Trump Tariff

Trump के Iran Trade पर Tariff का Bitcoin पर क्या होगा प्रभाव, जानिए

Donald Trump के नए Iran Tariff के फैसले से क्या होगा Bitcoin पर असर

US President Donald Trump ने हाल ही में Iran Protests को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि जो भी देश Iran Trade में शामिल होगा, उस देश के सामान पर 25% एक्स्ट्रा US Tariff लगाएगा। यह फैसला तुरंत लागू करने की बात कही गई है।

Trump Iran Tariff

Source-  Crypto India


Trump’s Iran Tariff का उद्देश्य आर्थिक दबाव बढ़ाना है। लेकिन इसका असर सिर्फ देशों और कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रभाव ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट, Share Market, Iranian Currency और खास तौर पर Bitcoin जैसे Crypto Assets पर भी पड़ सकता है।


Trump’s Iran Tariff क्या है और क्यों बना चर्चा का विषय?

इसका मतलब है कि ईरान से ट्रेड करने वाले देशों के सामान पर US में 25% ज्यादा टैक्स लगेगा। यह सीधे इस पर नहीं, बल्कि इसके व्यापारिक साथियों पर है। China, India, Brazil और Russia जैसे बड़े देश ईरान से Oil और अन्य सामान खरीदते हैं। 

अब इन देशों को America में सामान बेचने पर एक्स्ट्रा खर्च उठाना पड़ेगा। यह फैसला Iran Protests को दबाने के लिए दबाव बनाने का तरीका है। इस Protests में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, और Donald Trump ने कहा है कि US विरोधियों की मदद के लिए तैयार है। 


Trump’s Iran Tariff फैसले का Bitcoin पर भी दिखा असर

US President के Iran Tariff की घोषणा के बाद Bitcoin Price में गिरावट आई। घोषणा से पहले CoinMarketCap Website के अनुसार, BTC Price $92,210 पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन आज 13 January 2026 को Bitcoin Price $91,292 पर ट्रेड कर रहा है।

Bitcoin Price Today

Source-  CMC


Trump के Tariff लगाने की खबर सामने आने के बाद से इसका मार्किट कैप भी 0.65% कम हुआ है जिससे अब इसका मार्किट कैप $1.82T पहुँच गया है।


US Sanctions से टूटी Iran Currency, बढ़ सकता है BTC का एडॉप्शन

US Sanctions और बढ़ते आर्थिक दबाव के चलते ईरान की करेंसी पर गंभीर असर देखने को मिल रहा है। Black Market में Iran Currency की वैल्यू ऐतिहासिक रूप से कमजोर लेवल पर पहुंच गई है।

Iran Currency

Source-  Crypto Aman


  • Alanchand और Bonbast जैसे Sources के मुताबिक, 13 January 2026 को 1 US Dollar करीब 14,57,000 Iranian Rial के आसपास ट्रेड कर रहा है।

  • US Sanctions के कारण इस देश का Trade और Banking सिस्टम प्रभावित हुआ है।

  • इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन मुश्किल होने से जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है।

  • इन हालात में Iranian Rial Value और खरीदने की ताकत लगातार घट रही है।


इन आर्थिक चुनौतियों के बीच ईरान में लोग अब अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए Crypto Assets, खासकर Bitcoin की ओर रुख कर रहे हैं। 

एक रिपोर्ट्स में Bitcoin से Missiles तक Iran का Crypto Based Arms Export Plan का खुलासा हुआ था।


Tariff से बचने के लिए कई देश करते हैं BTC का यूज

जब भी USA जैसे बड़े देश कोई सख्त टैरिफ या प्रतिबंध लगाते हैं, तो Global Market ट्रेड करना मुश्किल हो जाता है। जिससे


  • देशों के बीच व्यापार महंगा हो जाता है।

  • कंपनियों की लागत बढ़ती है।

  • Share Market में गिरावट का डर रहता है।

  • कई देश Crypto Assets जैसे BTC की और आकर्षित होते हैं।


ऐसे समय में कई देश ट्रेड जारी रखना चाहते हैं, जहां वे Dollar की बजाए ऐसे एसेट्स का यूज करते हैं जहाँ सरकारों का सीधा कंट्रोल ना हो जैसे कि बिटकॉइन।


Trump के Tariff से Bitcoin की डिमांड क्यों बढ़ सकती है?

Trump के 25% Tariff वाले फैसले से कई देश और कंपनियां प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में


  • Dollar पर दबाव बढ़ सकता है।

  • इंटरनेशनल ट्रेड स्लो हो सकता है।

  • कुछ देशों पर अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम का असर बढ़ेगा।


इन हालात में बिटकॉइन एक ऐसा एसेट बन जाता है, जो बैंकिंग सिस्टम से अलग है। अगर ईरान से जुड़े व्यापार पर रोक सख्त होती है, तो Cross Border Payment के लिए इसका यूज बढ़ सकता है। कई देश ट्रेड करने के लिए बिटकॉइन का यूज कर सकते हैं। जिससे आने वाले समय में इसके प्राइस में तेजी देखने को मिल सकती है।


कन्क्लूजन

Trump द्वारा ईरान से जुड़े देशों पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला सिर्फ एक राजनीतिक कदम नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में Bitcoin का एडॉप्शन देखने को मिल सकता है। यह फैसला Bitcoin जैसे डिसेंट्रलाइज्ड एसेट्स को मजबूती दे सकता है।


आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह टैरिफ ग्लोबल मार्केट को किस दिशा में ले जाता है और Bitcoin निवेशकों का भरोसा कितना बढ़ता है।


डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। Crypto Market काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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