Updated Date: November 18, 2025
लम्बे समय से भारत में Peer-to-Peer (P2P) Crypto Trading को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन RTI जवाबों और सरकारी बयानों से स्थिति बहुत साफ दिखाई दे रही है। देश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे P2P प्लेटफॉर्म्स जैसे Binance, KuCoin आदि को लेकर सवाल किया गया कि क्या ये भारत में कानूनी रूप से मान्य हैं, अवैध हैं या फिर अनियमित है।
सरकार की ओर से अभी तक P2P Crypto Trading पर किसी तरह की डायरेक्ट परमिशन या रोक लगाने वाली नोटिफिकेशन, सर्कुलर या गजट जारी नहीं हुआ है। इसका मतलब है की सरकार ने अभी इस पर कोई साफ़ नीति नहीं दी है। मतलब P2P Crypto Trading को न तो पूरी तरह से कानूनी मान्यता दी गई है और न ही इसे अवैध घोषित किया गया है। यह अभी पूरी तरह से सिक्योर और कंट्रोल्ड नहीं है। इसलिए इन्वेस्टर्स को अभी सावधानी रखनी चाहिए और किसी रिलाएबल प्लेटफार्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
RTI के जवाब में ये सामने आया की Binance P2P जैसी सर्विसेज अभी भारत में कानूनी रूप से अवेलेबल हैं और इसका उपयोग किया जा सकता है। Binance ने Financial Intelligence Unit – India (FIU-IND) के साथ खुद को “Reporting Entity” के रूप में रजिस्टर कराया है। जिससे Binance को लीगल ऑपरेशन्स की परमिशन मिलती है। हालांकि, INR में डायरेक्ट डिपॉजिट और विड्रॉल पर कुछ रिस्ट्रिक्शन हो सकते हैं, लेकिन P2P Trading ऑप्शन्स इंडियन यूजर्स के लिए अब भी एक वैध और एक्टिव तरीका बना हुआ है।
क्या किसी सरकारी एजेंसी ने P2P Trading से जुड़े यूज़र्स या प्लेटफॉर्म्स पर कोई कार्रवाई की है, तो इस सवाल का जवाब है कि FIU-IND और Enforcement Directorate (ED) जैसे डिपार्टमेंट ने कुछ मामलों में नोटिस, चेतावनियां और कड़ी कार्रवाई की है। ख़ास तौर पर उन P2P प्लेटफॉर्म्स पर जो भारत में बिना किसी रजिस्ट्रेशन या सही कंप्लायंस के अपना काम कर रहे थे। इसके अलावा कुछ यूजर्स को भी नोटिस जारी किया गया है जो किसी तरह के संदिग्ध ट्रांजैक्शन से जुड़े थे। इससे यह बात स्पष्ट है की यदि प्लेटफॉर्म रजिस्टर्ड नहीं है या बनाएं गए नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है।
बहुत से यूजर्स के मन में यह सवाल है कि क्या कोई P2P Crypto Investor इनकम टैक्स नियमों का पालन करता है, तो क्या उसका बैंक अकाउंट फ्रीज हो सकता है? तो इसका जवाब है हाँ, हो सकता है। क्योंकि सिर्फ टैक्स भरने से यह साबित नहीं होता कि आपकी क्रिप्टो बाय और सेल पूरी तरह से कानूनी है। अगर आपने किसी अनजाने या अवैध सोर्सेज से P2P Crypto Trading की है, तो मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत आपकी बैंक एसेट्स फ्रीज हो सकती है। इसलिए, टैक्स कंप्लायंट होना जरूरी है, लेकिन साथ ही रिलाएबल और वेरीफाई प्लेटफॉर्म से ही क्रिप्टोकरेंसी खरीदना जरूरी है।
GST डिपार्टमेंट ने एक RTI के जवाब में कहा है कि यदि कोई P2P प्लेटफॉर्म रजिस्टर्ड है और नियमों के अनुसार काम कर रहा है, तो P2P Trading को अवैध नहीं माना जाता। हालांकि, डिपार्टमेंट ने अन्य नीतिगत या रेगुलेटरी पहलुओं पर कोई साफ़ जवाब नहीं दिया, जिससे स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
P2P Crypto Trading को लेकर भारत में फिलहाल कोई कठोर रिस्ट्रिक्शन नहीं है। जिन प्लेटफॉर्म्स ने FIU-IND जैसे आर्गेनाइजेशन के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें कानूनी रूप से संचालन की परमिशन है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट नीति या रेगुलेशन जारी नहीं हुआ है, जिससे यह क्षेत्र अभी भी “ग्रे ज़ोन” में है। यूज़र्स के लिए सलाह यही है कि वे केवल उन्हीं P2P प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करें जो भारत में रजिस्टर्ड हैं और लीगल प्रोसेस का पालन करते हैं, ताकि किसी भी संभावित कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
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