Sea Prime Capital Scam: एक झूठे Investment Platform की पूरी कहानी

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Sea Prime Capital

Sea Prime Capital: Telegram और WhatsApp के जरिए बिछाया गया ठगी का जाल

Sir, सिर्फ ₹10,000 इन्वेस्ट कीजिए और हर महीने गारंटी के साथ 30% प्रॉफिट पाइए Sea Prime Capital कुछ ऐसा ही किया। एक WhatsApp मैसेज और यहीं से शुरू होती है करोड़ों रुपये घोटाले की कहानी। Sea Prime Capital Scam के ग्रुप के द्वारा Telegram groups में लाखों की Earning के screenshots शेयर किए जा रहे थे, influencers इसे “trusted trading platform” बता रहे थे और शुरुआत में छोटे Withdrawals देकर लोगों का भरोसा भी जीता जा रहा था। 

धीरे-धीरे हजारों लोगों ने अपनी सेविंग, FD और यहाँ तक कि लोन का पैसा भी इसमें लगा दिया। लेकिन जिस प्लेटफार्म को लोग कमाई का शॉर्टकट समझ रहे थे, वही आगे चलकर भारत के सबसे बड़े Online Investment Scams में से एक बन गया।

आखिर Sea Prime Capital था क्या?

ऐसे देखने पर Sea Prime Capital एक Professional International Trading Platform जैसा लग रहा था। इसकी वेबसाइट बहुत आकर्षक थी और इसमें MT5 (MetaTrader 5) जैसे Popular Trading Software का इस्तेमाल दिखाया जाता था ताकि लोग इसे Authentic समझें।


कंपनी दावा करती थी कि वह Forex, Crypto और International Trading में एक्सपर्ट्स है। इन्वेस्टर्स को High Monthly Returnऔर सेफ इन्वेस्टमेंट का भरोसा दिया जाता था। लेकिन सबसे बड़ा सच यह था कि यह प्लेटफार्म भारत में Legally Authorized भी नहीं है।


ना इसके पास Securities and Exchange Board of India (SEBI) की अनुमति थी और ना ही Reserve Bank of India (RBI) की मान्यता। यह कंपनी खुद को Saint Vincent and Grenadines जैसे Offshore देश में registered बताती थी, जहाँ financial regulations बेहद कमजोर माने जाते हैं।

Sea Prime Capital

Source: Official Website

Scam की Timeline 

समय                                  घटना
2024 की शुरुआतPlatform लॉन्च हुआ और WhatsApp व Telegram groups के जरिए aggressive promotions शुरू किए गए।
Mid-2024Influencers और agents के माध्यम से निवेशकों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा।
Late-2024छोटे-छोटे withdrawals देकर लोगों का भरोसा जीता गया और बड़े investments आने लगे।
Early-2025Withdrawal requests pending दिखने लगीं और अलग-अलग बहानों की शुरुआत हुई।
मार्च - अप्रैल 2025Platform पूरी तरह Inaccessible हो गया और शिकायतों में तेजी आई।
अप्रैल 2026Uttar Pradesh Special Task Force (UP STF) ने formal investigation शुरू की और पहली गिरफ्तारी की गई।


Scam कैसे काम करता था?

Sea Prime Capital ने लोगों को फँसाने के लिए बहुत ही शातिर स्ट्रेटेजी अपनाई। सबसे पहले WhatsApp और Telegram groups बनाए गए। फिर Facebook, Instagram और YouTube पर flashy ads चलाए गए। कई Local Influencers को Paid Promotions के माध्यम से जोड़ा गया ताकि प्लेटफार्म को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ सके।


  • शुरुआती investors को जानबूझकर छोटे withdrawals दिए गए।
  • किसी को ₹5,000 profit मिला, किसी को ₹10,000।

  • यही इस scam का सबसे बड़ा psychological trap था।


जब लोगों को लगा कि platform सच में पैसा दे रहा है, तब उन्होंने बड़ी रकम इन्वेस्ट करनी शुरू कर दी। कई लोगों ने अपनी savings, gold loans और यहाँ तक कि personal loans तक लगा दिए, 

इसके बाद असली खेल शुरू हुआ।

  • Withdrawal Requests अचानक Pending दिखने लगीं।
  • कभी KYC verification का बहाना बनाया गया, कभी server maintenance और system upgrade” की बात कही गई।
  • एक दिन platform पूरी तरह inaccessible हो गया।

सबसे बड़ा स्कैम का पर्दाफाश तब हुआ, जब इन्वेस्टर्स का पैसा Allegedly USDT और अन्य क्रिप्टो वॉलेट के माध्यम से Dubai और Mauritius जैसी जगहों पर ट्रांसफर किया जा चुका था।

Scam कितना बड़ा था

शुरुआत में लोगों को लगा कि यह बस एक छोटा online trading platform है, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो इसकी असली तस्वीर सामने आई। Sea Prime Capital का नेटवर्क सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे देश में फैला हुआ था। पुलिस और cyber agencies की शुरुआती जांच में पता चला कि इस स्कैम को फैलाने के लिए हजारों Agents और Promoters लगाए गए थे, जो WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया के माध्यम से नए इन्वेस्टर्स जोड़ रहे थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार Platform पर भरोसा दिखाने के लिए 30,000 से ज्यादा fake user IDs और fake trading accounts बनाए गए थे। Uttar Pradesh, Maharashtra, Karnataka, Rajasthan और Gujarat समेत कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हुईं है। National Cyber Crime Portal पर लगातार complaints आने लगीं, जिसके बाद agencies ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया।

