क्रिप्टो और डिजिटल फाइनेंस की दुनिया में Japan एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाने जा रहा है। The Japan Times की रिपोर्ट्स अनुसार, Japan के बड़े फाइनेंशियल ग्रुप SBI Holdings और Startale Group ने मिलकर JPYSC नाम का Yen backed Stablecoin लॉन्च करने की घोषणा की है। यह जापान का पहला ऐसा स्टेबलकॉइन होगा जो Trust Bank द्वारा जारी किया जाएगा।
Source- The Japan Times
इसकी लॉन्चिंग Q2 2026 में होने की उम्मीद है। अब तक ज्यादातर स्टेबलकॉइन US Dollar पर आधारित होते हैं, जैसे USDT और USDC। JPYSC के आने से Japanese Yen यानी Japanese Currency को डिजिटल दुनिया में मजबूत जगह मिल सकती है।
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JPYSC एक Yen आधारित डिजिटल Stablecoin है, जिसका मूल्य Japanese Yen से जुड़ा रहेगा। इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसे एक लाइसेंस प्राप्त ट्रस्ट बैंक द्वारा जारी किया जा रहा है, जिसका मतलब है कि इसके पीछे वास्तविक येन रिजर्व मौजूद होंगे।
Startale Group इसकी टेक्निकल डेवलपमेंट संभालेगा, जबकि SBI VC Trade इसका मुख्य डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर होगा। यह स्टेबलकॉइन Blockchain Network और ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम दोनों के बीच आसानी से काम कर सकेगा।
SBI Holdings और Startale Group ने 27 फ़रवरी 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की। अभी यह प्रोजेक्ट रेगुलेटरी अप्रूवल के इंतजार में है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह 2026 के दुसरे क्वार्टर में लॉन्च हो हो सकता है।
कंपनियों का कहना है कि यह स्टेबलकॉइन इंस्टीट्यूशनल यूजर्स के लिए बनाया गया है। बड़े बैंक, कंपनियां और क्रॉस बॉर्डर पेमेंट्स में इसका इस्तेमाल होगा। भविष्य में AI Agents के बीच पेमेंट और On-chain एसेट डिस्ट्रीब्यूशन में भी इसकी भूमिका हो सकती है।
जापान Crypto और Stablecoin के लिए मजबूत और साफ नियम बनाने के लिए जाना जाता है। 2022-2023 में यहां Payment Services Act में बदलाव किए गए, जिससे फिएट-बैक्ड स्टेबलकॉइन को मान्यता मिली। JPYSC इसी फ्रेमवर्क के तहत लाया जाएगा। ट्रस्ट बैंक द्वारा जारी होने से इसमें ज्यादा पारदर्शिता और सुरक्षा होगी।
Japan के बड़े बैंकिंग ग्रुप्स जैसे Mitsubishi UFJ Financial Group, Sumitomo Mitsui Banking Corporation और Mizuho Financial Group, इन प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसके आने से Japanese Currency यानी Japanese Yen का ग्लोबल डिजिटल इस्तेमाल बढ़ेगा और Dollar पर निर्भरता कम हो सकती है।
अभी ग्लोबल स्टेबलकॉइन मार्केट का लगभग 90% हिस्सा US Dollar से जुड़ा है। इसमें Tether का USDT और Circle का USDC सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। अब नए Yen based Stablecoin JPYSC के आने से इस स्थिति में बदलाव आ सकता है।
Crypto Experts का मानना है कि इससे एशिया में लोकल करेंसी का उपयोग बढ़ सकता है। इससे companies और institutions को international payment के लिए हमेशा Dollar पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह उन देशों और कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो अपनी Local Currency को मजबूत करना चाहते हैं।
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JPYSC का शुरू होना Japan में डिजिटल करेंसी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे लोगों और संस्थाओं को नियमों के अनुसार ज्यादा सुरक्षित Yen Backed Stablecoin इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है। इससे उपयोग बढ़ सकता है और नए निवेश के मौके बन सकते हैं।
लेकिन इसकी सफलता सरकारी अनुमति, सही टेक्नोलॉजी, लोगों के भरोसे और असली उपयोग पर निर्भर करेगी।
Disclaimer- यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश, वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी और स्टेबलकॉइन से जुड़े निवेश में जोखिम शामिल होता है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी स्वयं की रिसर्च करें।
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