Mr Mint Crypto Scam क्या है, निवेश से पहले क्यों जरूरी है सावधानी

Mr Mint Crypto Scam क्या है, जानिए क्या रखना चाहिए सावधानी

Mr Mint Crypto Scam में करोड़ों लोगों को लगाया गया चूना 

क्रिप्टो दुनिया में निवेश के बढ़ते रुझान के बीच, Mr Mint Crypto Scam ने निवेशकों को चौंका दिया है। यह मामला सिर्फ एक सामान्य धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि देशभर में करोड़ों रुपये के नुकसान से जुड़ा एक बड़ा फाइनेंशियल स्कैम है। इस स्कैम में कंपनी ने लाखों निवेशकों को आकर्षित करने के लिए फर्जी क्रिप्टो टोकन और नकली एक्सचेंज का सहारा लिया। निवेशकों को उच्च रिटर्न के वादे दिखाए गए, जिसके आधार पर कई लोगों ने निवेश किया और बाद में नुकसान झेलना पड़ा।

सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स में दावा किया गया कि यह प्रोजेक्ट सेलिब्रिटी प्रमोशन के जरिए प्रचारित हुआ, हालांकि आधिकारिक पुष्टि सीमित रही है। इससे निवेशकों का भरोसा हासिल करना आसान हो गया और लोग बड़े पैमाने पर इस घोटाले के जाल में फंस गए।


Source – यह इमेज Mr Mint की Website से ली गई है।

Mr Mint Crypto Scam के पीछे की रणनीति

जांच में सामने आया कि कंपनी ने ‘विडमेट इनफोटेक प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से फेक रजिस्ट्रेशन कराया और निवेशकों को SEBI और RBI की नकली मंजूरी दिखाई। इस तरह के झूठे सर्टिफिकेशन से लोग यह सोचने लगे कि यह एक भरोसेमंद निवेश है।

घोटाले की खास बात यह थी कि निवेशकों के पैसे को डॉलर में बदलकर विदेश भेजा गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपराध माना गया। मुंबई पुलिस ने Mr Mint Crypto Scam में फर्म के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी Balwinder Singh Chhabra 7 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से पकड़े गए। इससे पहले जुलाई में प्रमोद साहू और राहुल भदोरिया को गिरफ्तार किया जा चुका था।

Mr Mint Crypto Scam का यह तरीका निवेशकों के लिए चेतावनी है कि बड़े लाभ के लालच में जल्दी निर्णय लेना कितना खतरनाक हो सकता है।

इस तरह के स्कैम से बचने के लिए सावधानी

Mr Mint Crypto Scam जैसी धोखाधड़ी से बचने के लिए निवेशकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियाँ अपनानी चाहिए:

  1. लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की जांच – किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म में निवेश करने से पहले उसके रजिस्ट्रेशन और रेगुलेटरी अप्रूवल की जांच जरूर करें।

  2. फेमस प्रमोशन पर भरोसा न करें – फेमस सेलिब्रिटीज का प्रमोशन हर बार वैध नहीं होता। उनका सपोर्ट सिर्फ मार्केटिंग पर्पस के लिए हो सकता है।

  3. अत्यधिक मुनाफे के वादे से सतर्क रहें – अगर कोई प्लेटफॉर्म असामान्य रूप से ज्यादा लाभ का दावा करता है, तो यह फ्रॉड का संकेत हो सकता है।

  4. पर्सनल और बैंक डिटेल्स सुरक्षित रखें – केवल भरोसेमंद और वेरीफाइड प्लेटफॉर्म पर ही ट्रांजेक्शन करें।

  5. सोशल मीडिया और फेक न्यूज पर भरोसा न करें – कई बार स्कैमर्स फेक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग करके निवेशकों को फंसाते हैं।

इस तरह की सावधानियाँ अपनाकर निवेशक Mr Mint Crypto Scam जैसी धोखाधड़ी से अपने पैसे और समय दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।

घटनाक्रम और कानूनी कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने Mr Mint Crypto Scam मामले में कई बड़े कदम उठाए हैं। अंबिकापुर में छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी बलविंदर सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ धारा 316(2), 316(5), 318(4), 351(3), 352, 3 (5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा Maharashtra Protection Act के सेक्शन 3 और 4 के तहत भी कार्रवाई करते हुए पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है।

इससे पहले जुलाई में दो अन्य निदेशकों प्रमोद साहू और राहुल भदोरिया को भी पुलिस ने योजना बनाकर गिरफ्तार किया था। फिलहाल इस धोखाधड़ी के केस में एक आरोपी फरार है।

इस घोटाले की जटिलता और विदेश में पैसों के ट्रांसफर से यह स्पष्ट होता है कि Mr Mint Crypto Scam सिर्फ लोकल फ्रॉड नहीं है, जांच में सामने आया कि इसमें अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के कुछ पहलू शामिल थे, जिससे मामला और जटिल हो गया।

निवेशकों के लिए एक बड़ी चेतावनी

व्यक्तिगत तौर पर, Mr Mint Crypto Scam जैसी घटनाएँ निवेशकों के लिए एक चेतावनी हैं। यह दर्शाता है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना जितना आकर्षक हो सकता है, उतना ही जोखिम भरा भी है। बड़ी राशि निवेश करने से पहले हमेशा पूरी जानकारी और सतर्कता जरूरी है।

मुझे लगता है कि निवेशकों को केवल मार्केटिंग या प्रमोशन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्हें अपने निवेश के हर पहलू को स्वयं जांचना चाहिए और किसी भी तरह की “सस्ता पैसा कमाने का मौका” वाली योजना से दूर रहना चाहिए।

कन्क्लूजन

Mr Mint Crypto Scam ने साबित कर दिया कि क्रिप्टो निवेश में सावधानी कितनी जरूरी है। इस मामले में निवेशकों का पैसा भारी मुनाफे के लालच में जा चुका है, और कई लोग अब कानूनी लड़ाई में फंसे हैं।

भविष्य में ऐसे स्कैम से बचने के लिए यह आवश्यक है कि निवेशक पूरी तरह से सतर्क रहें, प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें, और निवेश से पहले विशेषज्ञ की राय लें। केवल जागरूकता और सतर्कता से ही Mr Mint Crypto Scam जैसी धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की फाइनेंशियल सलाह, निवेश सुझाव या लीगल गाइडेंस नहीं है। आप किसी भी निवेश से पहले रिसर्च करें और एक्सपर्ट्स की सलाह अवश्य लें।

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है। वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

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Mr Mint Crypto Scam एक बड़ा क्रिप्टो फ्रॉड है, जिसमें फर्जी टोकन और नकली एक्सचेंज के माध्यम से निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई।
निवेशकों को ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया और नकली SEBI व RBI अप्रूवल दिखाकर भरोसा जीता गया।
जांच में सामने आया कि कंपनी ने ‘विडमेट इनफोटेक प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया था।
इस स्कैम के प्रमोशन में हरभजन सिंह और साइना नेहवाल जैसे नाम सामने आए, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
इस केस में मुख्य आरोपी बलविंदर सिंह छाबड़ा को अक्टूबर 2025 में छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया।