Gujarat Crypto Terror Network Bust: ₹226 Cr का Dark Web नेटवर्क ध्वस्त

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Gujarat Crypto Terror Network Bust

Crypto Terror Network Bust: अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पकड़ा गया 

Gujarat के Gandhinagar में स्थित CID के Cyber Centre of Excellence (CCoE) ने एक बड़े International Crypto Network का भंडाफोड़ किया है, जिसमें करीब ₹226.54 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। चर्चा में आने वाला Gujarat Crypto Terror Network Bust जैसे मामलें में ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और Potential Terror Financing के लिंक मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह पूरा ऑपरेशन Dark Web और Cryptocurrency के माध्यम से चलाया जा रहा था।

Case Quick Summary

विवरण  जानकारी
AgencyGujarat CID - Cyber Centre of Excellence
LocationGandhinagar, Gujarat
संदिग्ध Transaction₹226.54 करोड़
गिरफ्तारियां9 आरोपी
Crypto UsedMonero (XMR), USDT, Binance Wallets
Dark Web LinkARTEMISLAB.CC Marketplace
Cyber Fraud Cases Linked935 मामले
International LinkMiddle East और अन्य देश

Case Timeline - तारीख दर तारीख

चरण                     विवरण
जांच शुरू।Gujarat CID CCoE ने संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस को ट्रैक करना शुरू किया।
Dark Web Link मिला।ARTEMISLAB.CC से कनेक्शन उजागर हुआ।
Wallet Analysis।Binance वॉलेट्स का 935 साइबर फ्रॉड मामलों से लिंक पाया गया।
गिरफ्तारी।कुल 9 आरोपी - Ahmedabad, Mumbai और Haryana से गिरफ्तार किए गए।
International Angle।Middle East नेटवर्क्स से फंडिंग के संकेत मिले।
जांच जारी।विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर विस्तृत जांच अभी जारी है।


Gujarat Crypto Terror Network Bust

Source: x Account

डार्क वेब और क्रिप्टो के जरिए फंडिंग नेटवर्क

रिपोर्ट्स के अनुसार यह सिंडिकेट ARTEMISLAB.CC जैसे Dark Web Marketplace से जुड़ा था। इसमें Monero (XMR) जैसी प्राइवेसी कॉइन का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन छिपाने के लिए किया जा रहा था। बाद में इन फंड्स को USDT में कन्वर्ट कर हवाला चैनल्स के माध्यम से नकद में बदला जाता था।


पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के Binance Wallets का संबंध 935 Cyber Fraud मामलों से भी जुड़ा है, जिससे इसके बड़े पैमाने पर साइबर अपराधों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।


Dark Web क्या होता है

Dark Web इंटरनेट का वह हिस्सा है, जो Google जैसे सर्च इंजन से दिखाई नहीं देता और जिसे आम ब्राउज़र से एक्सेस नहीं किया जा सकता। इसे खोलने के लिए Tor Browser जैसी खास टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें यूज़र की पहचान छिपी रहती है। इसका उपयोग प्राइवेसी के लिए भी होता है, लेकिन यहां ड्रग्स, साइबर क्राइम और अन्य अवैध मामलें भी देखेने को मिलते हैं।


गिरफ्तारियां और भारत - विदेश कनेक्शन

GUJARAT CID BUSTS CRYPTO कार्रवाई में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें Ahmedabad, Mumbai और Haryana के आरोपी शामिल हैं। जांच में मुख्य आरोपी के वॉलेट से बड़े International Transactions के संकेत मिले और कुछ फंडिंग लिंक विदेशों में स्थित नेटवर्क्स से जुड़े पाए गए हैं।


पुलिस का कहना है कि यह Gujarat Crypto Terror Network Bust केस ड्रग्स, हवाला और संगठित अपराध के लिए अंतरराष्ट्रीय चैनलों के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है, जिसके तार कई देशों में फैले हो सकते हैं।


आतंक फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय जांच का एंगल

जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ Crypto Wallets का संबंध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित या संदिग्ध संगठनों से भी जोड़ा जा रहा है। इनमें Middle East और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय नेटवर्क्स के संकेत मिले हैं। इन कनेक्शनों की पुष्टि के लिए विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि, यह केस भारत में Crypto, Dark Web और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों की सबसे बड़ी जांचों में से एक है।

Investigators ने Crypto Wallets कैसे Track किए

  • GujaratCID ने एडवांस ब्लॉकचेन फॉरेंसिक्स से संदिग्ध क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस को फ्लैग किया।
  • एक ही नेटवर्क से जुड़े वॉलेट्स को क्लस्टरिंग तकनीक से पहचान किया गया।
  • Binance जैसे एक्सचेंज के KYC डेटा से असली पहचान लिंक की गई।
  • 935 साइबर फ्रॉड केस से वॉलेट एड्रेस का क्रॉस-रेफरेंस किया गया।
  • विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय नोड्स ट्रेस किए गए।


Expert’s Advice: एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केस साबित करता है कि, क्रिप्टो और डार्क वेब का उपयोग अब संगठित अपराध और संभावित टेरर फंडिंग के लिए बढ़ रहा है। ऐसे नेटवर्क्स को ट्रैक करना बहुत जटिल है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, राष्ट्रिय सहयोग के साथ मजबूत Blockchain Monitoring भी बहुत जरूरी है।


कन्क्लूजन

Gujarat Cyber Cell Busts मामला यह दर्शाता है कि क्रिप्टो, डार्क वेब और हवाला नेटवर्क मिलकर संगठित अपराध को और कॉम्पलेक्स बना रहे हैं। Gujarat Crypto Terror Network Bust कार्रवाई से साइबर अपराध और संभावित टेरर फंडिंग पर बड़ा प्रहार हुआ है। आगे की जांच से अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों और पूरे नेटवर्क की संरचना उजागर होने की संभावना है, जिससे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


Disclaimer: यह article सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें उल्लिखित Terror Funding और Criminal Links जांच एजेंसियों के Allegations हैं जो अभी Court में Prove नहीं हुए हैं। सभी आरोपी कानूनी रूप से तब तक निर्दोष हैं जब तक अदालत दोषी न ठहराए।

लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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