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List of FIU Registered Crypto Exchanges in India: 2026 तक अपडेटेड

Hindi News Writer
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List of FIU Registered Crypto Exchanges in India
List of FIU Registered Crypto Exchanges in India

मान लीजिए आप पहली बार क्रिप्टो खरीदने जा रहे हैं और एक ऐप के होमपेज पर बड़े अक्षरों में लिखा है "FIU Registered"। ज़्यादातर लोग इसे पढ़कर मान लेते हैं कि सरकार ने प्लेटफ़ॉर्म को जाँचकर हरी झंडी दे दी है, इसलिए पैसा सुरक्षित रहेगा। सच्चाई इससे थोड़ी अलग है, और यही फ़र्क कई बार नुकसान और फ़ायदे के बीच की रेखा बन जाता है।

इस ब्लॉग में हम List of FIU Registered Crypto Exchanges को 2026 के ताज़ा आँकड़ों के साथ समझेंगे। संक्षिप्त जवाब यह है कि March 2026 तक FIU-IND के पास 54 वीडीए सर्विस प्रोवाइडर रजिस्टर्ड थे। इनमें 47 भारत की एंटिटीज़ हैं और 7 ऑफ़शोर हैं। 

यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री ने 30 March 2026 को Lok Sabha में दी थी, और इस ब्लॉग के लिखे जाने तक यही सबसे ताज़ा आधिकारिक आँकड़ा है। CoinDCX, CoinSwitch, WazirX, ZebPay, Mudrex, Giottus और Unocoin इसी सूची में आते हैं। Binance, KuCoin और Bybit भी इसमें हैं, पर उनकी रजिस्टर्ड एंटिटीज़ भारत के बाहर की हैं। इस संख्या के पीछे कई बारीकियाँ हैं, इसलिए सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि FIU रजिस्ट्रेशन का असल मतलब क्या है।

FIU Registered Crypto Exchange क्या होता है?

FIU का पूरा नाम Financial Intelligence Unit-India (FIU-IND) है। यह भारत सरकार की वह एजेंसी है जो Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत संदिग्ध और बड़े वित्तीय ट्रांज़ैक्शन पर नज़र रखती है। बैंक, ब्रोकर और दूसरी वित्तीय कंपनियाँ इसे रिपोर्ट देती हैं, और क्रिप्टो एक्सचेंज भी अब इसी दायरे में आते हैं।

PMLA के तहत क्रिप्टो एक्सचेंज को "Virtual Digital Asset Service Provider" यानी वीडीए सर्विस प्रोवाइडर माना जाता है। इसके लिए FIU-IND में रिपोर्टिंग एंटिटी के तौर पर रजिस्टर होना ज़रूरी है, और रजिस्टर होने के बाद एक्सचेंज को ये काम करने पड़ते हैं:

  • कस्टमर की केवाईसी और ड्यू डिलिजेंस: यूज़र का आईडी वेरिफ़ाई करना। जैसे, आपका पैन और आधार जमा कराए बिना कोई रजिस्टर्ड एक्सचेंज आपका अकाउंट चालू नहीं करता।

  • रिकॉर्ड्स सुरक्षित रखना: हर ट्रांज़ैक्शन का डेटा संभालकर रखना, ताकि जाँच के वक़्त वह उपलब्ध हो।

  • संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्ट: अगर किसी अकाउंट से अचानक करोड़ों का लेन-देन होने लगे और उसका कोई साफ़ सोर्स न दिखे, तो एक्सचेंज को इसकी जानकारी FIU-IND को देनी होती है।

  • एएमएल और सीएफ़टी नियमों का पालन: मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फ़ंडिंग रोकने के लिए तय रूल्स मानना।

यह नियम ऑफ़शोर और ऑनशोर, दोनों तरह के प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होता है। इन ज़िम्मेदारियों का इस बात से कोई लेना-देना नहीं कि कंपनी का ऑफ़िस भारत में है या नहीं। जो प्लेटफ़ॉर्म भारत के लोगों को सर्विस देता है, उसे रजिस्टर होना होगा।

