List of FIU Registered Crypto Exchanges in India: 2026 तक अपडेटेड
मान लीजिए आप पहली बार क्रिप्टो खरीदने जा रहे हैं और एक ऐप के होमपेज पर बड़े अक्षरों में लिखा है "FIU Registered"। ज़्यादातर लोग इसे पढ़कर मान लेते हैं कि सरकार ने प्लेटफ़ॉर्म को जाँचकर हरी झंडी दे दी है, इसलिए पैसा सुरक्षित रहेगा। सच्चाई इससे थोड़ी अलग है, और यही फ़र्क कई बार नुकसान और फ़ायदे के बीच की रेखा बन जाता है।
इस ब्लॉग में हम List of FIU Registered Crypto Exchanges को 2026 के ताज़ा आँकड़ों के साथ समझेंगे। संक्षिप्त जवाब यह है कि March 2026 तक FIU-IND के पास 54 वीडीए सर्विस प्रोवाइडर रजिस्टर्ड थे। इनमें 47 भारत की एंटिटीज़ हैं और 7 ऑफ़शोर हैं।
यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री ने 30 March 2026 को Lok Sabha में दी थी, और इस ब्लॉग के लिखे जाने तक यही सबसे ताज़ा आधिकारिक आँकड़ा है। CoinDCX, CoinSwitch, WazirX, ZebPay, Mudrex, Giottus और Unocoin इसी सूची में आते हैं। Binance, KuCoin और Bybit भी इसमें हैं, पर उनकी रजिस्टर्ड एंटिटीज़ भारत के बाहर की हैं। इस संख्या के पीछे कई बारीकियाँ हैं, इसलिए सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि FIU रजिस्ट्रेशन का असल मतलब क्या है।
FIU Registered Crypto Exchange क्या होता है?
FIU का पूरा नाम Financial Intelligence Unit-India (FIU-IND) है। यह भारत सरकार की वह एजेंसी है जो Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत संदिग्ध और बड़े वित्तीय ट्रांज़ैक्शन पर नज़र रखती है। बैंक, ब्रोकर और दूसरी वित्तीय कंपनियाँ इसे रिपोर्ट देती हैं, और क्रिप्टो एक्सचेंज भी अब इसी दायरे में आते हैं।
PMLA के तहत क्रिप्टो एक्सचेंज को "Virtual Digital Asset Service Provider" यानी वीडीए सर्विस प्रोवाइडर माना जाता है। इसके लिए FIU-IND में रिपोर्टिंग एंटिटी के तौर पर रजिस्टर होना ज़रूरी है, और रजिस्टर होने के बाद एक्सचेंज को ये काम करने पड़ते हैं:
कस्टमर की केवाईसी और ड्यू डिलिजेंस: यूज़र का आईडी वेरिफ़ाई करना। जैसे, आपका पैन और आधार जमा कराए बिना कोई रजिस्टर्ड एक्सचेंज आपका अकाउंट चालू नहीं करता।
रिकॉर्ड्स सुरक्षित रखना: हर ट्रांज़ैक्शन का डेटा संभालकर रखना, ताकि जाँच के वक़्त वह उपलब्ध हो।
संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्ट: अगर किसी अकाउंट से अचानक करोड़ों का लेन-देन होने लगे और उसका कोई साफ़ सोर्स न दिखे, तो एक्सचेंज को इसकी जानकारी FIU-IND को देनी होती है।
एएमएल और सीएफ़टी नियमों का पालन: मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फ़ंडिंग रोकने के लिए तय रूल्स मानना।
यह नियम ऑफ़शोर और ऑनशोर, दोनों तरह के प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होता है। इन ज़िम्मेदारियों का इस बात से कोई लेना-देना नहीं कि कंपनी का ऑफ़िस भारत में है या नहीं। जो प्लेटफ़ॉर्म भारत के लोगों को सर्विस देता है, उसे रजिस्टर होना होगा।
अब वह बात जो ज़्यादातर लोग गलत समझते हैं: FIU रजिस्ट्रेशन कोई लाइसेंस या सरकारी अप्रूवल नहीं है। भारत में क्रिप्टो के लिए कोई लाइसेंसिंग सिस्टम है ही नहीं।
FIU-IND ने ख़ुद कहा है कि रजिस्टर्ड एक्सचेंजों की पब्लिक लिस्ट छापने से लोगों को लग सकता है कि इन्हें सरकार की मंज़ूरी या सुरक्षा मिली हुई है। यानी रजिस्ट्रेशन का मतलब सिर्फ़ इतना है कि एक्सचेंज एएमएल नियमों के दायरे में आता है। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि आपका पैसा सुरक्षित है। यह बुनियाद समझ लेने के बाद अब देखते हैं कि वह सूची असल में कैसी दिखती है।
List of FIU Registered Crypto Exchanges: पूरी सूची
