Quantum Computing और Crypto: खतरा क्या है और कब तक
Crypto Holders Alert, Google ने दी बड़ी चेतावनी
Tech दिग्गज Google ने अपनी लेटेस्ट क्वांटम रिसर्च में एक महत्वपूर्ण अपडेट का खुलासा किया है, इस खुलासे ने डिजिटल एसेट इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी है। Google की रिसर्च टीम के अनुसार, आधुनिक Quantum Computer भविष्य में ट्रेडिशनल क्रिप्टोग्राफी को कमजोर कर सकती है। यह खतरा तुरंत नहीं दिखेगा, लेकिन इसकी दिशा को देखते हुए आने वाले वर्षों में सुरक्षा के ढांचे में बदलाव लाना जरूरी माना जा रहा है।
Quantum Computer क्या है?
क्वांटम कंप्यूटर एक Advanced कंप्यूटर है जो सामान्य कंप्यूटर से अलग तरीके से काम करता है। यह bits (0 या 1) की जगह Qubits पर काम करता है, जो एक साथ 0 और 1 दोनों हो सकते हैं। इसी वजह से यह कई Calculations एक साथ कर सकता है, बहुत कठिन समस्याओं को जल्दी Solve कर सकता है।
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क्या कहता है नया रिसर्च?
Google क्वांटम AI के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 256-बिट एलिप्टिक कर्व क्रिप्टोग्राफी ECDSA को तोड़ने के लिए अब पहले की तुलना में काफी कम संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है।
लगभग 1,200-1,450 लॉजिकल क्विबिट्स
करीब 70-90 मिलियन क्वांटम ऑपरेशन्स
यह अनुमान पहले के आकलनों से लगभग 20 गुना अधिक Efficient है। रिसर्चर Craig Gidney और उनकी टीम ने Shor’s Algorithm को ऑप्टिमाइज कर इस दिशा में सुधार लाने की संभावना जताई है।
क्वांटम टेक्नोलॉजी में क्या बदलाव आया?
Willow Quantum Chip ने हाल ही में Quantum Error करेक्शन और परफॉर्मेंस के क्षेत्र में एक शानदार सुधार दिखाया है। Quantum Echoes एल्गोरिदम पर सुपरकंप्यूटर से हजारों गुना तेज प्रदर्शन Real-world Applications की दिशा में सुधार और विकास होगा हालांकि, वर्तमान सिस्टम अभी भी इस स्तर से काफी दूर हैं जहाँ वे बड़े पैमाने पर क्रिप्टोग्राफी को तोड़ सकें।
Quantum Computer Crypto के लिए महत्वपूर्ण है?
Future में Quantum Computer इतना Powerful हो सकता है कि Cryptography Systems को कमजोर कर सकता है, Digital Wallets की सिक्योरिटी को चैलेंज दे सकता है। लेकिन, अभी के Quantum Computers इतने Powerful नहीं हैं कि Crypto को तोड़ सकें। अभी यह टेक्नोलॉजी शुरुआती स्टेज में है और पूरी तरह विकसित नहीं हुई है।
Quantum Computer का डिजिटल एसेट्स पर इसका असर
Bitcoin और Ethereum जैसी प्रमुख नेटवर्क्स ECDSA बेस्ड सुरक्षा पर निर्भर हैं। यदि भविष्य में क्वांटम सिस्टम पॉवरफुल हो जाते हैं, तो Public Key एक्सपोज्ड वॉलेट्स अधिक असरदार हो सकते हैं। पुराने एड्रेस जैसे P2PK ज्यादा रिस्क में आ सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, लाखों यूनिट्स संभावित रूप से Vulnerable हो सकते हैं। लेकिन यह रिस्क लम्बे समय के है, वर्तमान समय के नहीं है ।
उभरता हुआ खतरा: “Store Now, Decrypt Later”
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स एक नए खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं, डेटा चोरी किया जा सकता है वही भविष्य में Quantum Computer के सिस्टम द्वारा उसे डिक्रिप्ट किया जा सकता है, इस रणनीति को “Store Now, Decrypt Later” कहा जाता है।
इंडस्ट्री की तैयारी
National Institute of Standards And Technology (NIST) ने पहले ही PQC स्टैंडर्ड Kyber, Dilithium जारी कर दिए हैं। Ethereum डेवलपर्स अपग्रेड्स पर काम कर रहे हैं। Google ने 2029 तक Quantum-Resistant Systems अपनाने का लक्ष्य रखा है। यह टाइमलाइन दूसरी संस्थाओं के मुकाबले ज्यादा तेज और आगे की मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियां
पुराने एड्रेस से फंड्स को नए वॉलेट्स में ट्रांसफर करें।
एड्रेस रीयूज से बचें।
हार्डवेयर वॉलेट और मल्टी-सिग्नेचर सेटअप अपनाएं।
प्रोजेक्ट अपडेट्स और सिक्योरिटी अपग्रेड्स पर नजर रखें।
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कन्क्लूजन
यह रिसर्च क्रिप्टोग्राफी और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सिग्नल है। हालांकि, वर्तमान क्वांटम सिस्टम अभी इतने सक्षम नहीं हैं कि वे बड़े पैमाने पर सुरक्षा को तोड़ सकें। लेकिन तेजी से हो रहा विकास यह दिखाता है कि आने वाले वर्षों में इंडस्ट्री को Proactive Approach अपनानी होगी।
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। डिजिटल एसेट्स और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े निर्णय लेने से पहले स्वयं रिसर्च करें और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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