भारत के छोटे शहरों से बड़े सपने देखने वालों की कहानियां अक्सर प्रेरणा देती हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी भी होती हैं जो धीरे-धीरे एक रहस्य, विवाद और थ्रिलर में बदल जाती हैं। Trillioner Coin के फाउंडर Lavish Chaudhary की कहानी भी कुछ ऐसी ही है जहां शुरुआत एक साधारण जीवन से होती है, लेकिन अंत एक बड़े वित्तीय घोटाले और Interpol के नोटिस तक पहुंच जाता है। आइए जानते हैं Lavish Chaudhary के निजी जीवन से जुड़ी वो बातें जिनके बारे में शायद ही कोई जानता होगा?
उत्तर प्रदेश के शामली-मुजफ्फरनगर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले Lavish Chaudhary का शुरुआती जीवन आम युवाओं की तरह ही बताया जाता है। Lavish Chaudhary की पत्नी, परिवार और पर्सनल लाइफ के बारे में ज्यादा पुख्ता जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। लेकिन इतना जरूर है कि उन्होंने कम उम्र में ही पैसा और लग्जरी लाइफस्टाइल पाने का सपना देख लिया था। धीरे-धीरे उनका झुकाव फाइनेंस, नेटवर्क मार्केटिंग और बाद में फॉरेक्स और क्रिप्टो जैसे सेक्टर की ओर बढ़ा। यही वह मोड़ था जहां उनकी कहानी ने रफ्तार पकड़ी।
Lavish Chaudhary ने “QFX Trade Limited” और बाद में “TLC Coin” जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए खुद को एक सफल बिजनेसमैन और क्रिप्टो एंटरप्रेन्योर के रूप में पेश किया। उनका मॉडल बेहद आकर्षक था जिसमें लोगों को निवेश पर भारी रिटर्न का वादा, रेफरल सिस्टम और तेजी से पैसा बढ़ाने के सपने दिखाते थे। शुरुआत में कई लोगों को रिटर्न भी मिला, जिससे भरोसा और तेजी से बढ़ा। सोशल मीडिया, खासकर Instagram के जरिए उन्होंने खुद की एक हाई-प्रोफाइल इमेज बनाई महंगी गाड़ियां, विदेश यात्राएं और लग्जरी लाइफ दिखाकर उन्होंने लोगों का भरोसा जीता।
जैसे-जैसे निवेशकों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे पैसों का फ्लो भी बढ़ा। लेकिन कुछ समय बाद लोगों को रिटर्न मिलने में दिक्कतें आने लगीं। यहीं से कहानी में ट्विस्ट आया। लोगों ने आरोप लगाना शुरू किया कि यह एक बड़ा Ponzi या मल्टी-लेवल फ्रॉड हो सकता है। धीरे-धीरे हजारों लोगों की शिकायतें सामने आने लगीं और मामला करोड़ों से बढ़कर हजारों करोड़ तक पहुंच गया।
जांच एजेंसियों ने जब इस मामले को गंभीरता से लिया, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।बताया गया कि फर्जी अकाउंट्स, शेल कंपनियों और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन के जरिए पैसों को देश से बाहर भेजा गया। Enforcement Directorate (ED) और STF जैसी एजेंसियां इस केस में सक्रिय हुईं। कई बैंक अकाउंट्स फ्रीज किए गए और करीब 170 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
जैसे-जैसे जांच तेज हुई, TLC Coin Owner देश छोड़कर फरार हो गया। बताया जाता है कि वह विदेश में छिपा हुआ है और उसे भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस तक जारी किया गया। यह मामला अब सिर्फ एक फ्रॉड केस नहीं, बल्कि इंटरनेशनल फाइनेंशियल क्राइम बन चुका है, जिस पर विदेश मंत्रालय तक नजर रखे हुए है।
एक समय ऐसा था जब Lavish Choudhary खुद को करोड़ों की कमाई करने वाला बिजनेसमैन बताते थे। सोशल मीडिया पर उनकी लाइफस्टाइल देखकर यह अंदाजा लगाया जाता था कि उनकी मासिक आय लाखों से करोड़ों तक हो सकती है। लेकिन आज वही नाम हजारों करोड़ के कथित घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है।
यूँ तो TLC Coin Owner की वर्तमान स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वे दुबई से अपने बिजनेस नेटवर्क को ओपरेट कर रहे थे और कुछ मामलों में एजेंसी द्वारा जांच भी की गई। हालांकि इन मामलों से जुड़ी सभी जानकारी आधिकारिक अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करती है।
TLC Coin, जिसे Trillioner Coin के नाम से भी जाना जाता था, एक डिजिटल फाइनेंस प्लेटफॉर्म था। इसे पुराने बैंकिंग सिस्टम और नई ब्लॉकचेन तकनीक के बीच एक कनेक्शन बनाने के लिए पेश किया गया था। इसके प्रमोशन में डिजिटल वॉलेट, ऑनलाइन पेमेंट, निवेश पर रिटर्न और नई तरह की फाइनेंस सेवाओं जैसे फीचर्स को प्रमुखता से दिखाया गया। बाद में इसे नया नाम देकर LegacyX (LX) या TLC 2.0 के रूप में पेश किया गया। हालांकि कुछ मीडिया और जांच एजेंसियों ने निवेश से जुड़ी गड़बड़ियों के दावे भी किए।
यूँ तो इसके बंद होने की कोई एक आधिकारिक वजह सामने नहीं आई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पारदर्शिता की कमी, निवेशकों का भरोसा घटना और विवादों के कारण इसकी लोकप्रियता धीरे-धीरे कम हो गई। जैसे-जैसे यूजर्स का विश्वास घटता गया, प्रोजेक्ट की गतिविधियां धीमी पड़ती गईं और अंत में TLC Coin के साथ-साथ TLC Coin Owner भी मार्केट से गायब हो गया।
Lavish Chaudhary की कहानी एक ऐसी अधूरी फिल्म की तरह है, जिसका क्लाइमेक्स अभी बाकी है। एक समय पर वह नाम था सपनों, सफलता और लग्जरी लाइफस्टाइल का, लेकिन आज वही कहानी सवालों, जांच और विवादों के घेरे में खड़ी है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के भरोसे की कहानी भी है, जिन्होंने बड़े रिटर्न के सपने में निवेश किया। आखिर में यह कहानी हमें यही सिखाती है जहां मुनाफा बहुत ज्यादा दिखे, वहां जोखिम भी उतना ही बड़ा हो सकता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्रोतों और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
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