अब वह बात जो ज़्यादातर लोग गलत समझते हैं: FIU रजिस्ट्रेशन कोई लाइसेंस या सरकारी अप्रूवल नहीं है। भारत में क्रिप्टो के लिए कोई लाइसेंसिंग सिस्टम है ही नहीं। 

FIU-IND ने ख़ुद कहा है कि रजिस्टर्ड एक्सचेंजों की पब्लिक लिस्ट छापने से लोगों को लग सकता है कि इन्हें सरकार की मंज़ूरी या सुरक्षा मिली हुई है। यानी रजिस्ट्रेशन का मतलब सिर्फ़ इतना है कि एक्सचेंज एएमएल नियमों के दायरे में आता है। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि आपका पैसा सुरक्षित है। यह बुनियाद समझ लेने के बाद अब देखते हैं कि वह सूची असल में कैसी दिखती है।

List of FIU Registered Crypto Exchanges: पूरी सूची

सबसे पहले एक अजीब बात: FIU-IND कोई पब्लिक रजिस्टर छापता ही नहीं। इसलिए Lok Sabha के जवाब (USQ 5805) का Annexure I ही एंटिटी-लेवल सूची का एकमात्र आधिकारिक सोर्स है। नीचे की टेबल उसी सूची से ली गई है, जो 9 March 2026 तक की स्थिति बताती है।

भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज और प्लेटफ़ॉर्म (प्रमुख)

Exchange / Brand

Registered Entity

CoinDCX

Neblio Technologies Pvt Ltd

CoinSwitch

Bitcipher Labs LLP

CoinSwitchX

Nextgendev Solutions Pvt Ltd

WazirX

Zanmai Labs Pvt Ltd

ZebPay

Awlencan Innovations India Ltd

Mudrex

RPFAS Technologies Pvt Ltd

Giottus

Giottus Technologies Pvt Ltd

Unocoin

Unocoin Technologies Pvt Ltd

Bitbns

Bitbns Internet Pvt Ltd

BuyUcoin

IBLOCK Technologies Pvt Ltd

Delta Exchange

Excelium Technologies Pvt Ltd

Pi42

Lightningnodes Technologies Pvt Ltd

KoinBX

Kooz Advisors and Technologies Pvt Ltd

SunCrypto

Angelic Infotech Pvt Ltd

Onramp

Buyhatke Internet Pvt Ltd

Coinbase

Coinbase India Pvt Ltd

इनके अलावा सूची में Flitpay, Onmeta, Alpyne, ANQ Finance, ArthBit, Carret, Stable Pay, Liminal, Getbit, Pyor, Fanztar और कुछ और छोटे प्लेटफ़ॉर्म भी हैं। ध्यान दें कि टेबल में एक ही ब्रांड के दो नाम दिख सकते हैं, क्योंकि ब्रांड का नाम और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कंपनी का नाम अक्सर अलग होता है। जैसे, आप जिसे CoinDCX के नाम से जानते हैं, वह रिकॉर्ड में Neblio Technologies Pvt Ltd के नाम से दर्ज है। इसके बाद बारी आती है उन एंटिटीज़ की जो भारत के बाहर बनी हैं।

ऑफ़शोर एंटिटीज़ (7)

Brand

Registered Entity

Country

Binance

Nest Services Limited (पहले Binance International Limited)

Seychelles

KuCoin

Peken Global Limited

Seychelles

Bybit

Bybit Fintech Limited

Seychelles

Rario

Digital Collectibles Pte. Ltd.

Singapore

eXchange1

UAB Web 3 Utility Platform

Lithuania

Blockoville

Blockoville OU

Estonia

(कोई ट्रेड नेम नहीं)

FanCraze Technologies Inc.

