Hyderabad Cyber Fraud Case: क्या है Crypto Scam की पूरी कहानी

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Hyderabad Cyber Fraud Case

Hyderabad Cyber Fraud Case: रिटायर्ड प्रोफेसर से ₹3.2 करोड़ की ठगी

हैदराबाद से एक साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 74 वर्षीय एक Retired Professor से लगभग ₹3.2 करोड़ की ठगी हुई है। यह घटना न केवल साइबर ठगी जैसे अपराध को उजागर करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि, शिक्षित और अनुभवी लोग भी ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। पीड़ित, जो हैदराबाद के हाइदेरगुड़ा इलाके में रहते हैं और हैदराबाद विश्वविद्यालय (University of Hyderabad) के पूर्व प्रोफेसर हैं, उनको हाई रिटर्न का लालच देकर एक फर्जी क्रिप्टोकरेंसी में Investment Plan के माध्यम से फसाया गया। यह पूरा मामला अब Hyderabad Cyber Fraud Case के नाम से देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसकी जांच तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) कर रहा है।


Hyderabad Cyber Fraud Case: Facebook से शुरू हुई ठगी 

इस Cryptocurrency Cyber Fraud की शुरुआत अगस्त 2025 में फेसबुक के माध्यम से हुई, जब पीड़ित को Rishita Reddy नाम की एक महिला ने Friend Request भेजकर संपर्क किया। उसने अपने आप को विजयवाड़ा की एक चाय व्यापार कंपनी की CEO है और साथ ही Cryptocurrency Expert भी बताया। Hyderabad Cyber Fraud का पीड़ित ने उसपर तब भरोसा किया, जब महिला खुद को Army Commander की बेटी बताया और यहीं से क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी की शुरुआत हुई। 


पीड़ित ने कब और कैसे ट्रांज़ैक्ट किया

शुरुआत में Retired Professor को नकली हाई रिटर्न और हाई प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जिता और बाद में Gold Block Chain (gbcxvault.com)” नाम के एक Investment Platform में पैसे लगाने के लिए कहा गया। पीड़ित को लगा कि, इन्वेस्टमेंट सही दिशा में है। लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़े फाइनेंशियल ट्रैप में बदल गया। जिसमें पीड़ित लगातार निवेश करने के लिए प्रेरित होता गया। 


29 अगस्त 2025 से 3 मार्च 2026 के बीच पीड़ित ने कुल ₹3.2 करोड़ से अधिक रकम 14 राज्यों के 46 अलग-अलग बैंक खातों में भेज दी है। यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था ताकि पैसे का ट्रेस मुश्किल हो सके।


परिवार से उधार और सच्चाई का खुलासा

Hyderabad Cyber Fraud Case के पीड़ित की जब अपनी बचत खत्म हो गई, तो उन्होंने अपने परिवार से भी उधार लेना शुरू कर दिया। इसमें उनके भाई, बहन और चचेरे भाई शामिल थे। आरोपी लगातार टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और Withdrawal Charge जैसे बहानों से और पैसे मांगते रहे। जब 16 मार्च को $8,000 (लगभग ₹6–7 लाख) की और मांग की गई, तब परिवार को शक हुआ। परिवार वाले तुरंत पुलिस के पास गए जिसके बाद  जांच करने पर पता चला कि पूरा प्लेटफॉर्म फर्जी था और यह एक सुनियोजित साइबर ठगी थी।


पुलिस की जांच-कड़ी

पीड़ित की शिकायत के बाद 25 अप्रैल 2026 को मामला National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) पर दर्ज हुआ और बाद में TGCSB में केस फाइल हुआ। पुलिस ने BNS और IT Act की धारा 66-D (computer resource द्वारा cheating) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।


Hyderabad Cyber Fraud Case

Source: Official Website


पाठकों के लिए सुरक्षा टिप्स


क्रमांकसुरक्षा टिप्स
01अनजान Social Media users की Friend Request पर आने वाले Investment Offers को तुरंत Reject करें।
02किसी भी Investment Platform में पैसा लगाने से पहले उसकी SEBI / RBI रजिस्ट्रेशन जरूर वेरिफाई करें।
03Withdrawal के लिए Tax, Processing Fee या किसी भी Charge की मांग करना हमेशा Scam का संकेत होता है।
04साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।
05High Return का वादा करने वाले किसी भी Investment Platform को संदिग्ध मानें और सावधानी रखें।
06किसी भी Investment Decision को अकेले न लें, हमेशा SEBI registered financial advisor से सलाह लें।


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कन्क्लूजन

Hyderabad Cyber Fraud Case जैसे मामला यह साबित करता है कि, कैसे डिजिटल की दुनिया में फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से लोग बड़ी आसानी से शिकार बनाए जा रहे हैं। इस Hyderabad Cyber Fraud ने यह साफ कर दिया है कि, बिना वेरिफिकेशन के किसी भी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफार्म पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जांच कर रही है।


Disclaimer: यह Article केवल सूचना (informational) उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की financial Advice नहीं है। Crypto में निवेश अत्यधिक रिस्की होता है। निवेश से पहले अपना खुद का रिसर्च (DYOR) जरूर करें। 



लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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यह एक साइबर ठगी का मामला है जिसमें रिटायर्ड प्रोफेसर से फर्जी क्रिप्टो निवेश के नाम पर लगभग ₹3.2 करोड़ की धोखाधड़ी की गई।
इसकी शुरुआत फेसबुक पर एक महिला द्वारा फ्रेंड रिक्वेस्ट और बातचीत से हुई, जिसने खुद को क्रिप्टो एक्सपर्ट बताया।
उसे हाई रिटर्न का लालच देकर एक फर्जी क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस मामले में पीड़ित से कुल लगभग ₹3.2 करोड़ की ठगी की गई है।
पैसे 14 राज्यों के 46 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए।