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Anubis Coin Price Prediction 2030 in India: कहाँ तक जा सकता है?

Hindi News Writer
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Anubis Coin Price Prediction 2030 in Indian Rupees
Anubis Coin Price Prediction 2030 in Indian Rupees

मई 2026 में जो टोकन करीब $5 के भाव पर लॉन्च हुआ था, वह आज भारतीय रुपये में सिर्फ़ ₹12.62 पर ट्रेड हो रहा है, और पिछले 24 घंटों में ही इसमें 16.9% की गिरावट आई है। ऐसे में अगर आप Anubis Coin Price Prediction 2030 in India in Rupees खोज रहे हैं, तो आपके मन में सबसे पहला सवाल यही होगा कि क्या यह कॉइन दोबारा उठ सकता है, या अब बहुत देर हो चुकी है।

इस आर्टिकल में हम Anubis Bridged LGNS, जिसे आम तौर पर Anubis Coin कहा जाता है, की मौजूदा स्थिति, उसके भाव को चलाने वाले असली कारणों और 2030 के तीन अलग-अलग सिनेरिओ को आसान भाषा में समझेंगे। हम कोई पक्का आंकड़ा नहीं देंगे, क्योंकि इतने नए और कम लिक्विडिटी वाले टोकन के लिए ऐसा दावा ईमानदार नहीं होगा; हमारा मकसद यह है कि आप डेटा देखकर अपना फ़ैसला खुद समझदारी से ले सकें।

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Anubis LGNS Coin की वर्तमान स्थिति क्या है?

anubis coin price in india

Source: Coingecko Website

सबसे पहले एक ज़रूरी बात: LGNS नाम के कई वर्ज़न मौजूद हैं। CoinGecko पर Anubis Bridged LGNS अलग से लिस्टेड है, जबकि Polygon पर Origin LGNS और कुछ प्लेटफॉर्म पर Longinus नाम से भी इसका भाव दिखता है, और इन सबके भाव एक-दूसरे से काफ़ी अलग हो सकते हैं। ब्रिज्ड टोकन यानी वह टोकन, जिसे एक ब्लॉकचेन से दूसरे ब्लॉकचेन पर लाया गया हो और जो मूल टोकन की कॉपी की तरह काम करता हो। इसलिए कोई भी भाव देखने से पहले यह जाँच लें कि आप सही वर्ज़न देख रहे हैं।

26 अक्टूबर 2026 को CoinGecko के अनुसार स्थिति इस तरह है:

पैमाना

मौजूदा आंकड़ा

भाव

₹12.62

24 घंटे में बदलाव

-16.9%

मार्केट कैप

लगभग ₹5,778 करोड़

24 घंटे का ट्रेडिंग वॉल्यूम

लगभग ₹32.8 करोड़

सर्कुलेटिंग सप्लाई

4.569 अरब LGNS

मैक्स सप्लाई

कोई सीमा नहीं

CoinGecko रैंक

#133

मार्केट कैप का मतलब है किसी कॉइन की कुल कीमत, जो भाव को बाज़ार में चल रहे कुल टोकन से गुणा करके निकलती है। यहाँ एक बात खटकती है: ट्रेडिंग वॉल्यूम मार्केट कैप का सिर्फ़ 1% के आसपास है, यानी इतने बड़े आकार के मुकाबले रोज़ की खरीद-बिक्री काफ़ी कम है।

अब ज़रा पीछे देखिए। DEXTools की जानकारी के अनुसार LGNS 13 मई 2026 को $5 पर लॉन्च हुआ था, अगस्त की शुरुआत तक यह लगभग $2 पर आ गया, अक्टूबर की शुरुआत में करीब €1 के आसपास था, और आज रुपये के भाव के हिसाब से $0.15 से भी नीचे है। यानी लॉन्च भाव से लगभग 97% की गिरावट, जो डॉलर-रुपया दर के हिसाब से थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है।