Delaware, USA

इसका मतलब है कि Binance, KuCoin और Bybit जैसे बड़े नाम भी रजिस्ट्रेशन के दायरे में आ चुके हैं, भले ही उनकी रजिस्टर्ड कंपनी सेशेल्स में हो। अब सवाल उठता है कि क्या 54 की यह संख्या वाक़ई बताती है कि भारत में 54 एक्सचेंज चालू हैं।

54 का आँकड़ा पूरी तस्वीर नहीं बताता

Annexure के फ़ुटनोट्स पढ़ें तो तस्वीर बदल जाती है। 54 में से 9 एंटिटीज़ ने ख़ुद बताया है कि वे चालू नहीं हैं या बंद हो चुकी हैं, जिनमें Transak, Coindhan, Valr और Density Exchange जैसे नाम हैं। 3 एंटिटीज़ "conditionally on-boarded" हैं, यानी BitDelta, PLATINX और Parracrypto। बाक़ी 42 पर कोई फ़्लैग नहीं है। इसलिए एक्टिव एक्सचेंजों की असली संख्या 54 से कम है, और इसका सटीक आँकड़ा कोई आधिकारिक सोर्स नहीं देता। इस आँकड़े का रुझान समझने के लिए यह भी देखना ज़रूरी है कि सूची पिछले कुछ सालों में कैसे बढ़ी है।

FIU Registered Crypto Exchanges: लिस्ट कैसे बदली है

आधिकारिक आँकड़े इस तरह रहे हैं:

  • 28 December 2023 को 31

  • 31 March 2025 को 49

  • 1 October 2025 को 50

  • 9 March 2026 को 54

सूची हर साल बढ़ी है, पर यह बढ़त इस बात का संकेत भी है कि FIU-IND का दबाव लगातार बना हुआ है, क्योंकि जिन प्लेटफ़ॉर्म्स को नोटिस मिले, उनमें से कई ने बाद में रजिस्ट्रेशन लिया। इसी वजह से इस सूची को पढ़ते वक़्त कुछ सीमाएँ याद रखना ज़रूरी है।

FIU Registered Crypto Exchanges: लिस्ट की सीमाएँ

  • ताज़ा आँकड़े की कमी: 9 March 2026 के बाद का कोई आधिकारिक काउंट 26 October 2026 तक नहीं मिला। इसलिए "mid-2026 में 54" जैसे दावे असल में March के आँकड़े पर बाद की तारीख़ चिपकाना हैं।

  • नाम न होने का मतलब: किसी एक्सचेंज का नाम सूची में न होना यह साबित नहीं करता कि वह unregistered है, क्योंकि हो सकता है उसने March 2026 के बाद रजिस्ट्रेशन लिया हो।

  • अधूरी जानकारी: Annexure में रजिस्ट्रेशन की तारीख़ और एक्टिविटी का टाइप नहीं दिया गया है।

  • कैसे चेक करें: अगर कोई कंपनी ख़ुद को "FIU registered" बताए, तो उससे रजिस्टर्ड लीगल एंटिटी का नाम और FIU-IND का रिपोर्टिंग एंटिटी आईडी माँगिए, और फिर उसे Annexure I से मिलाइए।

सूची की सीमाएँ समझने के बाद यह जानना भी उतना ही काम का है कि कौन-से प्लेटफ़ॉर्म इस सूची से बाहर हैं।

जो प्लेटफ़ॉर्म्स इस लिस्ट में नहीं हैं

9 September 2026 को FIU-IND ने 15 प्लेटफ़ॉर्म्स को Section 13 के तहत नॉन-कम्प्लायंस नोटिस दिए। ये हैं Weex, Blofin, Rezorex, Bitunix, DigiFinex, Toobit, XT.com, Latoken, WOO X, Pionex, ChangeNow, SimpleSwap, FixedFloat, WhiteBIT और Guardarian। इनमें से कोई भी Annexure I में नहीं है। जिन प्लेटफ़ॉर्म्स पर इस तरह की कार्रवाई हुई है, उनमें पैसा लगाने से पहले अतिरिक्त सावधानी रखना ही समझदारी है। यहीं से यह सवाल सीधा सामने आता है कि इन सबके बीच आपको रजिस्टर्ड एक्सचेंज ही क्यों चुनना चाहिए।

भारत में FIU Registered Crypto Exchange ही क्यों चुने?

