NOVANFT अब ग्लोबली लाइव, NFTs कमाने का मौका फिर से हुआ शुरू
5 दिसंबर 2025 को जारी एक पोस्ट में @TreasureFUN_xyz ने घोषणा की कि NOVANFT अब अपने नए ग्लोबल ऑपरेटिंग फेज़ के साथ ऑफिशियल रूप से एक्टिव हो चुका है। कंपनी के बयान के अनुसार, NOVANFT प्लेटफ़ॉर्म ने दावा किया है कि BlackRock की पहली कैपिटल इंजेक्शन प्रोसेस शुरू हो गई है, जिसके बाद यूज़र्स के लिए लॉगिन और एसेट वेरिफिकेशन सिस्टम novanft.xyz पर खोल दिया गया है।
Source: TreasureFUN | Official की X पोस्ट के अनुसार
कंपनी कहती है कि यह कदम उसके सिस्टम में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी और सही तरीके से काम करने को सुनिश्चित करेगा। लेकिन इस घोषणा के बाद कई यूजर्स को शक हुआ है और वे अब कंपनी की नई पॉलिसी और प्रोसेस पर भरोसा करने में हिचकिचा रहे हैं।
कैपिटल इंजेक्शन और रीब्रांडिंग का दावा
NOVANFT की ऑफिशियल पोस्ट के मुताबिक, NOVANFT का नया ऑपरेटिंग सिस्टम लॉन्च हो चुका है। नोटिस में बताया गया है:
सिस्टम का नया फेज़ अब ऑफिशियल रूप से शुरू हो गया है।
ग्लोबल एग्जिक्यूशन मॉडल पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है।
यूज़र लॉगिन और एसेट वेरिफिकेशन की प्रोसेस भी लाइव है।
सभी Users के लिए इन स्टेप्स को पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
कंपनी ने निर्देश दिया है कि सभी लोग तुरंत novanft.xyz पर लॉगिन करें, अपनी जानकारी वेरिफाई करें और अपनी टीम तक संदेश पहुँचाएँ।
हालांकि, BlackRock द्वारा इस तरह के किसी निवेश पर ऑफिशियल कन्फर्मेशन कहीं भी उपलब्ध नहीं है। इससे NOVANFT प्लेटफ़ॉर्म के दावों को लेकर कई सवाल खड़े हो जाते हैं।
यूज़र्स को लॉगिन दिक्कतें और सर्वर फेलियर
जैसे ही NOVANFT की यह घोषणा पब्लिक हुई, बड़ी संख्या में लोग NOVANFT पर लॉगिन करने पहुंचे। इसके बाद देखने में आया कि सर्वर लगातार ओवरलोड हो रहा है और ज़्यादातर यूजर्स लॉगिन ही नहीं कर पा रहे। कई लोगों ने बताया कि:
वेबसाइट बार-बार डाउन हो रही है।
OTP या पासवर्ड रिकवरी काम नहीं कर रही।
एसेट वेरिफिकेशन पेज लोड नहीं हो रहा।
इससे उन लाखों लोगों में प्रेशर बढ़ गया है जिनका अमाउंट TreasureNFT की पुरानी एक्टिविटीज के कारण पहले से ही फंसा हुआ है।
TreasureNFT पर लगे बड़े आरोप और पुराना विवाद
NOVANFT को उसी TreasureNFT ग्रुप से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर पहले से ही कई गंभीर आरोप लगे हैं। TreasureNFT पर फंड रोकने, विड्रॉल बंद करने और हाई रिटर्न का लालच देकर यूज़र्स को फंसाने वाले TreasureNFT पर Ponzi मॉडल जैसे आरोप शामिल हैं।
कई क्रिप्टो रिपोर्ट्स और यूजर्स के दावों के मुताबिक, इस मामले में नुकसान 900 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित लोग भारत से हैं। ऐसी स्थिति में NOVANFT का अचानक रीब्रांड होकर नया ग्लोबल फेज़ लॉन्च करना एक्सपर्ट्स के अनुसार एक बड़े रिस्क की तरफ इशारा करता है।
रीब्रांडिंग को लेकर बढ़ते सवाल
क्रिप्टो एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब किसी प्रोजेक्ट पर बड़े विवाद होते हैं और वह अचानक नाम बदलकर नई शुरुआत करता है, तो इस पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
कई लोगों का कहना है कि:
अगर किसी बड़े फाइनेंशियल ग्रुप ने सच में निवेश किया होता, तो उसकी ऑफिशियल घोषणा ज़रूर आती। बिना किसी साफ़ जानकारी के ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी देना सुरक्षित नहीं माना जाता। ऊपर से वेबसाइट का बार-बार फेल होना, यूज़र्स को जबरन “लॉगिन अनिवार्य” बताना और पुराने विवाद ये सब मिलकर इस नए ऐलान को और भी शक़ पैदा करने वाला बना देते हैं।
अभी यूजर्स को क्या करना चाहिए?
क्रिप्टो एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी जानकारी अपलोड करने से पहले लोगों को बेहद सावधान रहना चाहिए। जल्दबाजी में पर्सनल डेटा, पासवर्ड, वॉलेट डिटेल या पैसे भेजना बड़ा खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि
किसी भी “कैपिटल इंजेक्शन” जैसे दावे पर तब तक भरोसा न करें, जब तक उसका कन्फर्मेशन किसी ऑफिशियल और रिलाएबल ग्लोबल सोर्स से न हो जाए।
अगर वेबसाइट बार-बार डाउन हो रही है या सर्वर में दिक्कतें आती रहती हैं, तो इसे हल्के में न लें यह जोखिम का संकेत हो सकता है।
कोई भी नया रीब्रांड पुराने विवादों से अलग मानकर उस पर तुरंत भरोसा करना सही नहीं है। पहले रिसर्च करें, फिर ही कोई कदम उठाएं।
क्रिप्टो इंडस्ट्री में अपने 7 साल के अनुभव के आधार पर मेरा मानना है कि NOVANFT की यह नई शुरुआत कई सवाल उठाती है। बड़े निवेश की कोई साफ पुष्टि नहीं है और प्लेटफ़ॉर्म बार-बार लॉगिन समस्याएँ दिखा रहा है। ऐसे हालात में किसी भी यूज़र के लिए तुरंत भरोसा करना सुरक्षित नहीं होता। सही फैसला लेने के लिए पूरा रिसर्च ज़रूरी है।
कन्क्लूजन
NOVANFT ने अपने नए सिस्टम की बड़ी घोषणा की है, लेकिन यूज़र्स को अभी भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार लॉगिन समस्याएँ, पुराने विवाद और निवेश की कोई साफ़ ऑफिशियल कन्फर्मेशन न होने से लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई यूजर्स मानते हैं कि प्लेटफ़ॉर्म का नया दावा अभी भी भरोसे लायक नहीं दिखता। ऐसे में यूज़र्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कदम से पहले पूरी जानकारी जुटाएँ और बिना जांचे अपनी पर्सनल जानकारी या पैसे शेयर न करें। आगे का हर फैसला उनकी सतर्कता और जागरूकता पर ही निर्भर करेगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल उपलब्ध पब्लिक जानकारी और यूज़र रिपोर्ट्स पर बेस्ड है। इसका उद्देश्य किसी प्लेटफ़ॉर्म को बढ़ावा देना या उसे बदनाम करना नहीं है। क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म पर निवेश या जानकारी शेयर करने से पहले अपनी रिसर्च करें। किसी भी डिसीजन की पूरी ज़िम्मेदारी रीडर्स की होगी।
