court rejected bail of mohsin alam in crypto fraud case

क्रिप्टो ठग Mohsin Alam की जमानत ख़ारिज, सख्त हुआ पटियाला हाउस कोर्ट

क्रिप्टो निवेश के नाम पर 3 करोड़ की ठगी, आरोपी को नहीं मिली जमानत


एक करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी ठगी के मामले में Mohsin Alam की जमानत अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि Mohsin Alam की भूमिका गंभीर है क्योंकि ठगी की रकम सीधे उनके नियंत्रण वाले बैंक खाते में आई और निकाली गई। आर्थिक अपराध देश की वित्तीय प्रणाली को प्रभावित करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में जमानत देना सावधानी से किया जाता है। आइए डिटेल में जानते हैं इस पूरे मामले को

क्या है ये पूरा मामला?

ये पूरा मामला Coinex App से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता ने लगभग 3 करोड़ रुपए की ठगी होने की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। Modern Enterprises नाम के खाते में लगभग 50 लाख रुपए जमा किए गए, जो Mohsin Alam के नियंत्रण में था। आरोप है कि इस खाते से रकम निकाली गई और अन्य खातों में ट्रांसफर करके उसे छिपाने की कोशिश की गई। Mohsin Alam ने शुरुआत में जांच में सहयोग नहीं किया और बाद में गिरफ्तार किया गया।

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क्या है अदालत का फैसला?

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने Mohsin Alam की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि Mohsin Alam की भूमिका गंभीर है, क्योंकि ठगी की रकम सीधे उनके नियंत्रण वाले बैंक खाते में आई और निकाली गई। अदालत ने यह भी बताया कि आर्थिक अपराध गंभीर होते हैं और इनके देश की वित्तीय प्रणाली पर व्यापक असर पड़ता है।

क्या रही बचाव पक्ष की दलील?

बचाव पक्ष ने कहा कि सह-आरोपित काशिफ को पहले ही जमानत मिल चुकी है। आरोपित 19 वर्षीय युवक है और फरार होने की संभावना नहीं है। जांच पूरी होने की बात को लेकर भी राहत देने की मांग की गई।

क्या है अदालत की राय

वहीं कोर्ट ने कहा कि अभी मुकदमा शुरुआती चरण में है और आरोप तय नहीं हुए हैं। इसलिए इस समय जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने छूट दी कि अगर दो महीने के भीतर आरोप तय नहीं होते हैं, तो मोहसिन फिर से जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।

निवेश से पहले ध्यान रखें ये जरूरी सुरक्षा टिप्स

  • किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म पर निवेश से पहले उसकी जांच जरूर करें।

  • ज्यादा और जल्दी मुनाफे के लालच में न आएं।

  • केवल FIU रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

  • अपनी बैंक डिटेल्स, OTP या वॉलेट जानकारी किसी से शेयर न करें।

  • नए प्लेटफॉर्म पर पहले छोटी रकम से शुरुआत करें।

कन्क्लूजन 

यह मामला दिखाता है कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े आर्थिक अपराधों को कोर्ट कितनी गंभीरता से लेता है। अगर किसी आरोपी की भूमिका सीधे पैसों के लेन-देन से जुड़ी हो, तो उसे आसानी से राहत नहीं मिलती। साथ ही, यह खबर निवेशकों के लिए भी एक चेतावनी है कि बिना जांच-पड़ताल के किसी भी ऐप या स्कीम में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। समझदारी और सतर्कता ही ऐसे मामलों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल सामान्य सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा होता है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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अदालत ने पाया कि आरोपी का सीधा संबंध उस बैंक खाते से था जिसमें ठगी की रकम आई और निकाली गई, इसलिए उसकी भूमिका गंभीर मानी गई और जमानत खारिज कर दी गई।
यह मामला लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा है, जिसमें निवेश के नाम पर यूएसडीटी के जरिए लोगों को धोखा दिया गया।
हाँ, अदालत ने कहा है कि यदि दो महीने के भीतर आरोप तय नहीं होते हैं, तो आरोपी फिर से जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और फिर उसे छिपाने के लिए कई लेन-देन किए गए।
निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की जांच करें, ज्यादा रिटर्न के लालच से बचें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।