मुख्य सामग्री पर जाएँ
Crypto News
शेयर करें:

Gopax News: हैकिंग की धमकी के बाद ट्रेडिंग बंद, कोल्ड वॉलेट में शिफ़्ट

Hindi News Writer
प्रकाशित
Gopax News: हैकिंग की धमकी के बाद ट्रेडिंग हुई बंद
Gopax News: हैकिंग की धमकी के बाद ट्रेडिंग हुई बंद

सोचिए, आप सुबह अपना क्रिप्टो एक्सचेंज खोलें और पता चले कि ट्रेडिंग, डिपॉज़िट और विथड्रॉल, सब बंद हैं। साउथ कोरिया के क्रिप्टो एक्सचेंज Gopax के यूज़र्स के साथ आज यही हुआ। ताज़ा Gopax News यह है कि एक्सचेंज ने सभी ट्रेडिंग सर्विसेज़ रोक दी हैं और ग्राहकों के सारे एसेट्स कोल्ड वॉलेट में ट्रांसफ़र करने का काम शुरू कर दिया है। यह Crypto Exchange Security से जुड़ा एहतियाती कदम है। 

एक्सचेंज के मुताबिक किसी एसेट की चोरी की खबर नहीं है। हाल ही में हुए Binance Hack के बाद से लगातार क्रिप्टो मार्केट से आ रही इस तरह की ख़बरों ने इन्वेस्टर्स की चिंता को बढ़ा दिया है।

gopax exchange news 

Source: X Post

एक नज़र में

  • क्या हुआ: Gopax ने ट्रेडिंग, डिपॉज़िट और स्टैंडर्ड विथड्रॉल बंद किए।

  • कब: 6 नवंबर 2026। विथड्रॉल दोपहर 2:55 बजे और ट्रेडिंग 3:53 बजे (कोरिया समय) बंद हुई।

  • क्यों: हैकिंग की धमकी वाला ईमेल और कोरिया के वित्तीय संस्थानों में साइबर हमलों की लहर।

  • कोई नुकसान? अभी तक किसी एसेट लॉस की रिपोर्ट नहीं है।

  • अगला कदम: सर्विस दोबारा कब शुरू होगी, इसकी कोई तारीख़ नहीं बताई गई है।

अब सबसे पहले यह समझते हैं कि आज ठीक-ठीक क्या हुआ।

क्या हुआ? Gopax ने क्या-क्या बंद किया

Gopax ने तीन चीज़ें रोकी हैं:

  • ट्रेडिंग: सभी ट्रेडिंग सर्विसेज़ सस्पेंड हैं और जो ऑर्डर पूरे नहीं हुए थे, वे कैंसल कर दिए गए।

  • डिपॉज़िट और विथड्रॉल: वेबसाइट या ऐप से सीधे विथड्रॉल अब संभव नहीं है।

  • एसेट्स की शिफ़्टिंग: सभी ग्राहक एसेट्स को हॉट वॉलेट (इंटरनेट से जुड़ा स्टोरेज) से कोल्ड वॉलेट (इंटरनेट से कटा स्टोरेज) में भेजा जा रहा है।

यानी एक्सचेंज ने फ़िलहाल सुविधा से ज़्यादा सुरक्षा को चुना है। यह सब किस क्रम में हुआ, यह टाइमलाइन से साफ़ होता है।

टाइमलाइन: कब क्या बंद हुआ?

  • दोपहर 2:55 बजे (KST): डिपॉज़िट और स्टैंडर्ड विथड्रॉल सस्पेंड। यह 5:55 UTC और भारत में सुबह करीब 11:25 बजे है।

  • दोपहर 3:53 बजे (KST): ट्रेडिंग पूरी तरह बंद। यह 6:53 UTC और भारत में दोपहर करीब 12:23 बजे है।

  • फ़िलहाल: एसेट्स का कोल्ड वॉलेट में ट्रांसफ़र जारी है और रीस्टार्ट की कोई डेडलाइन नहीं है।

अब सवाल यह है कि एक्सचेंज को इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा।

Gopax ने ट्रेडिंग क्यों रोकी? 