Anubis Chain एक नया ब्लॉकचेन है, जहाँ ट्रांज़ैक्शन फीस gasDAI में दी जाती है, जो DAI स्टेबलकॉइन से जुड़ा हुआ है, और इसका मुख्य एक्सचेंज RocketSwap है। LGNS इस चेन के पहले जेनेसिस प्रोजेक्ट AWAKE का टोकन है। DefiLlama के अनुसार Anubis Bridge की गिनती ब्रिज की सूची में काफ़ी नीचे, 93वें नंबर पर आती है, यानी इस नेटवर्क का इस्तेमाल अभी बहुत बड़े पैमाने पर नहीं हो रहा।

Anubis LGNS Coin Price को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स

किसी भी कॉइन का भाव एक वजह से नहीं हिलता, इसलिए आगे की तस्वीर समझने के लिए इन छह बातों पर नज़र रखनी चाहिए।

1. सप्लाई का लगातार बढ़ना

अगस्त में CoinStats पर सर्कुलेटिंग सप्लाई करीब 2.09 अरब थी, अक्टूबर की शुरुआत में Finary पर करीब 3.5 अरब दिखी, और आज CoinGecko पर 4.569 अरब है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म गिनती अलग तरह से करते हैं, फिर भी दिशा साफ़ है कि बाज़ार में टोकन तेज़ी से बढ़ रहे हैं। जब टोकन की संख्या बढ़ती है और मांग उतनी नहीं बढ़ती, तो हर टोकन की कीमत पर दबाव आता है, जिसे डायल्यूशन कहते हैं। ऊपर से मैक्स सप्लाई की कोई सीमा नहीं है, इसलिए भविष्य में और टोकन आने की गुंजाइश बनी रहती है।

2. लिक्विडिटी और ट्रेडिंग की जगह

लिक्विडिटी का मतलब है कि आप बिना भाव बिगाड़े कितनी आसानी से खरीद या बेच सकते हैं। Finary के डेटा के अनुसार लगभग पूरा ट्रेडिंग वॉल्यूम, करीब 97%, RocketSwap पर ही होता है। जब सारा खेल एक ही जगह पर टिका हो, तो वहाँ की हलचल का असर सीधा भाव पर पड़ता है, और बड़े सेल ऑर्डर से भाव एक दिन में भी 15-20% गिर सकता है, जैसा आज दिख रहा है।

3. टीम और प्रोजेक्ट की साख

Bitget के पेज के अनुसार Longinus (LGNS) को कम्युनिटी ने शुरू किया है और इसकी टीम सार्वजनिक नहीं है। CoinStats ने अगस्त में टोकनॉमिक्स (टोकन के बँटवारे और सप्लाई के नियम) में प्रस्तावित बदलाव का ज़िक्र किया था, लेकिन उसी समय किसी नई पार्टनरशिप या बड़े एक्सचेंज लिस्टिंग की आधिकारिक घोषणा नहीं मिली थी। जिस प्रोजेक्ट के पीछे के लोग और उनकी जवाबदेही साफ़ न हो, उसमें लंबे समय का भरोसा बनना मुश्किल होता है।

4. Anubis Chain का असली इस्तेमाल

LGNS की कीमत लंबे समय में इसी बात पर टिकेगी कि Anubis Chain पर असली यूज़र, ऐप और ट्रांज़ैक्शन कितने आते हैं। सिर्फ़ लॉन्च के समय की चर्चा से भाव नहीं टिकता, और ब्रिज वॉल्यूम या नेटवर्क पर DEX की गहराई जैसे आंकड़े बढ़ें, तब ही कुछ ठोस संकेत मिलेगा।

5. Bitcoin और पूरे क्रिप्टो मार्केट का मूड

जब Bitcoin और Ethereum मज़बूत रहते हैं, तो छोटे कॉइन में भी पैसा आता है, लेकिन जब बाज़ार डरता है तो छोटे और कम लिक्विडिटी वाले टोकन सबसे पहले और सबसे ज़्यादा गिरते हैं। LGNS जैसे टोकन पर यह असर बड़े कॉइन से कहीं ज़्यादा पड़ता है।

