Diwali Muhurat Trading 2026: दिन, समय और Top 5 Crypto Coins
Diwali Muhurat Trading 2026: दिन और समय
इस साल Diwali Lakshmi Pujan रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। NSE और BSE ने 19 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर में Muhurat Trading की तारीख़ कन्फ़र्म की है। इक्विटी सेगमेंट में नॉर्मल मार्केट सेशन दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे (IST) तक चलेगा। यह सेशन नए संवत 2083 की शुरुआत का प्रतीक है और इसमें हुए सभी ट्रेड्स पर सेटलमेंट लागू होगा।
यह टाइमिंग स्टॉक मार्केट के लिए है। क्रिप्टो मार्केट 24 घंटे और सातों दिन खुला रहता है, इसलिए उसमें Muhurat जैसी कोई टाइम लिमिट नहीं है। जो इन्वेस्टर्स Diwali को नई शुरुआत का मौका मानते हैं, वे इसी शुभ दिन पर अपना क्रिप्टो पोर्टफ़ोलियो भी शुरू या रीबैलेंस करते हैं। तो अब देखते हैं कि इस मौके पर किन कॉइन्स पर नज़र रखी जाए।
Diwali Muhurat Trading 2026: Top 5 Crypto Coins
ये पाँचों कॉइन्स अलग-अलग तरह की कहानी रखते हैं। कीमतें 6 नवंबर 2026 की लाइव रेट के मुताबिक हैं और लगातार बदलती रहती हैं।
1. Bitcoin (BTC) – ₹71,24,629
Bitcoin क्रिप्टो मार्केट का सबसे भरोसेमंद नाम है और उसकी सप्लाई 21 मिलियन पर फ़िक्स्ड है। अक्टूबर 2025 में यह 1,26,000 डॉलर के ऊपर ऑल-टाइम हाई पर पहुँचा था, यानी अभी यह उस हाई से करीब 40% नीचे है। लॉन्ग टर्म केस इसलिए बनता है कि स्पॉट ETFs की वजह से इंस्टिट्यूशनल निवेशकों की एंट्री आसान हो गई है, और Standard Chartered जैसे बैंक 2026 के अंत के लिए 1,00,000 डॉलर का टारगेट बनाए हुए हैं। रिस्क: ETF आउटफ़्लो और मैक्रो कंडीशन्स से कीमत तेज़ी से गिर भी सकती है।
2. Ethereum (ETH) – ₹2,09,463
Ethereum स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, स्टेबलकॉइन्स और रियल वर्ल्ड एसेट्स का सबसे बड़ा नेटवर्क है। 2026 में BlackRock और Grayscale ने स्टेकिंग वाले ETFs लॉन्च किए, जिससे निवेशकों को कीमत के साथ स्टेकिंग यील्ड (करीब 3-4% सालाना) भी मिल सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिड-2026 तक 30% से ज़्यादा ETH सप्लाई स्टेक हो चुकी थी, यानी मार्केट में बिकने के लिए उपलब्ध सप्लाई घट रही है। रिस्क: 2026 में ETH Bitcoin के मुकाबले कमज़ोर रहा है और ETF आउटफ़्लो भी देखे गए हैं।
3. Solana (SOL) – ₹8,412.14
Solana तेज़ और सस्ते ट्रांज़ैक्शन के लिए जाना जाता है। इसके पीछे तीन बातें हैं:
Alpenglow अपग्रेड: यह फ़ाइनैलिटी टाइम को काफ़ी घटाने के लिए बना है। मई 2026 में यह टेस्ट क्लस्टर पर लाइव हुआ, लेकिन मेननेट की टाइमलाइन अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग बताई गई है।
Firedancer: नया वैलिडेटर क्लाइंट, जिसका रोलआउट 207 वैलिडेटर्स तक पहुँचा।
इंस्टिट्यूशनल सपोर्ट: स्पॉट ETFs में कुल इनफ़्लो 1.12 बिलियन डॉलर से ऊपर रहा और Western Union ने अपना USDPT स्टेबलकॉइन Solana पर लॉन्च किया।
रिस्क: Q1 2026 में कीमत 200 डॉलर से ऊपर से गिरकर 60 डॉलर के आसपास आ गई थी, और ETF इनफ़्लो कई महीने घटता भी रहा।
4. Hyperliquid (HYPE) – ₹7,308.89
