1 bitcoin price in 2016

नोटबंदी के बाद भारत में बढ़ा Bitcoin, जानें 2016 की स्थिति?

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 2016 में नोटबंदी का झटका, Bitcoin के खुले रास्ते, जानें जानकारी

8 नवंबर 2016 की रात भारत में एक ऐतिहासिक पल आया जब रात 8 बजे, प्रधानमंत्री ने टीवी पर घोषणा की कि ₹500 और ₹1000 के नोट अब बंद हो रहे हैं। इसके बाद आनन-फानन में लोगों ने ATM और बैंकों की ओर दौड़ लगाई। लंबी लाइनों में घंटों खड़े रहे, धक्का-मुक्की और हाथ में सिर्फ़ कागज़ के टुकड़े रह गए थे। इसी बीच Bitcoin ने चुपचाप अपनी चाल शुरू कर दी। India के Zebpay और Unocoin पर ट्राफिक बढ़ा और लाखों भारतीयों ने पहली बार समझा कि, ऐसी करेंसी भी होती है, जिसे कोई सरकार रातोंरात बंद नहीं कर सकती। तो चलिए, जानते हैं कि 2016 में भारत में Bitcoin ने कैसे सबका ध्यान खींचा और किस तरह इसकी कीमत ने नया रुझान बनाया।

जब 60 मिलियन डॉलर का हुआ नुकसान

17 जून 2016 को Ethereum Platform की दुनिया में बड़ा झटका लगा। The DAO नाम के प्रोजेक्ट में एक खराबी थी और एक हैकर ने उसका फायदा उठाकर कुछ घंटों में 60 मिलियन डॉलर के Ethereum चुरा लिए। Ethereum समुदाय दो हिस्सों में बंट गई। एक तरफ़ थे लोग जिन्होंने कहा, “कोड ही कानून है। पैसे वापस नहीं होंगे।” दूसरी तरफ़ वो लोग थे जिन्होंने कहा, “यह एक बग था। लोगों की सारी बचत चली गई। इसे सही करना होगा।” 

20 जुलाई को समुदाय ने वोट करके ब्लॉकचैन को पीछे किया और पैसे वापस आए। लेकिन कुछ लोगों ने पुरानी चैन को अपनाया, जो आज Ethereum Classic (ETC) बन गई। Bitcoin ने इस पूरे घटनाक्रम को दूर से देखा और शांत रहा। Bitcoin की ब्लॉकचैन कभी बदली नहीं गई। यही इसकी स्थिरता और भरोसे की ताक़त है।

दूसरा Halving Supply आधी, डिमांड वही

जुलाई 2016 में Bitcoin का दूसरा Halving हुआ। Halving वो सिस्टम है जिसे Satoshi ने 2009 में बनाया था। इसका मतलब था कि Mining Rewards आधे हो गए, यानी हर ब्लॉक पर मिलने वाले 25 BTC अब सिर्फ 12.5 BTC थे। नेटवर्क में रोज़ नए Bitcoin की सप्लाई आधी हो गई, लेकिन खरीदने वाले उतने ही थे। Halving के समय Bitcoin $650 यानी लगभग ₹43,550 था। कुछ ही हफ्तों में यह $750 तक पहुँच गया। जो लोग जनवरी में ₹28,000 में खरीद चुके थे, उन्होंने जुलाई तक 55% का प्रॉफिट देख लिया।

Bitcoin Halving क्या होता है? जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 

2016 में Bitcoin की कीमत और भारत में इसका असर

2016 में Bitcoin ने India में लोगों का ध्यान खींचा। नोटबंदी के बाद Zebpay पर Sign-Ups 10 गुना बढ़ गए और Unocoin ने Record Trading Volume देखा। पहली बार Mainstream मीडिया ने Bitcoin को गंभीरता से कवर किया और कहा कि “जब नोट बंद हों, तो डिजिटल करेंसी काम आती है।”

Bitcoin की कीमत सालभर कुछ इस तरह बदलती रही:

  • जनवरी 2016: 1 BTC = $430 ≈ ₹28,380

  • 9 जुलाई (Halving): 1 BTC = $650 ≈ ₹43,550

  • 8 नवंबर (Demonetisation): 1 BTC = $700 ≈ ₹47,600

  • नवंबर के अंत तक: 1 BTC = $850 ≈ ₹57,800

  • दिसंबर 2016: 1 BTC = $950 ≈ ₹64,600

देखा जाए तो 2016 में Bitcoin की कीमत ₹28,000 से बढ़कर ₹64,600 तक पहुँच गई। जो लोग साल की शुरुआत में निवेश कर रहे थे, उन्होंने साल के अंत तक लगभग दोगुना फायदा देखा।

