Zcash News: NU7 Network Upgrade लाइव, ब्लॉक टाइम हुआ 25 सेकंड
सोचिए, एक प्राइवेट पेमेंट कन्फ़र्म होने में पहले सवा मिनट लगता था। अब वही पेमेंट सिर्फ़ 25 सेकंड में हो जाता है। यही Zcash (ZEC) के यूज़र्स के लिए आज की सबसे बड़ी खबर है।
ताज़ा Zcash News यह है कि Zcash (ZEC) का NU7 Network Upgrade मेननेट पर लाइव हो गया है। यह ब्लॉक हाइट 3,543,405 पर एक्टिव हुआ, जो अमेरिका में 5 नवंबर की रात थी और भारत में 6 नवंबर की सुबह। इस अपग्रेड से सिर्फ़ स्पीड नहीं बढ़ी है। माइनर्स की कमाई का तरीका और नेटवर्क की लॉन्ग टर्म सिक्योरिटी भी बदली है।

Source: X Post
एक नज़र में
क्या हुआ: NU7 मेननेट पर एक्टिव, ब्लॉक हाइट 3,543,405।
कब: 6 नवंबर 2026, 02:34 UTC (भारत में सुबह करीब 8:04 बजे)।
सबसे बड़ा बदलाव: ब्लॉक टाइम 75 सेकंड से घटकर 25 सेकंड।
नया सिस्टम: हर ब्लॉक की फ़ीस का 60% रिज़र्व में, 40% माइनर को।
ध्यान दें: पुराने Sprout पूल के बचे हुए ZEC अब खर्च नहीं हो सकते।
अब सवाल यह है कि यह बदलाव आया ही क्यों। इसका जवाब Zcash की बुनियाद में है।
NU7 Network Upgrade क्यों ज़रूरी था?
Zcash एक प्राइवेसी-फ़ोकस्ड क्रिप्टोकरेंसी है। यह Bitcoin की तरह 21 मिलियन की सप्लाई कैप और चार साल वाला हैल्विंग मॉडल फॉलो करती है।
हैल्विंग से ब्लॉक रिवॉर्ड घटता जाता है। इसलिए आगे चलकर नेटवर्क की सिक्योरिटी ट्रांज़ैक्शन फ़ीस पर निर्भर हो जाएगी। इसी चिंता के जवाब में जनवरी 2026 में Network Sustainability Mechanism (NSM) पेश किया गया।
NSM का आइडिया सीधा है:
फ़ीस का एक हिस्सा अभी सर्कुलेशन से बाहर रखा जाए।
बाद में उसे ब्लॉक रिवॉर्ड के ज़रिए माइनर्स को लौटाया जाए।
इस तरह 21 मिलियन की कैप बदले बिना माइनर्स का इंसेंटिव बना रहे।
इस फ़ैसले में कम्युनिटी की बड़ी भूमिका रही। कॉइनहोल्डर पोल के नतीजे ये रहे:
98.9% वोट हैल्विंग शेड्यूल बनाए रखने के पक्ष में थे।
99.9% वोट ब्लॉक टाइम 75 से 25 सेकंड करने के पक्ष में थे।
करीब 97% ने reissuance फ़रवरी 2031 से शुरू करने का समर्थन किया।
Zcash Foundation, Project Tachyon, Valar, ZODL और Shielded Labs जैसी टीमें भी स्कोप और टाइमलाइन पर एकमत थीं। टेस्टनेट पर यह अक्टूबर की शुरुआत में एक्टिव हुआ। मेननेट के लिए 5 नवंबर का टारगेट रखा गया था। तो अब देखते हैं कि एक्टिवेशन के दिन क्या-क्या हुआ।
NU7 मेननेट पर लाइव: अभी क्या हुआ है?
NU7 ब्लॉक हाइट 3,543,405 पर 6 नवंबर को 02:34 UTC पर एक्टिव हुआ। यह अमेरिका में 5 नवंबर की रात 9:34 बजे (ET) के आसपास था। Zcash की आधिकारिक X पोस्ट और The Block समेत कई सोर्सेज़ ने इसकी पुष्टि की है।
नोड ऑपरेटर्स को एक्टिवेशन से पहले Zebra 7.0.0 जैसे कम्पैटिबल सॉफ़्टवेयर पर अपडेट करना था। ऐसा न करने वाले नोड्स कंसेंसस चेन से बाहर हो जाते। आम वॉलेट यूज़र्स को ज़्यादा बदलाव की ज़रूरत नहीं पड़ी।
मार्केट में एक्टिवेशन के वक्त ZEC करीब 1,263 डॉलर पर था और 24 घंटे में लगभग 4% नीचे चल रहा था। अब असली सवाल: मेननेट पर असल में बदला क्या है?
