SunCrypto kya hai? SunCrypto app, फीचर्स, फीस और सुरक्षा की जानकारी
भारत में क्रिप्टो खरीदने-बेचने वाले कई लोगों ने SunCrypto का नाम सुना है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि SunCrypto kya hai, इसे कौन चलाता है और भरोसा करने से पहले क्या जाँचना चाहिए। इस ब्लॉग में हम SunCrypto app के फीचर्स, इस्तेमाल का तरीका, खर्च, टैक्स और सुरक्षा को कंपनी के अपने दस्तावेज़ों और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर आसान भाषा में समझेंगे।
SunCrypto kya hai? कंपनी, फाउंडर और शुरुआत
SunCrypto भारत का एक क्रिप्टो एक्सचेंज (क्रिप्टो खरीदने-बेचने का प्लेटफॉर्म) है, जिसे आप ऐप और वेबसाइट दोनों पर चला सकते हैं। कंपनी के रिस्क डिस्क्लोज़र के मुताबिक इसे Angelic Infotech Private Limited चलाती है। इसका CIN (कंपनी रजिस्ट्रेशन नंबर) U74999RJ2021PTC077075 है और FIU में रजिस्ट्रेशन नंबर VA00031314 है।
Tracxn की कंपनी प्रोफाइल के मुताबिक Angelic Infotech 20 सितंबर 2021 को बनी और इसका रजिस्टर्ड ऑफिस जयपुर में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SunCrypto को 2021 में Umesh Kumar (फाउंडर और CEO) और Pramod Yadav (को-फाउंडर और CTO) ने शुरू किया।
कंपनी अपनी वेबसाइट पर दावा करती है कि उसके 25 लाख से ज़्यादा वेरिफाइड यूज़र्स हैं, 600 से ज़्यादा क्रिप्टो एसेट्स उपलब्ध हैं और सालाना वॉल्यूम ₹25,000 करोड़ है। ये आँकड़े कंपनी के अपने दावे हैं, किसी स्वतंत्र संस्था ने इनकी पुष्टि नहीं की है।
अब सवाल यह है कि SunCrypto app में आपको असल में क्या-क्या मिलता है।
SunCrypto app में कौन-कौन सी सुविधाएँ मिलती हैं?
कंपनी के मुताबिक SunCrypto app Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है और एक ही ऐप में कई सेवाएँ देता है।
कंपनी के पेज पर मेटल्स और US स्टॉक्स जैसी चीज़ों का भी ज़िक्र है। कौन-सी सुविधा आपके अकाउंट में चालू है, यह ऐप में खुद देखें।
फ्यूचर्स नए लोगों के लिए नहीं हैं। कंपनी के रिस्क डिस्क्लोज़र में खुद लिखा है कि इसमें शुरुआती निवेश से ज़्यादा नुकसान हो सकता है।
ऐप में तकनीकी दिक्कत आने पर कंपनी ने क्या आधिकारिक बयान दिया था, यह जानने के लिए हमारी रिपोर्ट SunCrypto app down: कंपनी का आधिकारिक बयान पढ़ें।
SunCrypto app डाउनलोड करके अकाउंट कैसे बनाएँ?
ऐप डाउनलोड करें। सिर्फ़ Google Play Store, Apple App Store या कंपनी की वेबसाइट suncrypto.in से। किसी अनजान वेबसाइट से APK फ़ाइल (ऐप की इंस्टॉल फ़ाइल) डाउनलोड न करें।
रजिस्टर करें। ऐप में साइन-अप करें।
KYC (पहचान की जाँच) पूरी करें। कंपनी के मुताबिक यह ज़रूरी है, और ऐप स्टोर विवरण में DigiLocker से KYC का ज़िक्र है।
रुपये जमा करें। UPI या बैंक ट्रांसफर से, और वेबसाइट पर IMPS, NEFT और RTGS भी दिखते हैं।
कॉइन चुनकर खरीदें। खरीदा हुआ कॉइन आपके वॉलेट में दिखता है।
कंपनी इसे 3 आसान स्टेप की प्रक्रिया बताती है। पहली बार में छोटी रकम से शुरू करना समझदारी है।
SunCrypto app से ट्रेडिंग करने पर फीस, GST और टैक्स
तीन चीज़ें अलग-अलग समझ लें।
ट्रेडिंग फीस: सही और ताज़ा रेट कंपनी के फीस स्ट्रक्चर पेज पर देखें, क्योंकि फीस बदलती रहती है। फीस पर 18% GST अलग से लगता है।
TDS: क्रिप्टो ट्रांसफर पर 1% TDS लगता है।
इनकम टैक्स: क्रिप्टो (VDA, यानी वर्चुअल डिजिटल एसेट) से हुई कमाई पर 30% टैक्स, साथ में 4% सेस और लागू सरचार्ज। नुकसान को किसी दूसरी कमाई से घटाया नहीं जा सकता।
Budget 2026-27 में ये दरें नहीं बदलीं। 1 अप्रैल 2026 से नया Income-tax Act, 2025 लागू है, जिसमें नियम वही हैं और सिर्फ़ धाराओं के नंबर बदले हैं। बजट में क्रिप्टो रिपोर्टिंग न करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर जुर्माने का नया प्रावधान भी जुड़ा है। इसलिए हर ट्रेड का हिसाब रखें, क्योंकि ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) के Schedule VDA में जानकारी देनी होती है।
क्या SunCrypto सुरक्षित और कानूनी है?