KEY STATS- 2016

Category

Value

Note




शुरुआती कीमत

$430 ≈ ₹28,380

January 2016

दूसरा Halving

$650 ≈ ₹43,550

9 July 2016

DAO Hack

$60 Million ETH

17 June 2016

Demonetisation day

$700 ≈ ₹47,600

8 Nov 2016

साल-अंत कीमत

$950 ≈ ₹64,600

December 2016

सालाना return

+121%


Trump, अनिश्चितता और Bitcoin का नया रोल

नवंबर 2016 में Donald Trump ने अमेरिका का चुनाव जीत लिया। इसके बाद दुनिया के मार्केट्स  हिल गए और डॉलर की कीमत अनिश्चित हो गई। Global Trade Policies पर भी सवाल उठने लगे। लेकिन Bitcoin ने हैरान कर दिया इसकी कीमत ऊपर चली गई। पहली बार लोग इसे गंभीरता से एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देखने लगे। Gold की तरह, जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है, Currencies कमजोर होती हैं और सरकारें अचानक फैसले लेती हैं, तब Bitcoin एक भरोसे का Shelter बन सकता है। 

साल के सितंबर में Bitfinex Exchange पर भी हैक हुआ। 119,756 BTC चोरी हो गए, यानी करीब 72 मिलियन डॉलर का नुकसान। Mt. Gox के बाद यह सबसे बड़ा Exchange हैक था। लेकिन इस बार Bitcoin की कीमत कुछ ही दिनों में वापस बढ़ गई। यह दिखाता है कि बाजार अब पहले से ज्यादा मजबूत हो गया था।

क्या था 2016 का असली संदेश? 

2016 ने तीन बड़ी बातें साबित कीं। Ethereum का DAO है दिखा कि कोड हमेशा परफेक्ट नहीं होता। Bitcoin का Halving बताता है कि Scarcity सच में काम करती है और भारत का Demonetisation याद दिलाता है कि सरकार कभी भी आपका पैसा अचानक बदल सकती है। साल की शुरुआत में 1 Bitcoin की कीमत लगभग ₹28,000 थी और साल के अंत तक यह बढ़कर ₹65,000 हो गई। जिन्होंने जनवरी में ₹10,000 निवेश किया, उनका सालाना रिटर्न दिसंबर तक ₹22,100 बन गया। 

1 Bitcoin Price in 2015? जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

कन्क्लूजन 

2016 ने दिखा दिया कि Bitcoin सिर्फ़ एक डिजिटल करेंसी नहीं है, बल्कि एक भरोसेमंद विकल्प भी बन सकता है। सालभर की घटनाएँ Halving, DAO Hack, और भारत की नोटबंदी सब ने यह साबित किया कि Scarcity, Stability और Decentralization Bitcoin की सबसे बड़ी ताक़त हैं। जिसने सही समय पर निवेश किया, उसने साल के अंत तक शानदार रिटर्न देखा। Bitcoin ने साबित किया कि बिना किसी बैंक या अनुमति के भी यह काम कर सकती है और भविष्य में यह एक सुरक्षित Shelter की तरह काम कर सकती है।

डिस्क्लेमर 

इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचना उद्देश्य के लिए है। इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में न लें। अपने निवेश से पहले हमेशा खुद रिसर्च करें और सावधानी बरतें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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2016 की शुरुआत में Bitcoin की कीमत लगभग $430 (करीब ₹28,000) थी और साल के अंत तक यह बढ़कर लगभग $950 (करीब ₹65,000) पहुंच गई थी।
2016 में Bitcoin का दूसरा Halving हुआ, जिसमें Mining reward 25 BTC से घटकर 12.5 BTC हो गया। इससे नई सप्लाई कम हुई और कीमत पर सकारात्मक असर देखने को मिला।
8 नवंबर 2016 को भारत में नोटबंदी के बाद Zebpay और Unocoin जैसे प्लेटफॉर्म पर Bitcoin की मांग तेजी से बढ़ी और बड़ी संख्या में नए यूजर्स ने क्रिप्टो में रुचि दिखाई।
17 जून 2016 को Ethereum के DAO प्रोजेक्ट में एक बग का फायदा उठाकर लगभग 60 मिलियन डॉलर के ETH चोरी कर लिए गए थे। इसके बाद Ethereum समुदाय ने blockchain को fork किया, जिससे Ethereum Classic बना।
हाँ, 2016 में Bitcoin ने लगभग 121% सालाना रिटर्न दिया। साल की शुरुआत में निवेश करने वाले निवेशकों को साल के अंत तक लगभग दोगुना फायदा मिला।