रजिस्ट्रेशन गारंटी नहीं है, लेकिन कुछ ठोस फ़ायदे ज़रूर देता है, और उन्हें एक-एक करके देखना ठीक रहेगा:

  • केवाईसी और एएमएल का ढाँचा: रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर केवाईसी ज़रूरी है और संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्टिंग होती है। इससे फ़्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का जोखिम कम होता है। जैसे, किसी चोरी के फ़ंड का इस्तेमाल करके कोई आपके साथ P2P ट्रेड करे, तो ऐसे पैटर्न पकड़ने के सिस्टम यहाँ मौजूद होते हैं।

  • लीगल एंटिटी की पहचान: ऐसे एक्सचेंज के पीछे एक रजिस्टर्ड कानूनी कंपनी होती है, इसलिए शिकायत की स्थिति में आपके पास एक जवाबदेह नाम और पता होता है, जिससे आप आगे बढ़ सकते हैं।

  • कार्रवाई का कम जोखिम: FIU-IND ने unregistered प्लेटफ़ॉर्म्स के ऐप और यूआरएल के टेकडाउन के निर्देश दिए हैं, और Bybit पर unregistered काम करने के लिए जुर्माना भी लगा था। ऐसे में unregistered प्लेटफ़ॉर्म पर आपका अकाउंट या विड्रॉल कभी भी अटक सकता है। मान लीजिए आपने किसी ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर 50,000 रुपये रखे हैं और उसका ऐप अचानक ब्लॉक हो जाए, तो पैसा निकालने का रास्ता मुश्किल हो सकता है।

  • आईएनआर डिपॉज़िट आसान: ज़्यादातर भारतीय रजिस्टर्ड एक्सचेंज यूपीआई और बैंक ट्रांसफ़र से आईएनआर डिपॉज़िट देते हैं, जिससे बैंकिंग का झंझट कम रहता है।

  • टैक्स कम्प्लायंस में सुविधा: रजिस्टर्ड एक्सचेंज के रिकॉर्ड्स से 30% क्रिप्टो टैक्स और 1% टीडीएस का हिसाब रखना आसान होता है, और ITR भरते वक़्त आपके पास पूरा ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री तैयार मिलती है।

अब वह बात जो इस पूरे ब्लॉग में सबसे ज़्यादा याद रखने लायक है। FIU रजिस्ट्रेशन का मतलब यह नहीं कि एक्सचेंज सुरक्षित है या आपका पैसा इंश्योर्ड है। FIU-IND ने ख़ुद दोहराया है कि क्रिप्टो प्रोडक्ट्स unregulated हैं, बहुत जोखिम भरे हो सकते हैं, और नुकसान होने पर कोई regulatory recourse नहीं मिल सकता। 

WazirX का 2024 का हैक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, क्योंकि वह भी रजिस्टर्ड प्लेटफ़ॉर्म था। इसलिए एक्सचेंज चुनते समय रजिस्ट्रेशन को पहला फ़िल्टर मानिए, आख़िरी फ़ैसला नहीं। उसके साथ उसका ट्रैक रिकॉर्ड, सिक्योरिटी, proof of reserves और कस्टमर सपोर्ट भी जाँचिए। और क्रिप्टो में उतना ही पैसा लगाइए जितना खोने पर भी आपकी ज़िंदगी की रफ़्तार न रुके।

Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट एडवाइस नहीं है। किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FIU Registered Crypto Exchange वह क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म होता है जो Financial Intelligence Unit-India (FIU-IND) के पास Virtual Digital Asset (VDA) Service Provider के रूप में रजिस्टर्ड होता है। ऐसे एक्सचेंज को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत KYC, AML नियमों और संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्टिंग जैसी ज़िम्मेदारियाँ निभानी होती हैं।

March 2026 तक FIU-IND के पास कुल 54 Virtual Digital Asset Service Providers रजिस्टर्ड थे। इनमें 47 भारतीय एंटिटीज़ और 7 ऑफ़शोर एंटिटीज़ शामिल थीं। यह आँकड़ा वित्त राज्य मंत्री ने 30 March 2026 को Lok Sabha में साझा किया था।

FIU-IND अपनी वेबसाइट पर अलग से कोई सार्वजनिक एक्सचेंज रजिस्टर प्रकाशित नहीं करता है। FIU Registered Crypto Exchanges की आधिकारिक एंटिटी-लेवल सूची Lok Sabha के सवाल USQ 5805 के Annexure I में उपलब्ध है। यह सूची 9 March 2026 तक की स्थिति बताती है और इसमें भारतीय तथा विदेशी दोनों तरह की रजिस्टर्ड एंटिटीज़ शामिल हैं।

भारत के प्रमुख FIU Registered Crypto Exchanges में CoinDCX, CoinSwitch, WazirX, ZebPay, Mudrex, Giottus, Unocoin, Bitbns, BuyUcoin, Delta Exchange, Pi42, KoinBX, SunCrypto, Onramp और Coinbase शामिल हैं। इनके सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कानूनी कंपनियों के नाम ब्रांड नामों से अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, CoinDCX की रजिस्टर्ड एंटिटी Neblio Technologies Pvt Ltd है।

हाँ, Binance, KuCoin और Bybit की संबंधित विदेशी एंटिटीज़ FIU-IND के पास रजिस्टर्ड हैं। Binance की रजिस्टर्ड एंटिटी Nest Services Limited, KuCoin की Peken Global Limited और Bybit की Bybit Fintech Limited है। ये एंटिटीज़ क्रमशः Seychelles में रजिस्टर्ड हैं।

FIU Registered Crypto Exchanges को ग्राहकों की KYC और Due Diligence करनी होती है, ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होते हैं और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की रिपोर्ट FIU-IND को देनी होती है। इसके अलावा उन्हें Anti-Money Laundering (AML) और Combating the Financing of Terrorism (CFT) नियमों का पालन करना पड़ता है। ये ज़िम्मेदारियाँ भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होती हैं जो भारत में सेवाएँ देते हैं।

नहीं, FIU Registration को सरकारी लाइसेंस, अप्रूवल या सुरक्षा की गारंटी नहीं समझना चाहिए। इसका मतलब केवल इतना है कि एक्सचेंज PMLA के तहत AML और CFT नियमों के दायरे में आता है और उसे रिपोर्टिंग एंटिटी की ज़िम्मेदारियाँ निभानी होती हैं। FIU Registration आपके निवेश या क्रिप्टो होल्डिंग्स की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।

FIU Registration होने से आपके पैसे की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। रजिस्टर्ड एक्सचेंज को KYC, AML और संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन रिपोर्टिंग जैसे नियम मानने होते हैं, लेकिन इससे हैकिंग, धोखाधड़ी या फंड लॉस का जोखिम खत्म नहीं होता। WazirX का 2024 का हैक इसका उदाहरण है। इसलिए एक्सचेंज चुनने से पहले उसका सिक्योरिटी ट्रैक रिकॉर्ड, Proof of Reserves और कस्टमर सपोर्ट भी जाँचना चाहिए।

54 रजिस्टर्ड एंटिटीज़ में से 9 ने बताया था कि वे चालू नहीं हैं या बंद हो चुकी हैं, जबकि 3 एंटिटीज़ को Conditionally On-boarded के रूप में दर्ज किया गया था। बाकी 42 एंटिटीज़ पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं थी। इसलिए वास्तव में एक्टिव एक्सचेंजों की संख्या 54 से कम हो सकती है, लेकिन इसका सटीक आधिकारिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है।

