Layer-1 blockchain

InterLink Chain के जरिए ब्लॉकचेन गवर्नेंस में बड़े बदलाव की तैयारी

InterLink Chain के जरिए पहचान आधारित इंटरनेट की ओर एक कदम


क्रिप्टो और ब्लॉकचेन की दुनिया में वर्ष 2026 को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसी साल InterLink Labs अपने नए Layer-1 Network InterLink Chain को लॉन्च करने जा रहा है। यह लॉन्च केवल एक टेक्निकल अपडेट नहीं है, बल्कि Web3 की दिशा और सोच में बदलाव का संकेत देता है। कंपनी के अनुसार, 2025 में प्लेटफॉर्म तैयार करने के बाद अब फोकस ग्लोबल लेवल पर विस्तार और असली उपयोग पर होगा।


Layer-1 blockchain

Source: यह इमेज InterLink Network India की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।


ह्यूमन्स के लिए डिज़ाइन की गई ब्लॉकचेन


InterLink Chain की सबसे खास बात इसका Proof of Personhood (PoP) मॉडल है। इसमें नेटवर्क की सिक्योरिटी और ऑपरेशन असली लोगों के जरिए होता है, न कि सिर्फ बड़े निवेशकों या भारी कंप्यूटिंग मशीनों के जरिए। हर यूज़र की पहचान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से होती है, लेकिन डेटा को सुरक्षित रखने के लिए ज़ीरो-नॉलेज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मतलब है कि पहचान साबित होती है, लेकिन पर्सनल जानकारी उजागर नहीं होती।


इस सिस्टम का उद्देश्य बॉट्स, फर्जी अकाउंट्स और नकली एक्टिविटीज को रोकना है। “एक व्यक्ति, एक पहचान” के सिद्धांत से नेटवर्क ज्यादा भरोसेमंद बनता है और गवर्नेंस में गड़बड़ी की गुंजाइश कम होती है।


सिक्योर और न्यायपूर्ण सिस्टम


ट्रेडिशनल मॉडल में जिनके पास ज्यादा पैसा या ताकत होती है, उन्हें ज्यादा अधिकार मिलते हैं। InterLink Chain इस असमानता को खत्म करने की कोशिश करता है। PoP मॉडल में हर वेरिफाइड व्यक्ति की भूमिका समान होती है। इससे DAO वोटिंग, कम्युनिटी फैसले और संभावित UBI जैसे प्रयोग ज्यादा ट्रांसपेरेंट बन सकते हैं। साथ ही, AI Based फ्रॉड और Deepfake जैसी चुनौतियों से निपटने में भी यह स्ट्रक्चर मददगार माना जा रहा है।


हाल ही में Interlink Network के बारे में खबर आयी है, की Interlink Network Listing Date Q1 2026 में हो सकती है। इसके बाद से निवेशकों के बीच सबसे बड़ी चर्चा का विषय यही बना हुआ है कि Interlink Network की लिस्टिंग डेट आखिर कब सामने आएगी और लॉन्च के बाद इसकी संभावित कीमत किस लेवल तक जा सकती है। 


रियल वर्ल्ड के उपयोग पर जोर


यह नेटवर्क केवल डिजिटल प्रयोग तक सीमित नहीं रहना चाहता। Layer-1 डिजाइन की वजह से तेज ट्रांजैक्शन, कम फीस और बड़े पैमाने पर स्केलिंग संभव होगी। कंपनी का कहना है कि QR पेमेंट, छोटे ऐप्स, लोकल मर्चेंट सपोर्ट और डेली लाइफ के उपयोग के फीचर्स को प्राथमिकता दी जाएगी।


InterLink का डुअल-टोकन मॉडल भी चर्चा में है। $ITLG को कम्युनिटी और गवर्नेंस से जोड़ा गया है, जबकि $ITL का उपयोग संस्थागत जरूरतों के लिए बताया जा रहा है। इससे अलग-अलग यूज़र ग्रुप्स की जरूरतें पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।


एक बिलियन लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य


InterLink Labs का दावा है कि यह नेटवर्क भविष्य में सैकड़ों मिलियन और अंततः एक बिलियन वेरिफाइड लोगों को जोड़ सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह दुनिया का सबसे बड़ा “रियल-ह्यूमन नेटवर्क” बन सकता है। सपोटर्स का मानना है कि इससे डिजिटल आइडेंटिटी, सोशल प्लानिंग और डिसेंट्रलाइज्ड आर्गेनाइजेशन में बड़ा बदलाव आ सकता है।


मार्केट और भविष्य की योजना


InterLink Chain को आने वाले क्रिप्टो साइकिल के ख़ास प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। संभावित बड़े एक्सचेंज लिस्टिंग, AI इंटीग्रेशन और डेवलपर इकोसिस्टम के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। लॉन्ग टर्म में कंपनी ने पब्लिक मार्केट्स, यहां तक कि NYSE में लिस्टिंग जैसे ऑप्शन्स की भी बात की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स ने फ़ास्ट एक्शन और कम घोषणाओं की डिमांड भी रखी है। उनके अनुसार, असली परीक्षा लॉन्च के बाद के परफॉरमेंस से होगी।


मैं पिछले 7 साल से ब्लॉकचेन और क्रिप्टो मार्केट को फॉलो कर रही हूँ। InterLink Chain जैसा आइडेंटिटी सेंट्रिक मॉडल पहली बार देखने को मिला। मुझे लगता है कि यह Web3 में भरोसा और पार्टिसिपेशन बढ़ाने में मदद करेगा।


कन्क्लूजन 


InterLink Chain अपने “Humans First” विज़न के साथ सामने आया है। इसका मकसद Web3 में भरोसा, समानता और सभी के पार्टिसिपेशन को मजबूत करना है। यह ब्लॉकचेन अन्य नेटवर्क्स से अलग है क्योंकि इसमें असली लोगों की पहचान पर ध्यान दिया गया है। बॉट्स और फर्जी अकाउंट्स को रोकने के लिए Proof of Personhood टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इससे वोटिंग, कम्युनिटी फैसले और डिजिटल योजनाएं ट्रांसपेरेंसी और न्यूट्रल बनती हैं। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो 2026 ब्लॉकचेन इंडस्ट्री में एक नए और महत्वपूर्ण चैप्टर की शुरुआत साबित होगा।


डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश, ट्रेडिंग या फाइनेंशियल एडवाइज के रूप में नहीं ली जानी चाहिए। निवेश से पहले हमेशा अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। वेबसाइट किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

About the Author Akansha Vyas

Crypto Journalist Cryptohindinews.in

आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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InterLink Chain एक Layer-1 ब्लॉकचेन नेटवर्क है जो असली इंसानों की पहचान पर आधारित है और Proof of Personhood मॉडल का उपयोग करता है।
Proof of Personhood (PoP) यह सुनिश्चित करता है कि नेटवर्क में हर नोड एक वास्तविक वेरिफाइड इंसान को दर्शाता है।
यह बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और जीरो-नॉलेज प्रूफ तकनीक का उपयोग करके फर्जी अकाउंट्स और बॉट्स को रोकता है।
$ITLG कम्युनिटी और गवर्नेंस के लिए है जबकि $ITL संस्थागत उपयोग और बड़े पैमाने की एप्लिकेशन के लिए है।
हाँ, इसका Layer-1 डिज़ाइन तेज़ ट्रांजैक्शन, कम फीस और लाखों यूज़र्स के लिए स्केलिंग की अनुमति देता है।