उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी, फॉरेक्स ट्रेडिंग और IPO निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए, Sea Prime Capital scam के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किये गए आरोपी जितेंद्र राम (41 वर्ष), जो हरियाणा के यमुनानगर जिले का निवासी है, उस पर देशभर में हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
Sea Prime Capital scam के गिरोह क्रिप्टोकरेंसी, फॉरेक्स ट्रेडिंग और IPO में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी कर रहा था। Uttar Pradesh STF और Ghaziabad पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 8 अप्रैल 2026 को मुख्य आरोपी को Saharanpur से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि, इस घोटाले के जरिए 700 से 800 करोड़ रुपये की ठगी की गई, जिसमें 20,000 से अधिक लोग शिकार हुए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी Sea Prime Capital scam के तहत एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी का संचालन करता था। इस कंपनी के माध्यम से लोगों को Crypto currency, शेयर मार्केट, IPO और USDT के माध्यम से भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से इन्वेस्टमेंट करवाता था। आरोपी और उसके सहयोगियों ने MT-5 (MetaTrader 5) जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल से फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट बनाए और इन्वेस्टर्स को नकली मुनाफा दिखाया।
Sea Prime Capital scam के गिरोह ने नेटवर्क मार्केटिंग मॉडल के माध्यम से देशभर में करीब 3,500 एजेंट तैयार किए, जिन्होंने 30,000 से ज्यादा ट्रेडिंग आईडी बनाईं। सोशल मीडिया विज्ञापन, सेमिनार और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ा गया। आरोपियों ने शुरुआत में इन्वेस्टर्स को छोटे-छोटे रिटर्न दिखाकर भरोसा जीता, लेकिन जैसे ही बड़ी रकम निवेश की जाती, पैसा गायब कर दिया जाता था।
Sea Prime Capital scam में शामिल नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में फैला हुआ था। देहरादून, नोएडा, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, अंबाला और फरीदाबाद जैसे शहर इस ठगी के प्रमुख केंद्र रहे। STF की पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों, मोहित राणा, गौरव सिंह और गीता हजारिका के नाम भी उजागर किए हैं।
STF आगरा यूनिट और गाजियाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, आरोपी को सहारनपुर के दिल्ली रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के पास से गिरफ्तार किया है। Sea Prime Capital scam मामले में पहले से गाजियाबाद के मसूरी थाने में FIR दर्ज थी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि, वह पिछले 7-8 वर्षों से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और 2022 में उसने इस फर्जी कंपनी की फ्रैंचाइजी अपना नेटवर्क का और विस्तार किया।
जांच एजेंसियां अब इस Sea Prime Capital scam से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और पीड़ितों का डेटा एकत्र किया जा रहा है। यह मामला एक Classic Ponzi Scheme और साइबर फ्रॉड का उदाहरण है, जिसमें पुराने इन्वेस्टर्स को नए इन्वेस्टर्स के पैसे से भुगतान दिखाकर धोखा दिया जाता है।
एक्सपर्ट्स एडवाइस: Sea Prime Capital scam जैसे मामले आने के बाद विशेषज्ञों ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि, किसी भी इन्वेस्टमेंट योजना में “गारंटीड हाई रिटर्न” का दावा अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होता है। इन्वेस्टमेंट करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि प्लेटफॉर्म SEBI या RBI से Authorized हो। खास बात ऐसे FIU Registered क्रिप्टो प्लेटफार्म का ही यूज करें।
Sea Prime Capital scam जैसे घटना से यह साबित होता है कि, लालच और बिना जांच किये किसी भी प्लेटफार्म में इन्वेस्टमेंट करना कितना खतरनाक हो सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती ठगी के बीच सतर्क रहना बहुत जरूरी है। केवल विश्वसनीय और अधिकृत प्रोजेक्ट्स में ही इन्वेस्ट करें। जागरूकता और सावधानी ही ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल Informational Purpose के लिए लिखा गया है और इसे Financial Advice नहीं माना जाना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी अत्यधिक वोलैटाइल और जोखिमपूर्ण एसेट्स होते हैं। इन्वेस्टमेंट करने से पहले खुद रिसर्च करें।
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