Updated Date: April 4, 2026
क्रिप्टो मार्केट में तेजी से उभरते नए प्रोजेक्ट्स निवेशकों के लिए मौका भी लाते हैं और जोखिम भी। हाल के समय में TLC Coin (Trillioner) को लेकर कई बड़े दावे और गंभीर आरोप सामने आए हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि यह प्रोजेक्ट कितना भरोसेमंद है और इसमें निवेश करना कितना सुरक्षित हो सकता है।
TLC Coin (Trillioner) एक BEP-20 टोकन है जो खुद को क्रिप्टो बैंकिंग, स्टेकिंग और हाई रिटर्न्स वाला प्रोजेक्ट बताता था। बाद में इसे TLC 2.0 और LegacyX (LX Coin) में रीब्रांड किया गया। दावा था कि AI-powered Forex trading से मंथली 6% तक रिटर्न मिलेंगे, लेकिन असल में यह Ponzi/Pyramid scheme साबित हुआ। निवेशकों से पैसे लेकर नए लोगों के पैसे से पुराने लोगों को रिटर्न दिया जाता था। भारत में यह scam हजारों-लाखों लोगों को प्रभावित कर चुका है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े कुछ प्रमुख नाम सामने आए हैं, जिनमें मुख्य आरोपी के रूप में Lavish Chaudhary का नाम सामने आया, जो कथित तौर पर विदेश से ऑपरेशन चला रहे थे। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों,खासकर असम और मेघालय, में लोकल नेटवर्क के द्वारा लोगों को जोड़ा गया। पुलिस जांच में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, जिन पर रेफरल नेटवर्क के द्वारा निवेशकों को जोड़ने का आरोप है।
TLC Coin को 2022–2023 के बीच लॉन्च किया गया था, जिसके बाद 2025 में इसका बड़े स्तर पर प्रमोशन शुरू हुआ। मार्च 2025 में असम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया और जांच में ₹200 करोड़ से ज्यादा के संभावित फ्रॉड का खुलासा हुआ। फिलहाल मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियों द्वारा जारी है।
यह नेटवर्क मुख्य रूप से असम के South Salmara-Mankachar और Dhubri जैसे क्षेत्रों में एक्टिव बताया गया। इसके अलावा WhatsApp, Telegram और ऐप्स के द्वारा यह पूरे भारत में फैल गया।कुछ रिपोर्ट्स में इंटरनेशनल कनेक्शन जैसे दुबई और अन्य देशों की भी बात सामने आई है।
इस मामले में ₹200 करोड़ से अधिक के फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसमें कई गिरफ्तारियां की गई हैं और कैश रिकवरी भी हुई है, साथ ही निवेशकों द्वारा पैसे निकालने में परेशानियों की कई शिकायतें भी सामने आई।
TLC Coin एक भरोसेमंद क्रिप्टो प्रोजेक्ट नहीं है। इसे ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में देखा गया है, जहाँ लोगों को हर महीने 5–6% या उससे ज्यादा कमाई का लालच दिया जाता था। यह एक ऐसी स्कीम थी जिसमें बड़े रिटर्न का वादा करके लोगों से पैसे लिए जाते थे, लेकिन असल में यह तरीका सुरक्षित या भरोसेमंद नहीं था।
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TLC Coin का मामला यह दिखाता है कि क्रिप्टो मार्केट में हाई रिटर्न के बड़े दावे अक्सर रिस्क भरे हो सकते हैं। इस प्रोजेक्ट में रीब्रांडिंग, रेफरल-बेस्ड कमाई और ट्रांसपेरेंसी की कमी जैसे कई रेड फ्लैग सामने आए हैं, जिनकी वजह से इसे सुरक्षित निवेश नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसियों की कार्रवाई, ₹200 करोड़ से ज्यादा के फ्रॉड का खुलासा और निवेशकों की शिकायतें यह सिग्नल देती हैं कि इसमें सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
ऐसे में निवेशकों को चाहिए कि किसी भी नए प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले पूरी रिसर्च करें, ऑफिशियल जानकारी वेरिफाई करें और केवल उतनी ही राशि निवेश करें, जिसे खोने का रिस्क वे उठा सकें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा होता है। किसी भी निर्णय से पहले अपनी रिसर्च और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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