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अब फेक ट्रेडिंग Apps की छुट्टी, SEBI का ये नियम निवेशकों को देगा राहत

असली-नकली ट्रेडिंग ऐप पहचानना आसान, जानें SEBI-Google का नया नियम 

बीतें कुछ दिनों पहले Bomitex, BitProMax, CryptoTradeX और Coindcx.pro जैसे कई फर्जी क्रिप्टो ऐप सामने आए हैं, जो यूजर्स को हाई रिटर्न का लालच देकर उनका पैसा और डेटा चोरी करने की कोशिश करते हैं। ऐसे स्कैम से बचाने के लिए अब SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने Google के साथ मिलकर एक ख़ास कदम उठाया है। जल्द ही Google Play Store पर SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर और इंटरमीडियरीज़ की ट्रेडिंग ऐप पर ‘वेरिफाइड’ बैज दिखाई देगा। इस पहल से निवेशक आसानी से असली और फेक ऐप की पहचान कर सकेंगे। तो आइए जानते हैं सेबी के चेयरमैन ने इस बारे में क्या कहा? 

क्या बोले SEBI के चेयरमैन? 

दरअसल, SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 25 मार्च 2026 को इस नई पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि आजकल कई फर्जी ट्रेडिंग Apps असली ब्रोकरेज ऐप जैसी दिखती हैं और निवेशकों को धोखा देकर उनका पैसा चुरा लेती हैं, लेकिन भविष्य में ऐसा नही होगा। अब Google Play Store पर मिलने वाला ‘Verified’ बैज यूजर्स को यह पहचानने में मदद करेगा कि कौन-सा App सच में सेबी रजिस्टर्ड है। इससे निवेशक आसानी से सुरक्षित और असली ट्रेडिंग ऐप चुन सकेंगे और स्कैम से बच पाएंगे।

कितने ऐप्स पर लागू होगा बैज?

बता दें, शुरुआत में 600 से ज्यादा SEBI रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकर पर ‘Verified’ बैज दिखेगा। आगे चलकर अन्य रेगुलेटेड इंटरमीडियरीज़ की App को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इससे रोजाना UPI, डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग ऐप्स इस्तेमाल करने वाले हजारों निवेशकों को फायदा मिलेगा, क्योंकि अब वे आसानी से सुरक्षित और असली App पहचान सकेंगे।

क्रिप्टो निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण

क्रिप्टो मार्केट में भी Coindcx.pro, BitProMax, CryptoTradeX समेत कई फर्जी ऐप मौजूद हैं, जो WazirX और CoinDCX जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स की नकल करते हैं। हालांकि सेबी का ‘Verified’ बैज फिलहाल सिर्फ स्टॉक ब्रोकिंग पर लागू होगा, लेकिन इसका फायदा पूरे डिजिटल ट्रेडिंग सिस्टम को मिलेगा। इससे निवेशक असली और फर्जी Apps के बीच आसानी से फर्क कर सकेंगे और स्कैम से बच पाएंगे।

क्या है निवेशकों को सुरक्षा सलाह? 

सेबी और Google के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में फर्जी App ने निवेशकों का करोड़ों रुपए का नुकसान किया है। स्कैमर्स AI टूल्स का इस्तेमाल कर लॉगिन, KYC और फंड ट्रांसफर के नाम पर डेटा चुराते हैं। ऐसे में निवेशक इन बातों का ख्याल रखें।

  • हमेश FIU रजिस्टर्ड प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करती है।

  • हमेशा Google Play Store से App डाउनलोड करें।

  • वेरिफाइड बैज जरूर चेक करें।

  • ऑफिशियल वेबसाइट से लिंक फॉलो करें।

  • अनजान लिंक्स पर KYC या पैसे ट्रांसफर न करें।

कन्क्लूजन 

SEBI और Google की यह पहल डिजिटल ट्रेडिंग को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे फर्जी App के जरिए होने वाले स्कैम कम हो सकते हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। आने वाले समय में FIU-IND जैसे अन्य रेगुलेटर्स भी इसी तरह के सुरक्षा उपाय अपना सकते हैं। कुल मिलाकर, यह पहल डिजिटल इंडिया में निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करने वाली अहम शुरुआत मानी जा रही है।

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और एजुकेशनल उद्देश्य के लिए है, इसे निवेश सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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SEBI का ‘Verified’ बैज Google Play Store पर दिखाई देने वाला एक विशेष चिन्ह होगा, जिससे यह पता चलेगा कि ट्रेडिंग ऐप वास्तव में SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर या इंटरमीडियरी का है। इसका उद्देश्य फर्जी ऐप्स से निवेशकों को बचाना है।
शुरुआत में 600 से अधिक SEBI रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकर ऐप्स पर यह बैज दिखाई देगा। भविष्य में अन्य रेगुलेटेड इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
फिलहाल SEBI का Verified बैज केवल स्टॉक ब्रोकिंग ऐप्स पर लागू होगा। हालांकि इससे डिजिटल ट्रेडिंग इकोसिस्टम में सुरक्षा बढ़ेगी और निवेशक फर्जी ऐप्स से सतर्क रहेंगे।
हमेशा Google Play Store से ऐप डाउनलोड करें, Verified बैज चेक करें, केवल ऑफिशियल वेबसाइट के लिंक से लॉगिन करें और किसी अनजान लिंक पर KYC या पैसे ट्रांसफर न करें।
हाल ही में Bomitex, BitProMax, CryptoTradeX और Coindcx.pro जैसे फर्जी ऐप्स सामने आए हैं, जो यूजर्स को हाई रिटर्न का लालच देकर उनका पैसा और डेटा चुराने की कोशिश करते हैं। निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की सत्यता जरूर जांचें।