NFT और क्रिप्टो सेक्टर में तेजी के बीच Nova NFT फिलहाल काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह प्लेटफॉर्म AI और डिजिटल एसेट ट्रेडिंग बेस्ड NFT मार्केटप्लेस होने के कारण लोगो को अपनी और आकर्षित कर रहा है है, लेकिन इसके पिछले इतिहास और मौजूदा यूजर रिपोर्ट्स को देखते हुए एक्सपर्ट इन्वेस्टर्स को निवेश से पहले सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो NFT मार्केटप्लेस और AI ट्रेडिंग सिस्टम पर बेस्ड है। यह यूजर्स को स्टेकिंग, रेफरल रिवार्ड और डिजिटल एसेट मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं देता है। लेकिन कई रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्लेटफॉर्म पहले के TreasureNFT सिस्टम से जुड़ा हुआ माना जाता है, जो बंद हो गया था और बाद में नए नाम के साथ यूजर्स के सामने आया।
Source- Official Website
Nova NFT की टीम को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट या वेरिफाइड जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके फाउंडर्स, लीडरशिप और फंडिंग स्ट्रक्चर के बारे में भी कोई आधिकारिक पारदर्शी डाटा सामने नहीं आया है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे पुराने प्लेटफॉर्म से जुड़े ऑपरेटर्स से जोड़ा जाता है, लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा, बड़े संस्थानों के साथ पार्टनरशिप के दावे भी किए गए हैं, लेकिन इन दावों की कोई आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
2023–2024 में यह प्लेटफॉर्म TreasureNFT नाम से शुरू हुआ था। 2025 में यूजर्स के द्वारा विड्रॉल रुकने और सिस्टम में अनस्टेबिलिटी की शिकायतें सामने आई। वही जुलाई 2025 में इसके बंद होने की रिपोर्ट सामने आई। इसके बाद दिसंबर 2025 में इसे नए नाम Nova NFT के रूप में रीब्रांड किया गया। 2026 की शुरुआत में इसमें नए अपडेट और विड्रॉल शुरू होने की चर्चाएं फिर से तेज हुईं, लेकिन अप्रैल 2026 तक भी कई यूजर्स की विड्रॉल और डिपॉजिट से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
यह एक AI आधारित NFT ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में उभरकर सामने आया , इसमें यूजर्स को डिजिटल एसेट्स के द्वारा कमाई का मौका मिलने का दावा किया जाता है। वही यह सिस्टम AI टेक्नोलॉजी पर काम करता है और यूजर्स को रेफरल सिस्टम के द्वारा भी कमाई के अवसर देता है। साथ ही, यह मल्टी-चेन सपोर्ट और डिजिटल एसेट मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं का दावा करता है। लेकिन अब तक इन सभी दावों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है किसी भी बड़े ऑन-चेन डेटा, स्वतंत्र ऑडिट रिपोर्ट या किसी विश्वसनीय रेगुलेटरी स्रोत से कोई स्पष्टता सामने नहीं आई है।
1. पुराना विवादित इतिहास: 2023–2024 में यह प्लेटफॉर्म TreasureNFT नाम से यूजर्स के बीच था , जहां यूजर्स को हाई रिटर्न और रेफरल बेस्ड कमाई मॉडल देखने को मिला। 2025 के दौरान कई रिपोर्ट्स में विड्रॉल फ्रीज और फंड अटकने की शिकायतें सामने आईं, जिससे इन्वेस्टर्स का भरोसा प्रभावित हुआ।
2. रीब्रांडिंग पैटर्न: जुलाई 2025 में TreasureNFT के बंद होने की रिपोर्ट के बाद, दिसंबर 2025 में इसे Nova NFT के रूप में रीब्रांड किया गया। कई रिसर्च रिपोर्ट्स में यह सिग्नल्स दिया गया कि यह केवल नाम बदलकर सिस्टम को फिर से लॉन्च करने जैसा पैटर्न हो सकता है, जिसे क्रिप्टो सेक्टर में एक रिस्क फैक्टर माना जाता है।