NU7 में क्या बदला? 3 मुख्य बदलाव
1. Zcash का ब्लॉक टाइम 75 से 25 सेकंड
कन्फ़र्मेशन अब तीन गुना तेज़ है। पहले शॉप पर शील्डेड पेमेंट के पहले कन्फ़र्मेशन के लिए औसतन 75 सेकंड इंतज़ार करना पड़ता था। अब यह करीब 25 सेकंड है।
ब्लॉक रिवॉर्ड को भी 3 से भाग दिया गया है। इसलिए रोज़ाना बनने वाले ZEC की मात्रा लगभग वही रहती है।
2. Network Sustainability Mechanism (NSM) की शुरुआत
हर ब्लॉक की ट्रांज़ैक्शन फ़ीस का 60% सर्कुलेशन से हटकर पब्लिक रिज़र्व में जाएगा। माइनर को सिर्फ़ 40% मिलेगा।
उदाहरण: किसी ब्लॉक में 10 ZEC की फ़ीस आई, तो 6 ZEC रिज़र्व में जाएगा और 4 ZEC माइनर को मिलेगा। यह रिज़र्व फ़रवरी 2031 से ब्लॉक रिवॉर्ड के ज़रिए वापस आना शुरू होगा।
3. Sprout पूल की रिटायरमेंट
Version 4 ट्रांज़ैक्शन अब अमान्य हैं। Sprout से पैसा निकालने के लिए यही फ़ॉर्मेट चाहिए था।
एक्टिवेशन के वक्त Sprout में करीब 12,224 ZEC बचे थे। ये अब खर्च नहीं हो सकते, भले ही प्राइवेट कीज़ सुरक्षित हों। Version 5 ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह चलते रहेंगे।
इनके साथ हर ब्लॉक में शील्डेड एक्टिविटी की लिमिट भी लगी है। Zcash Foundation के मुताबिक इससे Orchard का थ्रूपुट दोगुने से ज़्यादा हो जाता है। साथ ही स्पैमर लाइट-वॉलेट सिंक को जितना धीमा कर सकता है, वह करीब 37% घट जाता है। अब देखते हैं कि ये बदलाव आगे क्या असर डाल सकते हैं।
Zcash और ZEC पर NU7 का असर
नेटवर्क सस्टेनेबिलिटी: हैल्विंग से रिवॉर्ड घटेगा, तब NSM की जमा फ़ीस 2031 से माइनर्स को सपोर्ट करेगी। इससे सिक्योरिटी बजट लंबे समय तक बना रह सकता है।
सप्लाई डायनामिक्स: 60% फ़ीस अस्थायी रूप से बाहर रहने से सर्कुलेटिंग सप्लाई थोड़ी कम रहती है। डिमांड बढ़ी तो यह कीमत के लिए सपोर्ट बन सकता है। 21 मिलियन की कैप नहीं बदली है।
यूज़ेबिलिटी: तेज़ ब्लॉक्स से पेमेंट्स और एक्सचेंज डिपॉज़िट्स में इंतज़ार घटेगा।
माइनिंग इकोनॉमिक्स: माइनर्स को फ़ीस का सिर्फ़ 40% मिलेगा, इसलिए उनकी कमाई का मिक्स थोड़ा बदल सकता है।
इन फ़ायदों के साथ कुछ जोखिम भी हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
Zcash NU7 के रिस्क और चैलेंजेस
फ़ीस वॉल्यूम: NSM तभी असरदार होगा जब नेटवर्क पर पर्याप्त फ़ीस जनरेट हो। इसके लिए यूज़र एडॉप्शन ज़रूरी है।
अटके हुए Sprout ZEC: जिन होल्डर्स ने समय पर फंड मूव नहीं किए, उनके पास अब कोई रास्ता नहीं है।
बाहरी फ़ैक्टर्स: कॉम्पिटिशन और रेगुलेटरी माहौल भी असर डाल सकते हैं।
कीमत पर असर: यह एक टेक्निकल इम्प्रूवमेंट है, तुरंत पंप की गारंटी नहीं। ZEC पिछले एक साल में 2,500% से ज़्यादा चढ़ा है और जुलाई के Ironwood अपग्रेड के वक्त एक झटके में 38% गिरा भी था। इसलिए वोलैटिलिटी का ध्यान रखें।
अब पूरी कहानी को एक जगह समेट लेते हैं।
Zcash News का सार: आगे क्या देखना है?
NU7 ने Zcash को तेज़, ज़्यादा सस्टेनेबल और पुराने बोझ (Sprout) से मुक्त बना दिया है। यह सब 21 मिलियन की कैप और हैल्विंग शेड्यूल को छुए बिना हुआ है।
असली टेस्ट अब यह है कि नेटवर्क पर फ़ीस और यूज़र एक्टिविटी कितनी बढ़ती है। आधिकारिक डिटेल्स के लिए ZIP 259 (डिप्लॉयमेंट), ZIP 218 (ब्लॉक रिवॉर्ड), ZIP 2003 (v4 बंद करना) और Zcash Foundation व Shielded Labs की घोषणाएँ देखी जा सकती हैं।
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Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की फाइनेंशियल एडवाइस नहीं है।