सबसे पहले एक अजीब बात: FIU-IND कोई पब्लिक रजिस्टर छापता ही नहीं। इसलिए Lok Sabha के जवाब (USQ 5805) का Annexure I ही एंटिटी-लेवल सूची का एकमात्र आधिकारिक सोर्स है। नीचे की टेबल उसी सूची से ली गई है, जो 9 March 2026 तक की स्थिति बताती है।
भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज और प्लेटफ़ॉर्म (प्रमुख)
इनके अलावा सूची में Flitpay, Onmeta, Alpyne, ANQ Finance, ArthBit, Carret, Stable Pay, Liminal, Getbit, Pyor, Fanztar और कुछ और छोटे प्लेटफ़ॉर्म भी हैं। ध्यान दें कि टेबल में एक ही ब्रांड के दो नाम दिख सकते हैं, क्योंकि ब्रांड का नाम और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कंपनी का नाम अक्सर अलग होता है। जैसे, आप जिसे CoinDCX के नाम से जानते हैं, वह रिकॉर्ड में Neblio Technologies Pvt Ltd के नाम से दर्ज है। इसके बाद बारी आती है उन एंटिटीज़ की जो भारत के बाहर बनी हैं।
ऑफ़शोर एंटिटीज़ (7)
इसका मतलब है कि Binance, KuCoin और Bybit जैसे बड़े नाम भी रजिस्ट्रेशन के दायरे में आ चुके हैं, भले ही उनकी रजिस्टर्ड कंपनी सेशेल्स में हो। अब सवाल उठता है कि क्या 54 की यह संख्या वाक़ई बताती है कि भारत में 54 एक्सचेंज चालू हैं।
54 का आँकड़ा पूरी तस्वीर नहीं बताता
Annexure के फ़ुटनोट्स पढ़ें तो तस्वीर बदल जाती है। 54 में से 9 एंटिटीज़ ने ख़ुद बताया है कि वे चालू नहीं हैं या बंद हो चुकी हैं, जिनमें Transak, Coindhan, Valr और Density Exchange जैसे नाम हैं। 3 एंटिटीज़ "conditionally on-boarded" हैं, यानी BitDelta, PLATINX और Parracrypto। बाक़ी 42 पर कोई फ़्लैग नहीं है। इसलिए एक्टिव एक्सचेंजों की असली संख्या 54 से कम है, और इसका सटीक आँकड़ा कोई आधिकारिक सोर्स नहीं देता। इस आँकड़े का रुझान समझने के लिए यह भी देखना ज़रूरी है कि सूची पिछले कुछ सालों में कैसे बढ़ी है।
FIU Registered Crypto Exchanges: लिस्ट कैसे बदली है
आधिकारिक आँकड़े इस तरह रहे हैं:
28 December 2023 को 31
31 March 2025 को 49
1 October 2025 को 50
9 March 2026 को 54
सूची हर साल बढ़ी है, पर यह बढ़त इस बात का संकेत भी है कि FIU-IND का दबाव लगातार बना हुआ है, क्योंकि जिन प्लेटफ़ॉर्म्स को नोटिस मिले, उनमें से कई ने बाद में रजिस्ट्रेशन लिया। इसी वजह से इस सूची को पढ़ते वक़्त कुछ सीमाएँ याद रखना ज़रूरी है।
FIU Registered Crypto Exchanges: लिस्ट की सीमाएँ
ताज़ा आँकड़े की कमी: 9 March 2026 के बाद का कोई आधिकारिक काउंट 26 October 2026 तक नहीं मिला। इसलिए "mid-2026 में 54" जैसे दावे असल में March के आँकड़े पर बाद की तारीख़ चिपकाना हैं।
नाम न होने का मतलब: किसी एक्सचेंज का नाम सूची में न होना यह साबित नहीं करता कि वह unregistered है, क्योंकि हो सकता है उसने March 2026 के बाद रजिस्ट्रेशन लिया हो।
अधूरी जानकारी: Annexure में रजिस्ट्रेशन की तारीख़ और एक्टिविटी का टाइप नहीं दिया गया है।
कैसे चेक करें: अगर कोई कंपनी ख़ुद को "FIU registered" बताए, तो उससे रजिस्टर्ड लीगल एंटिटी का नाम और FIU-IND का रिपोर्टिंग एंटिटी आईडी माँगिए, और फिर उसे Annexure I से मिलाइए।
सूची की सीमाएँ समझने के बाद यह जानना भी उतना ही काम का है कि कौन-से प्लेटफ़ॉर्म इस सूची से बाहर हैं।
जो प्लेटफ़ॉर्म्स इस लिस्ट में नहीं हैं
9 September 2026 को FIU-IND ने 15 प्लेटफ़ॉर्म्स को Section 13 के तहत नॉन-कम्प्लायंस नोटिस दिए। ये हैं Weex, Blofin, Rezorex, Bitunix, DigiFinex, Toobit, XT.com, Latoken, WOO X, Pionex, ChangeNow, SimpleSwap, FixedFloat, WhiteBIT और Guardarian। इनमें से कोई भी Annexure I में नहीं है। जिन प्लेटफ़ॉर्म्स पर इस तरह की कार्रवाई हुई है, उनमें पैसा लगाने से पहले अतिरिक्त सावधानी रखना ही समझदारी है। यहीं से यह सवाल सीधा सामने आता है कि इन सबके बीच आपको रजिस्टर्ड एक्सचेंज ही क्यों चुनना चाहिए।
भारत में FIU Registered Crypto Exchange ही क्यों चुने?