6. भारत में टैक्स और रेगुलेशन

भारत में क्रिप्टो को वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) माना जाता है, और इसके मुनाफ़े पर फ्लैट 30% टैक्स (साथ में 4% सेस) और हर ट्रांसफर पर 1% TDS लगता है। इसके अलावा एक कॉइन के नुकसान को दूसरे कॉइन के मुनाफ़े से घटाया नहीं जा सकता। यह ढाँचा 2026-27 के लिए भी जारी है, लेकिन आगे बदल सकता है, इसलिए फाइल करने से पहले अपने टैक्स सलाहकार (CA) से ज़रूर पूछें।

Anubis Coin Price Prediction 2030: तीन सिनेरिओ

यह अनुमान कोई भविष्यवाणी नहीं है। हमने आज के ₹12.62 के भाव, 4.569 अरब की सप्लाई और मार्केट कैप को आधार बनाकर यह सोचा कि अगर आगे के चार साल तीन अलग-अलग तरह के गुज़रें, तो 2030 तक भाव किस दायरे में आ सकता है। सप्लाई को हमने 2030 तक करीब 5 से 7 अरब के बीच माना है, क्योंकि यह अभी भी बढ़ रही है।

सिनेरिओ

2030 में संभावित भाव

क्या मानकर चला गया

निराशावादी

₹0.5 से ₹3

प्रोजेक्ट की चर्चा खत्म होती है, लिक्विडिटी सूख जाती है

संतुलित

₹6 से ₹18

भाव छोटे दायरे में टिकता है, सप्लाई की मार और नए यूज़र मोटे तौर पर बराबर रहते हैं

आशावादी

₹40 से ₹65

Anubis Chain पर असली इस्तेमाल बढ़ता है और बड़े एक्सचेंज लिस्टिंग मिलती हैं

निराशावादी सिनेरिओ। इसमें लॉन्च के बाद की गिरावट का रुझान जारी रहता है, नए खरीदार नहीं आते, और सप्लाई बढ़ने से भाव और दबता है। इस हालत में मार्केट कैप आज के मुकाबले 75% से 95% तक कम हो सकता है, और बहुत बुरी स्थिति में भाव ज़ीरो के करीब भी जा सकता है। मौजूदा रुझान, खुली सप्लाई और सीमित ट्रेडिंग देखकर हमें यही सिनेरिओ बाकी दोनों से ज़्यादा संभावित लगता है।

संतुलित सिनेरिओ। इसमें गिरावट धीरे-धीरे रुकती है और LGNS एक छोटे, कम चर्चित कॉइन की तरह टिका रहता है। मार्केट कैप आज के स्तर से लगभग आधे से दोगुने के बीच रहता है, इसलिए भाव ₹6 से ₹18 के बीच घूमता रहता है।

आशावादी सिनेरिओ। इसके लिए कई चीज़ें एक साथ सही होनी चाहिए: Anubis Chain पर असली ऐप और यूज़र आएँ, सप्लाई पर काबू हो, और बड़े एक्सचेंज इसे लिस्ट करें। तब मार्केट कैप करीब ₹25,000 से ₹45,000 करोड़ तक पहुँच सकता है, जो आज के मुकाबले चार से आठ गुना है, और भाव ₹40 से ₹65 के आसपास बैठेगा। इतना बड़ा उछाल बहुत कम कॉइन को मिलता है, इसलिए इसे उम्मीद की तरह देखें, योजना की तरह नहीं।

क्या Anubis Coin में निवेश करना सही रहेगा?

यह सवाल आपकी आमदनी, ज़रूरतों और जोखिम उठाने की ताकत पर निर्भर करता है, इसलिए कोई भी लेख इसका सीधा जवाब नहीं दे सकता। फिर भी निवेश से पहले इन बातों को ज़रूर परखें:

  • जोखिम: सिर्फ़ उतना पैसा लगाएँ जिसे खोने पर आपकी रोज़ की ज़िंदगी पर असर न पड़े।

  • सही कॉन्ट्रैक्ट: DEX पर नकली टोकन आम हैं, इसलिए खरीदने से पहले आधिकारिक एक्सप्लोरर पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट का पता मिलाएँ।

  • निकलने की आसानी: कम लिक्विडिटी में आप जितना खरीद सकते हैं, उतना बेचना भी आसान हो, यह पक्का नहीं होता।

