Ripple, Ondo, JP Morgan

Ripple, Ondo, JP Morgan का XRP Deal, 24/7 Finance का नया युग

XRP Ledger पर Ripple, Ondo, JP Morgan का 5-Second Settlement धमाका

Global finance की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जब Ripple, JP Morgan, Mastercard और Ondo Finance ने मिलकर एक ऐतिहासिक Pilot Transaction को पूरा किया है। इस प्रोसेस में पहली बार Tokenized US Treasury Fund का Cross-Border और Cross-Bank Redemption लगभग रियल टाइम में किया गया। यह पूरा settlement XRP Ledger पर हुआ और सिर्फ 5 सेकंड में पूरा हो गया। इस पूरे प्रयोग को अब लोग XRP Ledger Tokenized Treasury Settlement के एक बड़े उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें ट्रेडिशनल बैंकिंग और Blockchain दोनों ने साथ मिलकर काम किया।

Ripple Ondo JP Morgan

Source: X Account

यह Pilot Transaction कैसे हुआ


इस पूरे सिस्टम में एक Tokenized US Treasury Fund (OUSG) का उपयोग किया गया, जिसे Ondo Finance ने मैनेज किया। सबसे पहले Ripple ने XRP Ledger पर अपने Tokenized Treasury Assets का Redemption Initiate किया। इसके बाद Ondo Finance ने इस Redemption को प्रोसेस किया और Mastercard के Multi-Token Network के माध्यम से Payout Instruction भेजी।


यह इंस्ट्रक्शन JP Morgan तक पहुंची, जिसने अपनेब्लॉकचेन पर आधारित सिस्टम के माध्यम से Ondo के डिपॉजिट अकाउंट को डेबिट किया। इसके बाद US Dollar funds को JP Morgan के Correspondent Banking Network के माध्यम से Ripple के Singapore Account में भेजा गया।


इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी Manual Wire Transfer या बैंकिंग डिले की जरूरत नहीं पड़ी। यही वजह है कि, यह पूरा सिस्टम आज Ripple Ondo JP Morgan Collaboration का एक मजबूत Real-World Example माना जा रहा है। जहाँ पूरा Settlement 3 दिन की जगह सिर्फ 5 सेकंड्स में हो गया।


Ripple, Ondo, JP Morgan: तकनीक और सिस्टम का रोल

इस पायलट प्रोजेक्ट में कई Advanced Technologies को एक साथ इस्तेमाल किया गया। इसमें XRP Ledger ने तेज और कम लागत वाले ट्रांजैक्शन को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं Ripple का USD- पर आधारित Stablecoin RLUSD को Bridging Asset के रूप में उपयोग किया गया, जिससे लिक्विडिटी को सुचारू बनाए रखने में मदद मिली।

इसके साथ Mastercard का Multi-Token Network अलग-अलग फाइनेंशियल सिस्टम्स को आपस में जोड़ने में उपयोग हुआ, जबकि JP Morgan का Kinexys सिस्टम ट्रेडिशनल बैंकिंग और Blockchain Technology के बीच एक सेतु की तरह काम करता दिखा।

इस पूरे सेटअप से यह संकेत मिलता है कि, बैंकिंग और Crypto अब अलग-अलग दुनिया नहीं रह गए हैं, बल्कि धीरे-धीरे Integrated Financial System की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ Tokenized Treasury Settlement जैसे उपयोग भविष्य की फाइनेंस की दिशा तय कर सकते हैं।

XRP Ledger Tokenized Treasury Settlement का Global Finance पर असर

इस पायलट का सबसे बड़ा असर यह हो सकता है कि, अब टोकनाइज्ड एसेट्स, जैसे US Treasuries, को 24/7 ग्लोबल मार्केट में ट्रेड और सेटल किया जा सकता है। वर्तमान में XRP Ledger पर लगभग 2.5 अरब डॉलर से अधिक के Tokenized Assets मौजूद हैं, जो Institutional Investors की बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं।

Tokenized US Treasuries का मार्केट भी तेज़ी से विस्तार कर रहा है और 2026 तक यह 10 अरब डॉलर के लेवल को पार कर चुका है। इसी दिशा में Depository Trust and Clearing Corporation जैसी बड़ी संस्थाएं भी टोकनाइजेशन को मुख्यधारा में लाने पर काम कर रही हैं। वहीं इस बदलाव से संकेत मिलता है कि भविष्य में Financial Markets 24 घंटे खुले रह सकते हैं और Global Payment System और भी तेज, सीमाहीन और रियल-टाइम हो सकती है।

Important Note: यह सभी developments अभी pilot और planning stage में हैं। इनका actual financial impact और timeline अभी uncertain है। 

कन्क्लूजन 

Ripple, JP Morgan, Mastercard और Ondo Finance का यह पायलट दर्शाता है कि, बैंकिंग और ब्लॉकचेन अब अलग सिस्टम नहीं रहे। XRP Ledger, Ripple, JP Morgan और Mastercard के सहयोग से Tokenized US Treasuries का लगभग Real-time Cross-border Settlement संभव हुआ। इससे Financial Markets तेज, 24/7 और सीमाहीन बन सकते हैं, और टोकनाइजेशन भविष्य की ग्लोबल फाइनेंस की दिशा भी तय कर सकते हैं। 


Disclaimer: यह article केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। Financial या Investment Advice नहीं है। 

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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