3. विड्रॉल से जुड़ी शिकायतें: 2025 के अंत से लेकर अप्रैल 2026 तक यूजर्स की ओर से लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें विड्रॉल में देरी, अकाउंट एक्टिवेशन के लिए अतिरिक्त डिपॉजिट की मांग, और ट्रांजेक्शन में ट्रांसपरेंसी की कमी जैसी समस्याएं देखने को मिली हैं।
4. रेगुलेशन और लाइसेंस की कमी: पूरे 2023 से 2026 तक Nova NFT को लेकर किसी भी प्रमुख रेगुलेटरी संस्था जैसे SEBI, SEC या FCA की आधिकारिक मंजूरी या लाइसेंस की पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे इसके ऑपरेशन पर सवाल बने रहते हैं।
5. फंडिंग और डेटा की कमी: अब तक इस प्रोजेक्ट के लिए कोई स्पष्ट ऑन-चेन डेटा, ऑडिट रिपोर्ट या फंडिंग प्रूफ पब्लिक रूप से उपलब्ध नहीं है। TVL और रियल एसेट वैल्यू को लेकर भी कोई स्वतंत्र जानकर नहीं मिलती, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठते हैं।
Nova NFT में असली NFT ट्रेडिंग नहीं होती, बल्कि यह डिपॉजिट और कमाई पर बेस्ड मॉडल है, कई यूजर्स को विड्रॉल में दिक्कतें आने की शिकायतें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार TreasureNFT से लेकर Nova NFT तक इसका इतिहास एक जैसे पैटर्न को दिखाता है, जिसे कई एक्सपर्ट रिस्की मानते हैं। वही OpenSea, Blur और Magic Eden जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स सीधे अपने वॉलेट से ट्रेड करते हैं और उनका फंड प्लेटफॉर्म पर लॉक नहीं रहता। 2026 की कई रैंकिंग में Nova NFT का नाम शामिल नहीं है, जबकि ये सभी बड़े और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म टॉप पर बने हुए हैं।
2025 से 2026 के दौरान सोशल मीडिया और विभिन्न रिव्यू प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने अपने अनुभव बताए हैं। इन रिपोर्ट्स में कुछ यूजर्स का कहना है कि शुरुआत में छोटे विड्रॉल सफलतापूर्वक प्रोसेस हो जाते हैं, लेकिन बाद में बड़े अमाउंट निकालने पर रोक या देरी देखने को मिली है। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा है कि विड्रॉल जारी रखने के लिए अतिरिक्त फीस या चार्ज की मांग की जाती है।
कैसे करें सुरक्षित निर्णय?
किसी भी प्रोजेक्ट की पूरी रिसर्च करें।
केवल verified और regulated प्लेटफॉर्म का उपयोग करें।
“Guaranteed profit” जैसे दावों से दूर रहें।
छोटे या बिना रिस्क टेस्टिंग से बचें।
Nova NFT Marketplace क्यों बना चर्चा का विषय? जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
कन्क्लूजन
इसको लेकर पुराने इतिहास और यूजर रिपोर्ट्स यह सिग्नल देते हैं कि यह एक हाई-रिस्क डिजिटल प्लेटफॉर्म हो सकता है। TreasureNFT से इसके जुड़े होने, रीब्रांडिंग पैटर्न, विड्रॉल से जुड़ी लगातार शिकायतें और रेगुलेशन की कमी इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।
इसके मुकाबले OpenSea, Blur और Magic Eden जैसे स्थापित NFT प्लेटफॉर्म पूरी तरह ऑन-चेन और रेगुलेटेड सिस्टम पर काम करते हैं, जहां यूजर्स सीधे अपने वॉलेट से ट्रेड करते हैं और फंड प्लेटफॉर्म पर लॉक नहीं रहता।
डिस्क्लेमर: जानकारी के तौर पर लिखा गया यह आर्टिकल किसी पर दबाव डालना नहीं है। किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले खुद रिसर्च करना जरुरी है। किसी भी Financial Loss के लिए हम ज़िम्मेदार नहीं हैं।
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