था। अब सीबीआई की आगे की जांच से और खुलासे होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य सेहै, इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। निवेश से पहले स्वयं की जांच करें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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GainBitcoin एक कथित पोंजी स्कीम थी, जिसमें निवेशकों को हर महीने 10% रिटर्न का वादा किया गया था, लेकिन असल में नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था।
Ayush Varshney डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक और CTO हैं, जिन्हें GainBitcoin स्कैम में तकनीकी भूमिका के चलते आरोपी माना गया है।
इस स्कैम में लगभग 29,000 बिटकॉइन यानी करीब 20,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी बताई जा रही है।
यह स्कीम साल 2015 में शुरू हुई थी और 2017 के बाद पूरी तरह ढह गई।
इस मामले की जांच भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी CBI (Central Bureau of Investigation) कर रही है।