भारत में डिजिटल एसेट और रियल-वर्ल्ड एसेट (RWA) सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। इसी दिशा में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भारत के दिग्गज बिजनेस लीडर Manoj Kohli ने भारत की Tokenised Digital Real Estate Marketplace कंपनी Alt DRX के Advisory Board को ज्वाइन किया है। यह नियुक्ति केवल एक कॉर्पोरेट अपडेट नहीं, बल्कि भारत में Real World Asset Tokenization इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
Alt DRX ने घोषणा की है कि Manoj Kohli कंपनी के साथ Non-Director Advisor के रूप में जुड़े हैं। कंपनी का मानना है कि यह कदम भारत में Asset Tokenization को मुख्यधारा में लाने और संस्थागत विश्वास मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगा।
Source: PR Newswire
Manoj Kohli भारत के सबसे अनुभवी बिजनेस लीडर्स में से एक माने जाते हैं। वे पहले Bharti Airtel के MD और CEO रह चुके हैं, जहां उन्होंने Airtel के ऑपरेशंस को 20 देशों तक विस्तार दिया। उनके नेतृत्व में कंपनी का Subscriber Base लगभग 20 लाख से बढ़कर 40 करोड़ से अधिक पहुंचा था।
इसके बाद उन्होंने SoftBank India के Country Head के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने Ola, OYO, Zomato, Flipkart, Swiggy और Meesho जैसी बड़ी कंपनियों में 15 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेशों की निगरानी की।
वर्तमान में Manoj Kohli Asia Pacific, Middle East और United States में कई CEOs और स्टार्टअप फाउंडर्स को सलाह देते हैं। ऐसे में उनका Alt DRX से जुड़ना कंपनी के लिए बड़ी रणनीतिक मजबूती माना जा रहा है।
भारत में Asset Tokenization अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन धीरे-धीरे यह सेक्टर निवेशकों और संस्थानों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। Tokenization का अर्थ किसी वास्तविक संपत्ति जैसे रियल एस्टेट, गोल्ड या अन्य एसेट्स को डिजिटल टोकन के रूप में विभाजित करना होता है, जिससे छोटे निवेशक भी उनमें हिस्सेदारी खरीद सकें।
Alt DRX का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म भारत के Middle-income Investors को Fractional Ownership के जरिए रियल एस्टेट निवेश का अवसर देता है। कंपनी Blockchain Ledger, Algorithmic Pricing और Instant Settlement जैसे फीचर्स का उपयोग करती है।
Manoj Kohli की एंट्री को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि अब अनुभवी कॉर्पोरेट लीडर्स भी RWA Tokenization को केवल Speculative Trend नहीं, बल्कि भविष्य की वित्तीय संरचना के रूप में देख रहे हैं।
Alt DRX का Advisory Board पहले से ही कई अनुभवी और प्रतिष्ठित नामों से जुड़ा हुआ है। इनमें शामिल हैं:
GN Bajpai: पूर्व Chairman, SEBI और LIC
Richard Rekhy: पूर्व CEO, KPMG India
Jitender Balakrishnan: पूर्व DMD, IDBI
Ganesh Balasubramanian: पूर्व Chairman, HSBC Technologies India
Ananth Ravi: Reliance Industries के अनुभवी प्रोफेशनल
कंपनी का कहना है कि वह मजबूत Self-governance Structure तैयार कर रही है ताकि Regulators, Institutions और Retail Investors सभी का भरोसा बनाया जा सके।
Alt DRX Advisory Board के Chairman और SEBI के पूर्व Chairman GN Bajpai ने कहा कि कंपनी ने Advisory Board के लिए उन लोगों को चुना है जिन्होंने वास्तव में संस्थान बनाए हैं और बाजारों को विकसित किया है।
उन्होंने कहा कि Manoj Kohli रणनीतिक और Operational Expertise का अनोखा मिश्रण लेकर आते हैं, जो Alt DRX की विकास में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
Manoj Kohli ने अपने बयान में कहा कि भारत में हाउसिंग सबसे Aspirational Asset Class है, लेकिन यह अब भी कई लोगों की पहुंच से बाहर है।
उनके अनुसार Tokenization इस स्थिति को बदलने की क्षमता रखता है क्योंकि यह Qualified Real Estate Access को ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकता है। उन्होंने Alt DRX की Foundational Credibility और Technology-driven Approach की भी सराहना की।
Alt DRX खुद को भारत का पहला D2C Asset Tokenisation Marketplace बताता है। कंपनी को Qatar Financial Centre से Token Service Provider का लाइसेंस भी मिला हुआ है, जिसके जरिए वह Middle East में B2B use cases पर काम कर रही है।
इसके अलावा कंपनी GIFT City के Regulator IFSCA से USD-denominated Offshore Assets Tokenise करने की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी है।
ARR लगभग ₹35 करोड़ है
सालाना करीब 4.25 लाख Transactions Process किए जाते हैं
अब तक लगभग ₹45 करोड़ Growth Capital जुटाया जा चुका है
Alt DRX को HDFC Capital द्वारा “India’s 10 Tech Innovators” में भी शामिल किया गया था और Global Fintech Fest 2025 में Best WealthTech Platform award भी मिला था।
ग्लोबल स्तर पर Real World Asset Tokenization तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। BlackRock, JPMorgan और HSBC जैसी बड़ी संस्थाएं भी इस क्षेत्र में प्रयोग कर रही हैं। भारत में regulatory clarity अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई है, लेकिन fintech innovation और blockchain adoption के कारण इस सेक्टर में संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Regulations स्पष्ट रहते हैं और Institutional Participation बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में भारत में Asset Tokenization निवेश का एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। Crypto, blockchain और tokenized assets में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाह अवश्य लें।
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