UP Crypto Scam

नकली प्रॉफिट दिखाकर लूटे करोड़ों,गोरखपुर में बड़ा Crypto Scam

UP Crypto Scam, होटल से चल रहा था करोड़ों का फर्जी नेटवर्क


UP के गोरखपुर से एक बड़े Crypto Scam का खुलासा हुआ है, जिसमें ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और डिजिटल एसेट ट्रेडिंग के नाम पर करीब ₹100 करोड़ यानि 1 अरब रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।


क्या है पूरा मामला?


पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह लोगों को घर बैठकर इन्वेस्टमेंट के नाम पर ज्यादा रिटर्न देने का लालच देकर जाल में फंसाता था। आरोपी खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर निवेश के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाते थे और फिर नकली डेटा दिखाकर भरोसा जीतते थे। यह Crypto Scam डिजिटल इन्वेस्टमेंट से जुड़े बढ़ते रिस्क को उजागर करता है, जहां बिना रेगुलेशन वाले प्लेटफॉर्म का उपयोग कर आम लोगों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली जाती है 


ठगी का तरीका, कैसे फंसाते थे लोगों को?


जांच में सामने आया कि आरोपी प्लानिंग करके काम कर रहे थे जिसमे सबसे पहले सोशल मीडिया और कॉल के द्वारा निवेश करने को कहा जाता था शुरुआती रकम पर नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा बनाते थे फिर फर्जी स्क्रीनशॉट और डैशबोर्ड से ट्रेडिंग प्रॉफिट दिखाकर ज्यादा पैसा लगाने के लिए लगातार दबाव बनाते थे, पैसा वापस मांगने पर बहाने बनाकर संपर्क तोड़ दिया जाता था और इस प्रकार एक खाता बंद होते ही नए फर्जी या किराए के बैंक खाते इस्तेमाल करते थे यह पूरी प्रक्रिया एक अवैध और इर्रेगुलर डिपॉजिट स्कीम के रूप में संचालित की जा रही थी।


पुलिस कार्रवाई, होटल में छापा, 4 गिरफ्तार


20 मार्च को मिली गुप्त सूचना के आधार पर रामगढ़ताल थाना पुलिस ने तारामंडल क्षेत्र के एक होटल में छापेमारी की। यहां आरोपी नए लोगों को जाल में फंसा रहे थे। वही पुलिस कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमे शामिल ,अजीत यादव (अंबेडकरनगर), पारतेश सिंह (बलिया), अजय कुमार (कुशीनगर), गणेश साहनी (कुशीनगर) है, जिनके पास से लैपटॉप और कई मोबाइल फोन, बैंक खातों के डॉक्यूमेंट, यूजर आईडी और पासवर्ड डिटेल्स बरामद की गई है। वही नोएडा का अजय और शाहजहांपुर का ऋषभ अभी भी फरार बताये जा रहे है।


आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है,बैंक खातों की डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, कई संदिग्ध खातों को फ्रीज किया गया है और साइबर सेल की मदद से अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है इस मामले में पुलिस को ओर पीड़ितों के नाम सामने आने की उम्मीद है। सीओ अरुण कुमार एस के अनुसार, यह एक संगठित और गैरकानूनी एक्टिविटी थी, जिसकी जांच अभी जारी है।


निवेशकों के लिए चेतावनी 


इस तरह के Crypto Scam से यह साफ है कि बिना जांचे-परखे प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाना गंभीर रिस्क हो सकता है। सुरक्षित रहने के लिए हमेशा केवल रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें, “गारंटीड रिटर्न” जैसे वादों से सावधान रहना जरूरी है, किसी भी अनजान लिंक या ऐप से दूर रहना और अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक डिटेल्स साझा नहीं करना चाहिए। संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।


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कन्क्लूजन 

गोरखपुर का यह Crypto Scam बताता है कि डिजिटल निवेश के क्षेत्र में जागरूकता कितनी जरूरी है। तेजी से बढ़ते Crypto Scam के बीच सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। आसान मुनाफे का लालच अक्सर बड़े नुकसान में बदल सकता है।


Disclaimer


यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न समझें। किसी भी निवेश से पहले स्वयं जांच करें या विशेषज्ञ से सलाह लें। डिजिटल निवेश में जोखिम होता है। संबंधित मामला जांच के अधीन है,अंतिम निर्णय आधिकारिक रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

भूमि मालवीय एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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यह एक साइबर फ्रॉड मामला है जिसमें ऑनलाइन निवेश और डिजिटल एसेट ट्रेडिंग के नाम पर करीब ₹100 करोड़ की ठगी की गई।
आरोपी सोशल मीडिया और कॉल के जरिए निवेश का लालच देते थे, नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा बनाते थे और फिर ज्यादा पैसा लगवाते थे।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक खातों के दस्तावेज और यूजर आईडी-पासवर्ड जैसी महत्वपूर्ण जानकारी बरामद की है।
सिर्फ रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म पर निवेश करें, गारंटीड रिटर्न के वादों से बचें और अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।