क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में Bitcoin ने फाइनेंस इंडस्ट्री को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। आज Bitcoin को दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल एसेट माना जाता है, लेकिन इसकी शुरुआत बेहद साधारण रही थी। जब 2009 में पहली बार Bitcoin अस्तित्व में आया, तो इसे एक प्रयोगात्मक डिजिटल करेंसी माना गया था। कुछ ही वर्षों में यह एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक वित्तीय संपत्ति के रूप में उभर कर सामने आया।
इस ब्लॉग में हम 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees से लेकर 2017 तक का पूरा सफर देखेंगे और समझेंगे कि कैसे Bitcoin ने एक “एक्सपेरिमेंटल डिजिटल करेंसी” से “रियल फाइनेंशियल असेट” बनने तक का सफर तय किया।

Source – यह तस्वीर Bitcoin Whitepaper से ली गई है, यहाँ हमने इसकी ऑफिशियल लिंक भी दी है।
2009 में लॉन्च- Bitcoin की शुरुआत 2009 में Satoshi Nakamoto ने की। उस समय 1 Bitcoin Price 0 था, क्योंकि यह सिर्फ टेक्नोलॉजी लवर्स के बीच एक एक्सपेरिमेंट था।
2010 की Pizza Story- 22 मई 2010 को पहली बार Bitcoin का उपयोग एक असली प्रोडक्ट खरीदने में हुआ। Laszlo Hanyecz ने 10,000 Bitcoins देकर दो पिज़्ज़ा खरीदे। उस समय 1 Bitcoin Price in Indian Rupees कुछ पैसों के बराबर था।
2011-2013 का दौर- इस अवधि में Bitcoin धीरे-धीरे पहचान बनाने लगा। 2013 में Bitcoin पहली बार $100 से ऊपर गया। उस समय INR conversion लगभग ₹6,000 के आसपास था (historical FX rates के आधार पर)।
2014-2016 की स्थिरता- Mt. Gox एक्सचेंज हैक (2014) ने मार्केट को हिला दिया था, लेकिन इसके बावजूद Bitcoin धीरे-धीरे ग्रोथ करता रहा। 2016 के अंत तक इसका दाम $1,000 (लगभग ₹65,000) के पास पहुंच चुका था।
यानी शुरुआती सालों में 1 Bitcoin Price बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स का भरोसा बढ़ता गया।
2017 वो साल था जिसने Bitcoin को पूरी दुनिया के सामने सुर्खियों में ला दिया।
जनवरी 2017 में 1 Bitcoin Price in Indian Rupees लगभग ₹70,000 था।
मार्च तक यह ₹1 लाख पार कर गया।
जून 2017 में यह ₹2 लाख से ज्यादा हो गया।
दिसंबर 2017 में Bitcoin ने लगभग $19,000–$20,000 का स्तर छुआ, जो INR में लगभग ₹10-13 लाख के बीच था (साल 2017 के औसत USD-INR दर के अनुसार)।
यानी सिर्फ एक साल में Bitcoin ने लगभग 15 गुना ग्रोथ दिखाई।
2017 में Bitcoin के लिए कई ऐसे इवेंट्स हुए जिन्होंने इसकी वैल्यू और एडॉप्शन को नई ऊँचाई दी -:
Institutional Interest – पहली बार बड़ी-बड़ी फाइनेंशियल कंपनियों और हेज फंड्स ने Bitcoin को एक एसेट क्लास के तौर पर देखना शुरू किया।
ICO Boom – 2017 में हजारों नए क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स लॉन्च हुए, जिससे Bitcoin को “गेटवे क्रिप्टो” की तरह इस्तेमाल किया जाने लगा।
Global Media Coverage – दुनिया भर की मीडिया ने Bitcoin की अप्रत्याशित प्राइस ग्रोथ को कवर किया। भारत में भी लोगों ने पहली बार बड़े लेवल पर Bitcoin के बारे में सुना।
Regulatory Attention – 2017 ने यह भी साबित कर दिया कि सरकारें और रेगुलेटर्स अब Bitcoin को नजरअंदाज नहीं कर सकते। कई देशों ने इसके लिए नियम बनाने शुरू किए।
इससे पहले तक Bitcoin को सिर्फ एक टेक्निकल इनोवेशन या सट्टा लगाने का साधन माना जाता था। लेकिन 2017 ने यह साबित कर दिया कि यह एक रियल फाइनेंशियल असेट है। बड़ी कंपनियों ने इसे अपनी बैलेंस शीट में शामिल करने की बात शुरू की। Hedge funds और बड़े इन्वेस्टर्स ने इसे “डिजिटल गोल्ड” कहना शुरू किया। क्रिप्टो एक्सचेंजों का ट्रेडिंग वॉल्यूम कई गुना बढ़ गया। इस साल ने Bitcoin को “निच मार्केट” से उठाकर “ग्लोबल फाइनेंशियल मैप” पर ला खड़ा किया।
अगर आप हमारी इस सीरिज का पिछला ब्लॉग 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees, 2016 ने लिखी गई नई कहानी, पढ़ना चाहते हैं तो लिंक पर क्लिक करें।
भारत जैसे देशों में भी 2017 वो साल रहा जब लोगों ने पहली बार बड़े पैमाने पर Bitcoin में इन्वेस्ट करना शुरू किया। Facebook, WhatsApp ग्रुप्स और न्यूज़ मीडिया में Bitcoin चर्चा का विषय बन गया। इतना ही नहीं इसी साल कई शुरुआती निवेशकों ने करोड़ों रुपये कमाए और यह “Bitcoin Millionaires” का साल कहलाया। हालांकि, दिसंबर 2017 के बाद प्राइस में गिरावट आई, लेकिन Bitcoin ने यह साबित कर दिया कि यह “सिर्फ एक डिजिटल एक्सपेरिमेंट” नहीं है।
2009 – लगभग शून्य (₹0)
2010 – कुछ पैसों से ₹1 तक
2013 – लगभग ₹6,000
2016 – लगभग ₹65,000
2017 – ₹10 लाख तक
यानी 8 साल में Bitcoin Price ने “पैसे से लाखों” तक का सफर तय किया।
मैं पिछले 3 साल से एक क्रिप्टो राइटर के तौर पर काम कर रहा हूँ और पिछले 13 सालों से में क्रिप्टो मार्केट को करीब से देख रहा हूँ। चूँकि मैं खुद एक निवेशक भी हूँ, इसलिए मैंने इन सालों में Bitcoin की वैल्यू में उतार-चढ़ाव को नज़दीक से देखा है।
मेरे हिसाब से 2017 का साल Bitcoin के लिए ऐतिहासिक इसलिए था क्योंकि इसने पहली बार आम लोगों को यह महसूस कराया कि यह सिर्फ एक टेक-टॉय नहीं, बल्कि असली निवेश का विकल्प है।
एक निवेशक के रूप में अगर मैं अपना अनुभव साझा करूँ तो मैंने यह सीखा है कि Bitcoin का सबसे बड़ा आकर्षण सिर्फ इसका प्राइस नहीं, बल्कि इसकी डिसेंट्रलाइज्ड टेक्नोलॉजी और लिमिटेड सप्लाई है। एक लेखक और क्रिप्टो एनालिस्ट के तौर पर मैं यह मानता हूँ कि “2017 ने Bitcoin को वो पहचान दी, जिसकी वजह से आज भी यह डिजिटल एसेट्स का किंग कहलाता है।”
1 Bitcoin Price ने 2009 से 2017 तक एक अविश्वसनीय सफर तय किया। शून्य से शुरू होकर यह लाखों रुपये तक पहुंचा और दुनिया को दिखा दिया कि डिजिटल करेंसी सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि एक हकीकत है।2017 ने साबित किया कि Bitcoin अब एक ग्लोबल फाइनेंशियल असेट है, जिसने आने वाले दशक की नींव रखी। आज भी, जब क्रिप्टो इंडस्ट्री में नए प्रोजेक्ट्स आते हैं, तो Bitcoin को ही “स्टैंडर्ड ऑफ ट्रस्ट” माना जाता है।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की फाइनेंशियल सलाह, निवेश सुझाव या लीगल गाइडेंस नहीं है। आप किसी भी निवेश से पहले रिसर्च करें और एक्सपर्ट्स की सलाह अवश्य लें।
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