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IMF रिपोर्ट का दावा, भारत की 60% कंपनियां कर रही AI का इस्तेमाल

भारत AI में दुनिया को छोड़ रहा पीछे, IMF की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

भारत टेक्नोलॉजी के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। International Monetary Fund (IMF) ने January 2026 में अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत की लगभग 60% कंपनियां पहले से ही Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल कर रही हैं। ये आंकड़ा पूरी दुनिया के औसत से काफी ज्यादा है। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत एआई एडॉप्शन के मामले में दुनिया के लीडिंग देशों में शामिल है।


International Monetary Fund एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था है, जो दुनिया की अर्थव्यवस्था, काम करने की क्षमता और नई तकनीक के इस्तेमाल पर अध्ययन और रिपोर्ट जारी करती है।

IMF India AI Report

Source-  IMF Official X Post


रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत इन समस्याओं को दूर कर लेता है, तो आने वाले समय में देश की आर्थिक विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है।


IMF Report: भारत की कंपनियां AI में ग्लोबल औसत से बहुत आगे

Report में साफ कहा गया है कि भारतीय कंपनियां एआई को बहुत तेजी से अपना रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Artificial Intelligence से कंपनियां अपना काम ज्यादा तेज और बेहतर तरीके से कर सकती हैं। नए आइडिया जल्दी आते हैं और इनोवेशन बढ़ता है। लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे लोगों में एआई स्किल्स की कमी और टूल्स को सही से जोड़ने में दिक्कत। 


International Monetary Fund का अनुमान है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भारत की प्रोडक्टिविटी में 0.3 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है अगले 10 सालों में। ये बहुत बड़ा फायदा होगा क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था और मजबूत बनेगी।


CoinDCX CEO Sumit Gupta ने दिया रिएक्शन

CoinDCX CEO Sumit Gupta ने IMF की इस रिपोर्ट को Social Media Platform X पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि भारत पहले से ही Crypto  को सबसे तेजी से अपनाने वाला देश है। अब एआई में भी टॉप पर है। 

Coindcx ceo

Source-  यह इमेज CoinDCX CEO की ऑफिशियल X पोस्ट से ली गई है


Sumit Gupta ने कहा कि टेक्नोलॉजी को जल्दी अपनाना, नए-नए तरीके सोचना और बड़े स्तर पर काम करना ये सब हमारे DNA में है।


भारत में AI अपनाने की वजह क्या है?

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतनी तेजी से क्यों फैल रहा है? यहां कुछ मुख्य वजहें हैं:


  • युवा लोग ज्यादा हैं और वे नई टेक्नोलॉजी जल्दी सीखते हैं।

  • डिजिटल इंडिया जैसी स्कीम्स से इंटरनेट हर जगह पहुंच गया है।

  • स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियां एआई को अपने काम में इस्तेमाल कर रही हैं।

  • बैंकिंग, हेल्थकेयर, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है।


भारत में कई बड़ी कंपनियां जैसे Banking, E-commerce और IT Sector में एआई का उपयोग Customer Support Automation, Fraud Detection और Data Analysis के लिए कर रही हैं। इससे Operational Efficiency बढ़ रही है और कंपनियां तेजी Decision Making कर पा रही हैं।


Press Information Bureau (PIB) ने भी 12 February 2026 को NASSCOM Report शेयर करते हुए बताया कि भारत में 87% कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यूज कर रही हैं। 

PIB

Source-  यह इमेज PIB की ऑफिशियल वेबसाइट से ली गई है


NASSCOM भारत की प्रमुख Technology Industry Association है, जो IT और एआई Sector की ग्रोथ और एडॉप्शन पर Research Publish करती है।


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Artificial Intelligence से भारत की अर्थव्यवस्था को कितना फायदा

Artificial Intelligence से प्रोडक्टिविटी बढ़ने का मतलब है कि कम समय में ज्यादा काम हो सकेगा। इससे


  • नए जॉब्स बनेंगे, खासकर एआई Skills वाले।

  • ग्राहकों को बेहतर सर्विस मिलेगी।

  • भारत दुनिया में टेक्नोलॉजी लीडर बन सकता है।


IMF का कहना है कि अगर AI को सही से इस्तेमाल किया जाए तो भारत की ग्रोथ और तेज हो सकती है। लेकिन इसके लिए स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना जरूरी है। सरकार और कंपनियां मिलकर लोगों को Artificial Intelligence की ट्रेनिंग दे रही हैं ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ाया जा सके।


Artificial Intelligence अपनाने की चुनौतियां और उनके समाधान

हर नई तकनीक की तरह Artificial Intelligence के साथ भी कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां सामने आ रही हैं। IMF की रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पूरा फायदा उठाने के लिए कंपनियों और सरकारों को कुछ मुख्य समस्याओं पर ध्यान देना होगा।


  • AI स्किल्स की कमी-  कई कंपनियों में ऐसे कर्मचारियों की कमी है, जिन्हें एआई टूल्स और Technologies की सही जानकारी हो।

  • छोटी कंपनियों (SMEs) के लिए मुश्किलें-  छोटे और मध्यम व्यवसायों के पास एआई टूल्स अपनाने के लिए पर्याप्त संसाधन, बजट और तकनीकी सहायता नहीं होती।

  • पुराने सिस्टम के साथ Integration की समस्या-  कई कंपनियों के पुराने IT सिस्टम में एआई को जोड़ना तकनीकी रूप से जटिल और समय लेने वाला हो सकता है।


इन चुनौतियों के समाधान


  • ज्यादा Training Programs शुरू करना-  कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देकर उन्हें भविष्य की तकनीक के लिए तैयार किया जा सकता है।

  • सरल AI Tools विकसित करना-  ऐसे एआई Tools बनाए जाएं, जिन्हें छोटी कंपनियां भी आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

  • सरकारी सहयोग और फंडिंग बढ़ाना-  सरकार द्वारा फंडिंग, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी सपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एडॉप्शन को तेज किया जा सकता है।


India इस दिशा में पहले से ही कदम उठा रहा है। हाल ही में AI Summit 2026 को होस्ट किया है, FutureSkills PRIME जैसे प्रोग्राम के जरिए लाखों लोगों को एआई और नई डिजिटल स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे देश का वर्कफोर्स भविष्य के लिए तैयार हो सके।


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कन्क्लूजन

IMF रिपोर्ट और Industry Experts के अनुसार भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के Adoption के मामले में दुनिया के लीडिंग देशों में तेजी से उभर रहा है। Indian Government भी एआई के एडॉप्शन को बढ़ावा देने के लिए National AI Mission और Digital India जैसे Initiatives चला रही है। इनका उद्देश्य AI Innovation, Infrastructure और Skill Development को सपोर्ट करना है।


अगर हम स्किल्स पर फोकस करें, इनोवेशन बढ़ाएं और सबको साथ लेकर चलें तो India सच में विकसित भारत बन सकता है।


Disclaimer-  यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, जैसे International Monetary Fund, CoinDCX और CEO Sumit Gupta के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की निवेश, वित्तीय या प्रोफेशनल सलाह नहीं है। पाठकों को कोई भी निर्णय लेने से पहले स्वयं रिसर्च करनी चाहिए।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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