Gopax का कहना है कि यह प्रिवेंटिव कदम है और रेगुलेटर्स की सिफ़ारिशों के मुताबिक है। इसके पीछे दो बातें हैं:

  • हैकिंग की धमकी: कोरियाई अख़बार Kyunghyang Shinmun के मुताबिक एक्सचेंज को हैक की धमकी वाला ईमेल मिला था। Gopax के प्रतिनिधि ने कहा कि उस वक्त तक कोई हैक या चोरी की कोशिश नहीं हुई थी।

  • रेगुलेटर का दबाव: कोरिया के Financial Services Commission (FSC) ने एक्सचेंजों से कोल्ड वॉलेट में ज़्यादा एसेट्स रखने को कहा था। कोरियाई कानून के तहत कम से कम 80% ग्राहक एसेट्स कोल्ड स्टोरेज में होने चाहिए। सितंबर के अंत में Gopax का आँकड़ा 80.54% था, यानी न्यूनतम लिमिट के बहुत करीब।

इस कदम के पीछे बड़ा बैकग्राउंड भी है, जिसे जानना ज़रूरी है।

बैकग्राउंड: कोरिया में साइबर हमलों की लहर और Binance हैक

पिछले कुछ हफ़्तों में कोरिया का वित्तीय सेक्टर लगातार निशाने पर रहा है:

  • बैंकों में डेटा लीक: सितंबर के अंत से Shinhan Bank, KB Kookmin Bank, Hana Bank और BNK Busan Bank में डेटा लीक सामने आए। 14 अक्टूबर तक 16 वित्तीय संस्थानों में ब्रीच की रिपोर्ट थी, और FSC की जाँच में 555 में से 130 कंपनियों में साइबर सिक्योरिटी की कमियाँ मिलीं।

  • Binance हैक: 29-30 अक्टूबर को Binance के हॉट वॉलेट से करीब 6.3 बिलियन डॉलर चोरी हुए, जिसे अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी माना जा रहा है। TRM Labs और FBI ने इसका लिंक नॉर्थ कोरिया के हैकिंग ग्रुप से बताया है।

  • FSC का निर्देश: इसके बाद FSC ने एक्सचेंजों से IT एक्सेस कंट्रोल, विथड्रॉल अप्रूवल और साइनिंग सिस्टम की समीक्षा करने और कोल्ड वॉलेट का हिस्सा बढ़ाने को कहा।

  • FSS डेटा के अनुसार कोल्ड वॉलेट रेशियो (सितंबर के अंत में): Upbit 99.17%, Bithumb 94.76%, Coinone 85%, Digital X 82.79% और Gopax 80.54%।

इस माहौल में Gopax का कदम समझ आता है। अब देखते हैं कि इसका यूज़र्स पर क्या असर पड़ेगा।

यूज़र्स पर असर: पैसे कैसे निकलेंगे?

सीधे विथड्रॉल बंद हैं, लेकिन पूरा रास्ता बंद नहीं है:

  • सपोर्ट सेंटर से रिक्वेस्ट: जिन्हें पैसा निकालना है, वे कस्टमर सपोर्ट के ज़रिए अप्लाई कर सकते हैं।

  • मैनुअल प्रोसेसिंग: रिक्वेस्ट इंटरनल वेरिफ़िकेशन और अप्रूवल के बाद एक-एक करके प्रोसेस होंगी, इसलिए ज़्यादा समय लग सकता है।

यूज़र्स के लिए कुछ सावधानियाँ भी काम की हैं:

  • सिर्फ़ Gopax की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप की घोषणाओं पर भरोसा करें। ऐसे मौकों पर फ़िशिंग ईमेल और फ़र्ज़ी सपोर्ट मैसेज बढ़ जाते हैं।

  • किसी को अपनी लॉगिन डिटेल्स या कोड शेयर न करें।

यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है, जिस पर आख़िर में बात करते हैं।

Gopax News का सार: आगे क्या देखना है?

फ़िलहाल यह हैक नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम है। अब ध्यान इन बातों पर रहेगा:

  • Gopax ट्रेडिंग और विथड्रॉल कब दोबारा शुरू करता है।

  • कोल्ड वॉलेट ट्रांसफ़र और सिक्योरिटी चेक की ताज़ा जानकारी।

  • FSC कोरियाई एक्सचेंजों पर और कौन से नियम लागू करता है।

यूज़र्स के लिए सीख साफ़ है: एक्सचेंज पर रखे एसेट्स की सुरक्षा एक्सचेंज के हाथ में रहती है, इसलिए कितना एक्सचेंज पर रखना है, यह सोच-समझकर तय करें। यह जानकारी सिर्फ़ एजुकेशनल है, फ़ाइनेंशियल एडवाइस नहीं।

इसी तरह की Latest Crypto News पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिये। 

Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की फाइनेंशियल एडवाइस नहीं है। किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

Leave a comment
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

साउथ कोरिया के क्रिप्टो एक्सचेंज Gopax ने 6 नवंबर 2026 को सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण अपनी सभी ट्रेडिंग सर्विसेज़ अस्थायी रूप से बंद कर दीं। एक्सचेंज को हैकिंग की धमकी वाला ईमेल मिला था और देश के वित्तीय सेक्टर में साइबर हमलों की घटनाएं भी बढ़ रही थीं। ग्राहकों के एसेट्स को सुरक्षित रखने के लिए Gopax ने उन्हें हॉट वॉलेट से कोल्ड वॉलेट में ट्रांसफर करना शुरू किया।