  • टैक्स: हर बिक्री पर 1% TDS और मुनाफ़े पर 30% टैक्स को पहले से हिसाब में रखें।

निष्कर्ष

Anubis Coin का मामला फिलहाल एक नए, तेज़ी से गिरे और कम लिक्विडिटी वाले टोकन का है, जिसका 2030 का भाव ₹1 से भी नीचे और ₹60 से ऊपर, दोनों हो सकता है, और इस फ़र्क में ही असली जोखिम छिपा है। अगर आप इसमें पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो किसी एक प्रेडिक्शन पर भरोसा करने के बजाय सप्लाई, ट्रेडिंग वॉल्यूम और Anubis Chain के असली इस्तेमाल पर हर महीने नज़र रखें, और सिर्फ़ उतनी रकम लगाएँ जिसे आप पूरी तरह खोने के लिए तैयार हों। जो लोग पहले से इसे होल्ड कर रहे हैं, वे टैक्स का हिसाब अभी से रखें, क्योंकि आज के भाव पर बेचने से भी 1% TDS कटेगा।

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डिस्क्लेमर

यह आर्टिकल सिर्फ़ जानकारी और शिक्षा के मकसद से है और इसे निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह न समझें। क्रिप्टोकरेंसी का भाव बहुत तेज़ी से बदलता है और आपकी पूरी रकम डूब सकती है। यहाँ दिए गए आंकड़े 26 अक्टूबर 2026 तक के हैं और तीनों सिनेरिओ अनुमान हैं, गारंटी नहीं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपना रिसर्च करें और किसी रजिस्टर्ड फाइनेंशियल या टैक्स सलाहकार से बात करें।

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Anubis Coin की कीमत 2030 तक ₹100 तक पहुँचने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। इस स्तर पर पहुंचने के लिए इसका मार्केट कैप लगभग ₹60,000 करोड़ होना होगा, जो मौजूदा स्तर से करीब दस गुना अधिक है और आशावादी अनुमानों से भी आगे है। हालांकि, क्रिप्टो बाजार में कीमतों का अनुमान अनिश्चित होता है, इसलिए किसी भी प्राइस टारगेट को गारंटी नहीं मानना चाहिए।

Anubis Coin की किसी बड़े भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज पर लिस्टिंग की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं मिली है। इसकी ट्रेडिंग मुख्य रूप से RocketSwap जैसे विकेंद्रीकृत एक्सचेंज पर हो सकती है, जहाँ खरीदारी के लिए संगत क्रिप्टो वॉलेट और DAI की आवश्यकता पड़ सकती है। निवेश करने से पहले टोकन का सही कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस, लिक्विडिटी और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचें तथा शुरुआत में बड़ी रकम लगाने से बचें।

Anubis Coin को हाई-रिस्क क्रिप्टो निवेश के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि कम लिक्विडिटी, असीमित टोकन सप्लाई और सार्वजनिक रूप से सत्यापित टीम की जानकारी का अभाव निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। कम लिक्विडिटी के कारण टोकन को उचित कीमत पर बेचना भी मुश्किल हो सकता है। निवेश से पहले प्रोजेक्ट के स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, टोकन वितरण और वास्तविक ट्रेडिंग गतिविधि की स्वतंत्र जांच करें तथा केवल उतनी राशि निवेश करें, जितनी खोने का जोखिम उठा सकते हैं।

भारत में पात्र वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) से होने वाली आय पर आयकर अधिनियम की धारा 115BBH के तहत सामान्यतः 30% टैक्स और लागू सरचार्ज व सेस लग सकते हैं। धारा 194S के तहत निर्धारित शर्तों और सीमाओं के अधीन ट्रांसफर पर 1% TDS भी लागू हो सकता है। VDA से होने वाले नुकसान की कटौती अन्य आय या दूसरे VDA के मुनाफे से करने पर कानूनी प्रतिबंध हैं। अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी और लेनदेन पर लागू नियमों की पुष्टि नवीनतम आयकर प्रावधानों या टैक्स विशेषज्ञ से करें।