सबसे चौंकाने वाली बात थी इसका financial scale। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस्मेबं लगभग ₹700 से ₹800 करोड़ तक की ठगी की आशंका जताई गई। कई middle-class families ने अपनी life savings इसमें लगा दीं, जबकि कुछ लोगों ने जल्दी profit के लालच में loan लेकर तक invest कर दिया।

Scam का पर्दाफाश कैसे हुआ

  • अप्रैल 2026 में Uttar Pradesh Special Task Force (UP STF) ने Sea Prime Capital Scam की जांच शुरू की।
  • जांच के दौरान Alleged Mastermind Jatindra Ram को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि Mohit Rana, Gaurav Singh और Geeta Hazarika के नाम भी सामने आए।
  • अधिकारियों के अनुसार वेबसाइट पर ownership details जानबूझकर छिपाई गई थीं ताकि असली operators की पहचान न हो सके।
  • Cyber experts ने पाया कि investors का पैसा crypto wallets के जरिए कई देशों में transfer किया गया था ताकि money trail छुपाई जा सके।

अगर आप भी शिकार हुए हैं तो क्या करें

  • सबसे पहले सभी screenshots, payment proofs और transaction details सुरक्षित रखें।
  • WhatsApp chats, Telegram messages और emails का backup तुरंत सेव करें।
  • बैंक Transaction IDs और crypto wallet details collect करें।
  • Cyber Crime Helpline 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
  • National Cyber Crime Reporting Portal पर online complaint करें।
  • SEBI SCORES Portal पर भी रिपोर्ट दर्ज करें।
  • Experts के अनुसार जल्दी Complaint करने से investigation और fund recovery की संभावना बढ़ सकती है।


स Scam से सबसे बड़ा सबक

Financial Market में Guaranteed Return जैसी कोई चीज़ नहीं होती। अगर कोई प्लेटफार्म हर महीने fixed profit, zero risk या “double money” का दावा कर रहा है, तो यह सबसे बड़ा red flag है।


Invest करने से पहले हमेशा

  • इन्वेस्टमेंट करने से पहले हमेशा चेक करें कि platform Securities and Exchange Board of India (SEBI) से या FIU Registered है की नहीं।
  • किसी भी कंपनी की Registration details, license और legal information को अच्छी तरह वेरीफाई करें।
  • हमेशा भरोसेमंद और regulated investment platforms का ही इस्तेमाल करें।
  • Social Media पर दिखाए जाने वाले profit screenshots, fake reviews और influencer promotions पर बिना जांच किए भरोसा न करें।.


कन्क्लूजन 

Sea Prime Capital Scam यह साबित करता है कि Guaranteed Return के नाम पर कैसे लोगों को बड़े पैमाने पर ठगा गया। हजारों इन्वेस्टर्स ने सोशल मीडिया और फर्जी प्रॉफिट के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा दी। असली सबक यही है कि निवेश हमेशा केवल Securities and Exchange Board of India (SEBI) से अधिकृत और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही करें, और बिना जांच किसी भी स्कीम पर भरोसा न करें।


Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स, पीड़ितों की शिकायतों और media sources पर आधारित है। Jatindra Ram व अन्य नामित व्यक्तियों के खिलाफ मामला जांच के अधीन है। इन्हें तब तक आरोपी ही माना जाए जब तक अदालत में दोष सिद्ध न हो।




लेखक परिचय
Niharika Singh Research Analyst

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उन्हें मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5 से अधिक वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे देश के प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें जटिल से जटिल विषयों को भी सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ प्रदान की है।

क्रिप्टो इंडस्ट्री में निहारिका ने खुद को एक विश्वसनीय लेखक के रूप में स्थापित किया है। वे Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी विषयों को आम पाठकों की भाषा में सहजता से पहुंचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO ऑप्टिमाइज़ेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जिसके चलते उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शानदार प्रदर्शन करता है। निहारिका से LinkedIn के माध्यम से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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Sea Prime Capital एक कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म था जो Forex और Crypto में निवेश पर हाई और गारंटीड रिटर्न का दावा करता था, लेकिन बाद में इसे एक संभावित निवेश ठगी (Scam) के रूप में सामने लाया गया।
यह स्कैम 2024 की शुरुआत में WhatsApp और Telegram ग्रुप्स के जरिए शुरू हुआ, जहां लोगों को हाई प्रॉफिट और सेफ इन्वेस्टमेंट का लालच देकर जोड़ना शुरू किया गया।
शुरुआत में छोटे-छोटे withdrawal देकर भरोसा बनाया गया, फिर सोशल मीडिया, influencers और fake profit screenshots के जरिए बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
नहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्लेटफॉर्म SEBI या RBI द्वारा अधिकृत नहीं था और खुद को offshore देश में registered बताता था।
जांच के अनुसार निवेशकों का पैसा कथित रूप से क्रिप्टो वॉलेट्स और USDT के माध्यम से अलग-अलग देशों में ट्रांसफर किया जाता था ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो सके।