RBI Alert, भारत की Policy Review के बीच Global Crypto पर कड़ी निगरानी

RBI Alert, Policy Review के बीच Global Crypto पर कड़ी निगरानी

Updated Date:

दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर पॉलिसी डिबेट्स तेज हो गई हैं। ऐसे टाइम में इंडिया की सेंट्रल बैंक RBI, एक बार फिर अलर्ट हो गया है। भारत सरकार द्वारा क्रिप्टो पर पॉलिसी पेपर पर विचार किए जाने के बीच, RBI ने ग्लोबल क्रिप्टो एक्टिविटीज पर सुपरविजन को और स्ट्रॉन्ग किया है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट्स के अनुसार RBI दुनिया के मेजर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और रेगुलेटरी बॉडीज के साथ मिलकर यह समझने में लगा है कि, क्रिप्टोकरेंसी के रिस्क्स और अवसरों को किस तरह बैलेंस किया जाए।

Source – Economic Times X Post

वर्तमान लैंडस्केप में, जब अमेरिका, यूरोप और एशिया जैसे क्षेत्रों में क्रिप्टो को लेकर रेगुलेटेड एनवायरनमेंट तैयार किया जा रहा है तो, भारत भी पीछे नहीं रहना चाहता। लेकिन RBI की चिंता मुख्यतः यह है कि क्रिप्टो असेट्स  मोनेटरी पॉलिसी कैपिटल फ्लो और फाइनेंशियल स्टेबल को इफेक्ट कर सकती हैं।

 RBI का रुख: सतर्कता या अविश्वास?

RBI ने पहले भी कई बार क्रिप्टो को लेकर अपनी आशंकाएं जाहिर की हैं। सेंट्रल बैंक का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी का क्रिप्टोकरेंसी का अनियमित और बिना निगरानी के उपयोग,मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध रूप से पैसे को सफेद बनाने), आतंकवाद की फंडिंग और इन्वेस्टर्स  की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसके अलावा, RBI का यह भी मानना है कि डिजिटल करेंसी का यूज करते हुए सिस्टम में फाइनेंशियल इंस्टैबिलिटी पैदा हो सकती है।

हालांकि, दूसरी ओर ग्लोबल ट्रेंड्स को देखते हुए अब RBI केवल विरोध की करेंसी में नहीं है, बल्कि वह इसे कंट्रोल और सुपरविजन के थ्रू समझने और संभालने की दिशा में बढ़ रहा है। इसका प्रमाण है कि वह IMF, FATF और BIS जैसे इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट्स लगातार स्टडी कर रहा है और भारत सरकार के साथ मिलकर पॉलिसी फॉर्मूलेशन के फॉर्मेट पर काम कर रहा है।

नियमन जरूरी, लेकिन प्रतिबंध नहीं

एक क्रिप्टो एनालिस्ट और लेखक होने के नाते मेरा मानना है कि RBI की चिंताएं कुछ हद तक जायज़ हैं, लेकिन क्रिप्टो के कंप्लीट डेवलपमेंट को रोकना किसी भी देश के हित में नहीं होगा। इससे पहले भी बीते दिनों आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI के गवर्नर Sanjay Malhotra ने यह साफ कहा था की, क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारतीय रिज़र्व बैंक सख्त और सतर्क है।  

 क्रिप्टो आज सिर्फ एक डिजिटल असेट्स नहीं, बल्कि Web3, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, Blockchain Innovation का बेस है। यदि RBI और सरकार इसे समझदारी से कंट्रोल करें, तो भारत इस उभरते सेक्टर में ग्लोबल लीडर बन सकता है। ग्लोबल इंस्टीट्यूशन जैसे कि अमेरिका का SEC या यूरोपियन यूनियन का MiCA फ्रेमवर्क अब क्रिप्टो के लिए बैलेंस्ड रेगुलेशन का रास्ता अपना रहे हैं। भारत को भी एक Balanced Regulatory Framework की डायरेक्शन में बढ़ना चाहिए, जिसमें इनोवेशन को रोके बिना सिक्योरिट सुनिश्चित की जा सके।

ग्लोबल ट्रेंड्स दुनिया क्या कर रही है 

जहां एक ओर भारत पॉलिसी पर विचार कर रहा है, वहीं दुनिया के बड़े देश तेज़ी से क्रिप्टो नियम बना रहे हैं:

अमेरिका  SEC द्वारा ETF अप्रूवल और स्टेबलकॉइन रेगुलेशन पर काम कर रहा है। यूरोप में  MiCA फ्रेमवर्क 2024 से लागू है। जापान, दक्षिण कोरिया  एक्सचेंज रजिस्ट्रेशन, यूज़र KYC से अनिवार्य है  यूएई और सिंगापुर  क्रिप्टो हब बनने की दिशा में स्ट्रेटेजी इन्वेस्ट कर रहा है।

इन सभी उदाहरणों से साफ है कि क्रिप्टो को लेकर केवल रिस्ट्रिक्शन नहीं, बल्कि इनोवेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग की सोच भी ज़रूरी है।

कन्क्लूजन: 

क्रिप्टो की रफ्तार थामनी नहीं, समझनी है RBI द्वारा ग्लोबल क्रिप्टो एक्टिविटीज  पर बढ़ती निगरानी यह दर्शाती है कि, भारत अब गंभीरता से इस क्षेत्र को समझने और उसमें भूमिका निभाने की दिशा में बढ़ रहा है। यह समय है जब RBI और सरकार को मिलकर पॉलिसी स्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए, जो एक ओर इन्वेस्टर्स की सिक्योरिटी सुनिश्चित करे और दूसरी ओर भारत को क्रिप्टो और Web3 इनोवेशन में लीडर बनाए।

अगर सही बैलेंस के साथ पॉलिसी बनाई जाती है, तो भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो और Blockchain हब में से एक बन सकता है और यह अवसर गंवाना नहीं चाहिए।

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उनके पास 5+ वर्षों का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें जटिल विषयों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ दी है। क्रिप्टो इंडस्ट्री में, निहारिका ने अपनी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है, जो Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO-ऑप्टिमाइजेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का संतुलन है, जिससे उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर परफॉर्म करता है।

Leave a comment