रजिस्ट्रेशन गारंटी नहीं है, लेकिन कुछ ठोस फ़ायदे ज़रूर देता है, और उन्हें एक-एक करके देखना ठीक रहेगा:
केवाईसी और एएमएल का ढाँचा: रजिस्टर्ड एक्सचेंज पर केवाईसी ज़रूरी है और संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्टिंग होती है। इससे फ़्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का जोखिम कम होता है। जैसे, किसी चोरी के फ़ंड का इस्तेमाल करके कोई आपके साथ P2P ट्रेड करे, तो ऐसे पैटर्न पकड़ने के सिस्टम यहाँ मौजूद होते हैं।
लीगल एंटिटी की पहचान: ऐसे एक्सचेंज के पीछे एक रजिस्टर्ड कानूनी कंपनी होती है, इसलिए शिकायत की स्थिति में आपके पास एक जवाबदेह नाम और पता होता है, जिससे आप आगे बढ़ सकते हैं।
कार्रवाई का कम जोखिम: FIU-IND ने unregistered प्लेटफ़ॉर्म्स के ऐप और यूआरएल के टेकडाउन के निर्देश दिए हैं, और Bybit पर unregistered काम करने के लिए जुर्माना भी लगा था। ऐसे में unregistered प्लेटफ़ॉर्म पर आपका अकाउंट या विड्रॉल कभी भी अटक सकता है। मान लीजिए आपने किसी ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर 50,000 रुपये रखे हैं और उसका ऐप अचानक ब्लॉक हो जाए, तो पैसा निकालने का रास्ता मुश्किल हो सकता है।
आईएनआर डिपॉज़िट आसान: ज़्यादातर भारतीय रजिस्टर्ड एक्सचेंज यूपीआई और बैंक ट्रांसफ़र से आईएनआर डिपॉज़िट देते हैं, जिससे बैंकिंग का झंझट कम रहता है।
टैक्स कम्प्लायंस में सुविधा: रजिस्टर्ड एक्सचेंज के रिकॉर्ड्स से 30% क्रिप्टो टैक्स और 1% टीडीएस का हिसाब रखना आसान होता है, और ITR भरते वक़्त आपके पास पूरा ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री तैयार मिलती है।
अब वह बात जो इस पूरे ब्लॉग में सबसे ज़्यादा याद रखने लायक है। FIU रजिस्ट्रेशन का मतलब यह नहीं कि एक्सचेंज सुरक्षित है या आपका पैसा इंश्योर्ड है। FIU-IND ने ख़ुद दोहराया है कि क्रिप्टो प्रोडक्ट्स unregulated हैं, बहुत जोखिम भरे हो सकते हैं, और नुकसान होने पर कोई regulatory recourse नहीं मिल सकता।
WazirX का 2024 का हैक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, क्योंकि वह भी रजिस्टर्ड प्लेटफ़ॉर्म था। इसलिए एक्सचेंज चुनते समय रजिस्ट्रेशन को पहला फ़िल्टर मानिए, आख़िरी फ़ैसला नहीं। उसके साथ उसका ट्रैक रिकॉर्ड, सिक्योरिटी, proof of reserves और कस्टमर सपोर्ट भी जाँचिए। और क्रिप्टो में उतना ही पैसा लगाइए जितना खोने पर भी आपकी ज़िंदगी की रफ़्तार न रुके।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट एडवाइस नहीं है। किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।