Hyperliquid अपना खुद का Layer 1 ब्लॉकचेन है, जो हाई-स्पीड परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग के लिए बना है। लाइव डेटा के मुताबिक यह मार्केट कैप में #11 पर है और इसका मार्केट कैप करीब ₹1.75 ट्रिलियन है। पिछले 24 घंटे में कीमत 6.6% गिरी है और रेंज ₹7,182 से ₹7,906 के बीच रही। परप्स का 24 घंटे का ओपन इंटरेस्ट करीब ₹466 बिलियन है, जो प्लेटफ़ॉर्म पर भारी एक्टिविटी दिखाता है। 29 अक्टूबर को Intercontinental Exchange (ICE) ने TradeXYZ के साथ पार्टनरशिप की घोषणा भी की थी। असली यूज़ और रेवेन्यू इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं, और 1 बिलियन की मैक्स सप्लाई में से करीब 239 मिलियन टोकन सर्कुलेशन में हैं। रिस्क: 29 नवंबर को करीब 14.2 मिलियन HYPE टोकन अनलॉक होंगे, और कीमत 23 सितंबर के ऑल-टाइम हाई (97.96 डॉलर) से करीब 20% नीचे है।
5. BNB – ₹65,037.57
BNB दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज Binance का नेटिव टोकन है और ट्रेडिंग फ़ीस डिस्काउंट से लेकर BNB Chain के गैस फ़ीस तक में काम आता है। जनवरी 2026 के Fermi हार्ड फ़ोर्क में ब्लॉक टाइम 0.75 से घटकर 0.45 सेकंड हो गया। कंपनी की क्वार्टरली बर्न भी चलती रहती है, जैसे जनवरी में करीब 1.37 मिलियन BNB (लगभग 1.3 बिलियन डॉलर) बर्न हुए, जिससे सप्लाई घटती है। रिस्क: टोकन का भाग्य Binance के कारोबार और रेगुलेटरी माहौल से जुड़ा है, और कीमत अक्टूबर 2025 के ऑल-टाइम हाई (करीब 1,375 डॉलर) से काफ़ी नीचे है।
पाँचों मेन कॉइन्स के बाद अब एक ऐसा नाम देखते हैं जो इस लिस्ट में वाइल्डकार्ड के रूप में फ़िट बैठता है।
वाइल्डकार्ड एंट्री: XRP – ₹112.90
XRP को वाइल्डकार्ड इसलिए कहा जा सकता है कि इसकी कीमत बाकी बड़े कॉइन्स के मुकाबले बहुत कम है, लेकिन इसके पीछे का इंस्टिट्यूशनल सपोर्ट काफ़ी मज़बूत है। इसके तीन कारण हैं:
Spot ETFs: नवंबर 2025 में Canary Capital के साथ अमेरिका में XRP के स्पॉट ETFs की शुरुआत हुई, जिसके बाद Grayscale, Bitwise और Franklin Templeton जैसे बड़े नाम भी आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल इनफ़्लो 1 बिलियन डॉलर से ऊपर निकल गया, और Goldman Sachs जैसे बड़े संस्थान ने भी इसमें पोज़िशन रखी।
RLUSD स्टेबलकॉइन: Ripple का डॉलर-बैक्ड स्टेबलकॉइन RLUSD दिसंबर 2024 में आया और रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका मार्केट कैप अब कुछ बिलियन डॉलर के करीब पहुँच चुका है। Mastercard के साथ इसके सेटलमेंट पायलट जैसे कदम XRP Ledger के इस्तेमाल को बढ़ाते हैं।
लीगल क्लैरिटी: SEC के साथ मामला सुलझने के बाद अमेरिका में XRP को लेकर रेगुलेटरी अनिश्चितता काफ़ी घटी है, जो लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अहम है।
रिस्क: ETF इनफ़्लो के बावजूद XRP की कीमत अपने जुलाई 2025 के हाई (करीब 3.65 डॉलर) से बहुत नीचे है। एक और जोखिम यह है कि अगर RLUSD का इस्तेमाल बढ़े लेकिन XRP का नहीं, तो टोकन को उतना फ़ायदा नहीं मिलेगा जितनी उम्मीद है।
Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ़ एजुकेशनल है, फ़ाइनेंशियल एडवाइस नहीं। क्रिप्टो की कीमतें तेज़ी से बदलती हैं, इसलिए निवेश से पहले लाइव प्राइस चेक करें, अपनी रिस्क कैपेसिटी देखें और भारत के मौजूदा क्रिप्टो टैक्स रूल्स वेरिफ़ाई कर लें।