Gopax ने 6 नवंबर 2026 को अपनी सभी ट्रेडिंग सर्विसेज़, डिपॉज़िट और स्टैंडर्ड विथड्रॉल सेवाएं सस्पेंड कर दीं। अधूरे ट्रेडिंग ऑर्डर्स भी कैंसल कर दिए गए। हालांकि, यूज़र्स को जरूरत पड़ने पर कस्टमर सपोर्ट के माध्यम से मैनुअल विथड्रॉल रिक्वेस्ट भेजने की सुविधा दी गई है।

Gopax ने 6 नवंबर 2026 को दक्षिण कोरिया के स्थानीय समय (KST) के अनुसार दोपहर 2:55 बजे डिपॉज़िट और स्टैंडर्ड विथड्रॉल बंद किए। इसके बाद दोपहर 3:53 बजे सभी ट्रेडिंग सर्विसेज़ भी रोक दी गईं। भारतीय समय (IST) के अनुसार ये समय क्रमशः सुबह 11:25 बजे और दोपहर 12:23 बजे थे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Gopax ने अपनी सेवाएं बंद करने के समय किसी सफल हैकिंग या ग्राहक एसेट की चोरी की पुष्टि नहीं की थी। एक्सचेंज को हैकिंग की धमकी वाला ईमेल मिला था, जिसके बाद उसने एहतियात के तौर पर सुरक्षा उपाय लागू किए। इसलिए इस घटना को कन्फर्म्ड हैक की बजाय प्रिवेंटिव सिक्योरिटी एक्शन के रूप में समझना चाहिए।

Gopax ग्राहकों के क्रिप्टो एसेट्स को हॉट वॉलेट से कोल्ड वॉलेट में इसलिए ट्रांसफर कर रहा है ताकि उन्हें संभावित ऑनलाइन साइबर हमलों से सुरक्षित रखा जा सके। हॉट वॉलेट इंटरनेट से जुड़े होते हैं, जबकि कोल्ड वॉलेट आमतौर पर इंटरनेट से अलग रखे जाते हैं। इससे ऑनलाइन हैकिंग का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

Hot Wallet ऐसा क्रिप्टो वॉलेट होता है जो इंटरनेट से जुड़ा रहता है और जिससे तेजी से ट्रेडिंग, डिपॉज़िट और विथड्रॉल किए जा सकते हैं। इसके विपरीत, Cold Wallet इंटरनेट से अलग रखा जाता है, जिससे ऑनलाइन साइबर हमलों का जोखिम कम होता है। हालांकि, कोल्ड वॉलेट में भी प्राइवेट की मैनेजमेंट और फिजिकल सिक्योरिटी महत्वपूर्ण रहती है।

Gopax ने हैकिंग की धमकी वाले ईमेल और दक्षिण कोरिया के वित्तीय संस्थानों पर बढ़ते साइबर हमलों के बीच यह एहतियाती फैसला लिया। इसके अलावा, Financial Services Commission (FSC) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों को अपने कोल्ड वॉलेट स्टोरेज और IT सिक्योरिटी सिस्टम की समीक्षा करने की सलाह दी थी। एक्सचेंज का उद्देश्य ग्राहक एसेट्स को सुरक्षित रखना और संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करना है।

आर्टिकल में दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोरिया के नियमों के तहत क्रिप्टो एक्सचेंजों को कम से कम 80% ग्राहक एसेट्स कोल्ड वॉलेट में रखने होते हैं। सितंबर 2026 के अंत में Gopax का कोल्ड वॉलेट रेशियो 80.54% था, जो निर्धारित न्यूनतम सीमा से थोड़ा अधिक था। इस कारण एक्सचेंज के लिए कोल्ड स्टोरेज और सिक्योरिटी व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई।

आर्टिकल में दिए गए सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, Upbit का कोल्ड वॉलेट रेशियो 99.17% था, जो सूची में सबसे अधिक था। इसके बाद Bithumb का 94.76%, Coinone का 85%, Digital X का 82.79% और Gopax का 80.54% रेशियो था। ये आंकड़े बताते हैं कि इन एक्सचेंजों के ग्राहक एसेट्स का कितना हिस्सा कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था।

Gopax पर फिलहाल वेबसाइट या ऐप के माध्यम से सामान्य विथड्रॉल सेवा सस्पेंड है। हालांकि, जिन यूज़र्स को अपने फंड निकालने हैं, वे कस्टमर सपोर्ट सेंटर के माध्यम से विथड्रॉल रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। इन रिक्वेस्ट को इंटरनल वेरिफिकेशन और अप्रूवल के बाद मैनुअली प्रोसेस किया जाएगा, इसलिए इसमें सामान्य से अधिक समय लग सकता है।