भारत में FIU Registered Virtual Digital Asset Service Providers की संख्या लगातार बढ़ी है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 28 December 2023 को 31, 31 March 2025 को 49, 1 October 2025 को 50 और 9 March 2026 को 54 एंटिटीज़ रजिस्टर्ड थीं। यह वृद्धि भारत में क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स पर AML और FIU Compliance की बढ़ती अहमियत को दर्शाती है।

किसी क्रिप्टो एक्सचेंज का FIU Registration चेक करने के लिए सबसे पहले उससे उसकी रजिस्टर्ड लीगल एंटिटी का नाम और FIU-IND Reporting Entity ID माँगें। इसके बाद उस जानकारी को Lok Sabha के USQ 5805 के Annexure I में दी गई आधिकारिक सूची से मिलाएँ। केवल ऐप या वेबसाइट पर FIU Registered का लोगो देखकर किसी प्लेटफ़ॉर्म पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

9 September 2026 को FIU-IND ने 15 क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स को Section 13 के तहत नॉन-कम्प्लायंस नोटिस जारी किए थे। इनमें Weex, Blofin, Rezorex, Bitunix, DigiFinex, Toobit, XT.com, Latoken, WOO X, Pionex, ChangeNow, SimpleSwap, FixedFloat, WhiteBIT और Guardarian शामिल हैं। ये प्लेटफ़ॉर्म 9 March 2026 की आधिकारिक Annexure I सूची में मौजूद नहीं थे।

FIU Registered Crypto Exchange पर KYC, AML Compliance और संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्टिंग जैसी प्रक्रियाएँ लागू होती हैं। इससे एक्सचेंज के पीछे मौजूद कानूनी कंपनी की पहचान करना, शिकायत दर्ज करना और टैक्स के लिए ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड रखना आसान हो सकता है। कई भारतीय रजिस्टर्ड एक्सचेंज UPI और बैंक ट्रांसफ़र के ज़रिए INR Deposit की सुविधा भी देते हैं। हालाँकि, रजिस्ट्रेशन फंड की सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

भारत में लागू क्रिप्टो टैक्स नियमों के तहत Virtual Digital Assets से होने वाली आय पर 30% टैक्स और निर्धारित ट्रांज़ैक्शन पर 1% TDS लागू होता है। FIU Registered Exchanges पर उपलब्ध ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री और रिकॉर्ड्स से टैक्स की गणना और ITR फाइल करना आसान हो सकता है। हालांकि, FIU Registration अपने आप में टैक्स छूट या विशेष टैक्स लाभ नहीं देता।

नहीं, किसी एक्सचेंज का नाम FIU Registered List में नहीं होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह Unregistered है। हो सकता है कि उस प्लेटफ़ॉर्म ने 9 March 2026 के बाद रजिस्ट्रेशन लिया हो, क्योंकि उपलब्ध Annexure उस तारीख़ तक की स्थिति बताता है। इसलिए किसी एक्सचेंज का मौजूदा स्टेटस जानने के लिए उसकी कानूनी एंटिटी और Reporting Entity ID की पुष्टि करना ज़रूरी है।

Crypto Exchange चुनते समय FIU Registration के साथ उसका सिक्योरिटी ट्रैक रिकॉर्ड, Proof of Reserves, कस्टमर सपोर्ट और फंड विड्रॉल की विश्वसनीयता भी जाँचनी चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि प्लेटफ़ॉर्म की कानूनी एंटिटी स्पष्ट है या नहीं और INR Deposit तथा Withdrawal की सुविधाएँ कैसी हैं। FIU Registration को शुरुआती फ़िल्टर मानें, निवेश की सुरक्षा की अंतिम गारंटी नहीं।