कानूनी स्थिति। भारत में क्रिप्टो पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन क्रिप्टो सेवा देने वालों को FIU-IND (वित्तीय लेनदेन पर नज़र रखने वाली सरकारी इकाई) में रजिस्टर होना पड़ता है। वित्त मंत्रालय ने 30 मार्च 2026 को लोकसभा में बताया कि 9 मार्च 2026 तक 54 VDA सर्विस प्रोवाइडर FIU-IND में रजिस्टर्ड थे। इस सूची में SunCrypto का नाम Angelic Infotech Private Limited के रूप में दर्ज है।
9 सितंबर 2026 को FIU-IND ने 15 VDA सर्विस प्रोवाइडर को नोटिस भेजे। इनमें Weex, Blofin, Bitunix, Pionex, WhiteBIT और Guardarian जैसे नाम हैं, और ज़्यादातर रिपोर्ट्स में इन्हें विदेशी (ऑफशोर) प्लेटफॉर्म बताया गया है। SunCrypto का नाम इस सूची में नहीं है। इस विषय को और विस्तार से समझने के लिए हमारा ब्लॉग Is SunCrypto legal in India? पढ़ें।
लेकिन एक बात साफ़ रहे। FIU-IND कोई सार्वजनिक सूची नहीं चलाता, क्योंकि सरकार के मुताबिक इससे रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म को लाइसेंस या सरकारी मंज़ूरी वाला समझ लिए जाने का खतरा रहता है। यानी रजिस्ट्रेशन का मतलब सरकार की तरफ़ से पैसे की गारंटी नहीं है। SunCrypto के अपने रिस्क डिस्क्लोज़र में भी लिखा है कि यह प्लेटफॉर्म SEBI, RBI या किसी दूसरी वैधानिक संस्था के पास निवेश या ट्रेडिंग सेवाओं के लिए रजिस्टर्ड नहीं है, और क्रिप्टो प्रोडक्ट्स में नुकसान पर कोई रेगुलेटरी सहारा नहीं मिल सकता।
सुरक्षा के दावे। कंपनी कहती है कि ज़्यादातर ग्राहकों की संपत्ति कोल्ड वॉलेट (इंटरनेट से कटे वॉलेट) में रखी जाती है, जिन्हें LEDGER सुरक्षित और इंश्योर्ड करता है। वेबसाइट पर प्रूफ ऑफ रिज़र्व्स (एक्सचेंज के पास असली फंड होने का सबूत) $25 मिलियन बताया गया है। ये सब कंपनी के अपने दावे हैं, इन्हें अपनी तरफ़ से जाँचना आपकी ज़िम्मेदारी है।
निकासी और कस्टडी का नियम। कंपनी की ट्रेडिंग पॉलिसी में लिखा है कि पॉलिसी की तारीख पर वॉलेट-टू-वॉलेट डिपॉज़िट या निकासी की अनुमति नहीं थी, जबकि टर्म्स में अपने बाहरी वॉलेट में निकासी की बात (कंपनी की जाँच के बाद) लिखी है। ट्रेडिंग पॉलिसी यह भी कहती है कि कस्टडी वॉलेट के क्रिप्टो को थर्ड-पार्टी वैलिडेटर्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है, और उससे होने वाली कमाई SunCrypto को मिलेगी। नियम बदलते रहते हैं, इसलिए पैसा डालने से पहले ऐप या हेल्प सेंटर में मौजूदा नियम ज़रूर देखें।
SunCrypto app के फायदे और कमियाँ
अगर आप नए हैं, तो स्पॉट खरीद और छोटी SIP से शुरू करना ठीक रहेगा। फ्यूचर्स से तब तक दूर रहें, जब तक आप जोखिम पूरी तरह न समझ लें।
SunCrypto app इस्तेमाल करने से पहले ये पाँच बातें याद रखें
सिर्फ़ आधिकारिक स्टोर या suncrypto.in से ऐप लें।
2FA (पासवर्ड के अलावा दूसरा कोड) चालू रखें, और OTP या सीड फ्रेज़ किसी को न बताएँ।
उतना ही पैसा लगाएँ जितना खोने पर आपकी ज़िंदगी पर असर न पड़े।
कोई बड़ी रकम डालने से पहले फीस पेज और रिस्क डिस्क्लोज़र पढ़ें।
हर ट्रेड का रिकॉर्ड रखें, ताकि टैक्स भरते समय दिक्कत न हो।
अब आप समझ गए होंगे कि SunCrypto kya hai और SunCrypto app किन लोगों के काम का हो सकता है। फैसला लेने से पहले ऊपर बताए आधिकारिक पेज खुद खोलकर देख लें।
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सिर्फ़ जानकारी के लिए है, निवेश, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। क्रिप्टो में जोखिम बहुत ज़्यादा होता है, इसलिए कोई भी फैसला अपनी रिसर्च या किसी योग्य सलाहकार की मदद से लें।