Gopax यूज़र्स को विथड्रॉल के लिए एक्सचेंज के आधिकारिक कस्टमर सपोर्ट सेंटर से संपर्क करना होगा। वहां अपनी रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद इंटरनल वेरिफिकेशन और अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंजूरी मिलने पर रिक्वेस्ट को मैन्युअली प्रोसेस किया जाएगा। यूज़र्स को किसी अनजान व्यक्ति या फर्जी सपोर्ट अकाउंट के साथ अपनी लॉगिन डिटेल्स शेयर नहीं करनी चाहिए।

Gopax ने सेवाएं बंद करते समय ट्रेडिंग, डिपॉज़िट और सामान्य विथड्रॉल दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की थी। फिलहाल ग्राहक एसेट्स को कोल्ड वॉलेट में ट्रांसफर करने और सिक्योरिटी चेक पर ध्यान दिया जा रहा है। यूज़र्स को नए अपडेट के लिए Gopax की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप की घोषणाएं देखते रहना चाहिए।

आर्टिकल के अनुसार, 29-30 अक्टूबर 2026 को Binance के हॉट वॉलेट से लगभग 6.3 बिलियन डॉलर की चोरी की खबर सामने आई थी। इस घटना के बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों की हॉट वॉलेट सिक्योरिटी, विथड्रॉल अप्रूवल और प्राइवेट की मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा। इसी व्यापक साइबर सिक्योरिटी माहौल में Gopax ने भी ग्राहक एसेट्स को सुरक्षित रखने के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं।

South Korea के Financial Services Commission (FSC) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों को अपने IT एक्सेस कंट्रोल, विथड्रॉल अप्रूवल और ट्रांज़ैक्शन साइनिंग सिस्टम की समीक्षा करने को कहा है। इसके साथ ही ग्राहक एसेट्स के लिए कोल्ड वॉलेट का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इन उपायों का उद्देश्य एक्सचेंजों की साइबर सिक्योरिटी मजबूत करना और ग्राहकों के फंड को संभावित हैकिंग से सुरक्षित रखना है।

Gopax की घटना दिखाती है कि क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए साइबर सिक्योरिटी और ग्राहक एसेट्स की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। संभावित हैकिंग की धमकी मिलने पर एक्सचेंज ने ट्रेडिंग और सामान्य विथड्रॉल रोककर एसेट्स को कोल्ड स्टोरेज में ट्रांसफर करने का फैसला किया। यह घटना अन्य क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के लिए भी वॉलेट सिक्योरिटी, एक्सेस कंट्रोल और विथड्रॉल वेरिफिकेशन मजबूत रखने की जरूरत को सामने लाती है।

Gopax यूज़र्स को केवल एक्सचेंज की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से मिलने वाले अपडेट पर भरोसा करना चाहिए। हैकिंग की खबरों के दौरान फर्जी ईमेल, फिशिंग लिंक और नकली कस्टमर सपोर्ट मैसेज के मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए किसी के साथ पासवर्ड, OTP, प्राइवेट की या लॉगिन कोड शेयर नहीं करना चाहिए और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए।

Gopax ने उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी ग्राहक एसेट की चोरी की पुष्टि नहीं की थी और सुरक्षा के लिए कोल्ड वॉलेट में फंड ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, किसी भी एक्सचेंज पर रखे क्रिप्टो एसेट्स की सुरक्षा को पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जा सकता। यूज़र्स को आधिकारिक सिक्योरिटी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और अपने एसेट्स के स्टोरेज को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

क्रिप्टो एक्सचेंज पर रखे एसेट्स की सुरक्षा काफी हद तक उस प्लेटफॉर्म की वॉलेट मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और विथड्रॉल व्यवस्था पर निर्भर करती है। यदि एक्सचेंज हैकिंग, तकनीकी समस्या या नियामकीय जांच के कारण सेवाएं रोक देता है, तो यूज़र्स को अपने फंड तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसलिए निवेशकों को एक्सचेंज और सुरक्षित सेल्फ-कस्टडी विकल्पों के जोखिम समझकर अपने एसेट्स का प्रबंधन करना चाहिए।

Gopax यूज़र्स और क्रिप्टो निवेशकों को सबसे पहले ट्रेडिंग और विथड्रॉल सेवाओं की बहाली से जुड़े आधिकारिक अपडेट देखने चाहिए। इसके अलावा, ग्राहक एसेट्स के कोल्ड वॉलेट ट्रांसफर, सिक्योरिटी ऑडिट और South Korea के FSC की नई गाइडलाइंस पर भी नजर रखनी चाहिए। इन जानकारियों से एक्सचेंज की सुरक्षा व्यवस्था और यूज़र्स के फंड तक पहुंच की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।