NovaBit IN Trading Application ने जल्दी और ज्यादा बड़े रिटर्न के लालच में कई ट्रेडर्स को प्लेटफार्म से जोड़ा था। इस प्लेटफार्म ने बड़े रिटर्न के लालच के अतिरिक्त यूज़र्स को Multi Level Marketing के द्वारा जोड़ा था। जिसमें लीडर्स अपने कोड के माध्यम से नए इन्वेस्टर जोड़ते और साथ में ट्रेडिंग इंस्ट्रक्शन के द्वारा उन्हें Bonk, LUNC जैसे Penny Token में निवेश करवाते। चूँकि यह एक क्लोज्ड ट्रेडिंग प्लेटफार्म है, इसलिए प्राइस में Manipulation करना आसान होता है, फलस्वरूप ट्रेडर्स को शुरुआत में कुछ प्रॉफिट भी प्राप्त हो जाता है।
NovaBIt IN ने इस प्रोसेस के द्वारा हजारों लोगों को अपने जाल में फंसाया और जब सभी कुछ ठीक लग रहा था, 7-8 March को प्लेटफार्म से अचानक Withdrawal आने बंद हो गए। NovaBit IN Trading App के यूज़र्स तभी से अपने Withdrawal को लेकर परेशान हैं।
शुरुआत में कंपनी की और से अपडेट देते हुए बताया गया कि रेगुलर मेंटेनेंस के कारण फण्ड रोका गया है। मेंटेनेंस की प्रोसेस पूरी होने के बाद Withdrawal Process पहले की तरह शुरू हो जायेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिसके बारे में बाद में क्लेरिफिकेशन देते हुए NovaBit IN ने बताया कि भारत सरकार की और से कार्यवाही करते हुए प्लेटफार्म को कुछ संदिग्ध Transactions के कारण कुछ समय के लिए फण्ड रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रोसेस में लगभग 45 दिन का समय लग सकता है, मतलब प्लेटफार्म ने 22 April तक फंसे हुए फण्ड वापस करने की बात कही है।
NovaBit IN ने भले ही 22 April को फण्ड वापसी के बारे में कहा हो लेकिन इस बीच कुछ ऐसी घटनाएँ और तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद से ट्रेडर्स सकते में आ गए हैं। Telegram और WhatsApp पर कई यूज़र्स यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि NovaBit IN Withdrawal नहीं देने वाली है और फण्ड लेकर रफूचक्कर हो गई है। यूज़र्स के इस तरह के कमेंट्स के पीछे जिम्मेदार कारण हैं:
Withdrawal रोके जाने के बाद कहा गया कि पुराने फण्ड रुके हैं जबकि नए डिपाजिट और ट्रेडिंग वाले फण्ड निकाले जा सकते हैं। कुछ दिन तक निकासी भी हुई लेकिन बाद में डिपाजिट करने वाले यूज़र्स की राशि भी अब फंस गई है।
Tax Demand: प्लेटफार्म की ओर से आए हालिया अपडेट के अनुसार, जो भी निवेशक अपनी जमा की गई राशि वापस चाहता है उसे पहले 10% Tax जमा करना होगा। यह Scam Website से जुड़ा एक क्लासिक पैटर्न है, जिसमें Withdrawal देने के नाम पर नया डिपाजिट माँगा जाता है।
ऐसे में Crypto Hindi News की ओर से सुझाव है कि किसी भी तरह के डिपाजिट से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें, अपने फंसे हुए फण्ड को लेकर साइबर पुलिस में संपर्क करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे पहले UK की Financial Conduct Authority Nova Bit को लेकर वार्निंग जारी कर चुकी है।
Chainalysis की रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया भर में क्रिप्टो एडॉप्शन में पहले नंबर पर है। लेकिन MEXC द्वारा 2025 में जारी रिपोर्ट में भारत को क्रिप्टोकरेंसी निवेश से जुड़े Scam के मामलों में भी नंबर 1 बताया गया था। 2025 में NovaBit IN के हालिया मामले के पैटर्न पर ही एक और प्लेटफार्म Treasure NFT लोगों का पैसा खा चुका है, अब तक इन्वेस्टर्स के बीच यही सवाल बना हुआ है कि Treasure NFT Withdrawal कब देगा। अब यह प्लेटफार्म नाम बदलकर Nova NFT नाम से फिर से भारत और पाकिस्तान में लोगों को ठगने का काम शुरू कर चुका है।
NovaBit IN अगर 22 April को भी Withdrawal नहीं देता है तो इसका नाम भी Treasure NFT जैसे Ponzi Platform की लिस्ट में शामिल हो जाएगा।
जानिए भारत में कितना सुरक्षित है NovaBit IN Platform का उपयोग।
NovaBit IN ने Withdrawal से पहले 10% Tax डिपाजिट की शर्त क्लासिक स्कैम पैटर्न को दिखा रही है। भले ही प्लेटफार्म ने 45 दिन या यह कहें कि 22 April तक फण्ड वापसी की बात कही हो लेकिन इस बीच नए फण्ड का रुकना और टैक्स की इस शर्त ने इन्वेस्टर्स के भरोसे को कमजोर किया है। क्रिप्टो इन्वेस्टर्स को CryptoHindiNews की ओर से यह सलाह दी जाती है कि केवल FIU Registered Crypto Exchange का ही प्रयोग करें और किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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