Updated Date: December 27, 2025
Aster विवादों में, लगा फेक ट्रेडिंग वॉल्यूम दिखाने का आरोप
क्रिप्टो इंडस्ट्री में हाल ही में सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बना है Aster Token अपनी Binance Listing के तुरंत बाद विवादों में घिर गया है। प्रमुख एनालिस्ट्स और ट्रेडर्स ने Aster Token पर फेक ट्रेडिंग वॉल्यूम दिखाने का आरोप लगाया है। DeFi एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म DefiLlama ने संदिग्ध गतिविधियों के चलते Aster को अपने डैशबोर्ड से डीलिस्ट कर दिया, जिससे पूरी DeFi Community दो हिस्सों में बंट गयी है।
DefiLlama की रिपोर्ट के अनुसार, Aster के वॉल्यूम्स Binance के डेटा मेट्रिक्स से लगभग समान दिख रहे थे, जो अंदरूनी “वॉश ट्रेडिंग” की संभावना को बढ़ाता है।
DefiLlama के फाउंडर 0xngmi की X पोस्ट में उन्होंने कहा कि Aster की टीम ने उनकी रिक्वेस्ट के बावजूद ट्रेड-लेवल डेटा शेयर नहीं किया। उन्होंने बताया, “Aster के प्लेटफ़ॉर्म पर यह पता लगाना मुश्किल है कि कौन ऑर्डर प्लेस कर रहा है और कौन उन्हें एक्सिक्यूट कर रहा है। यह एक क्लासिक वॉश-ट्रेडिंग स्ट्रक्चर जैसा है।”
यह विवाद तब और गहराया जब Binance पर Aster Token Spot Market में लिस्ट करने की घोषणा की गयी। एक्सचेंज ने ASTER/USDT, ASTER/USDC, और ASTER/TRY पेयर्स को लॉन्च किया, जिसके बाद टोकन की कीमत में बड़ा उछाल देखा गया।
Aster ने अपने लॉन्च के बाद 24 घंटे के भीतर ही $1 बिलियन TVL (Total Value Locked) पार करने और 3.3 लाख यूज़र्स जुड़ने का दावा किया था। हालांकि, डीलिस्टिंग और वॉल्यूम विवाद ने उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Source – यह इमेज Binance की X Post से ली गई है।
कई एनालिस्ट्स का मानना है कि Aster के ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक आई तेज़ी, Binance Listing से ठीक पहले हुई। इससे यह शक और गहराता है कि यह “हाइप-बेस्ड मैनिपुलेशन” का मामला हो सकता है।
ट्रेडर 0xSisyphus ने X (पहले Twitter) पर लिखा, “Aster के वॉल्यूम पूरी तरह फर्जी हैं, यह दिखाता है कि क्रिप्टो का बड़ा हिस्सा आज भी फाइनेंशियल क्रिमिनल्स के नियंत्रण में है।”
वहीं, ट्रेडर knveth ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि Aster Token पहले भी ऐसी रणनीतियों से ध्यान आकर्षित करता रहा है।
हालांकि Binance ने अपने बयान में कहा कि Aster उसके इंटरनल क्राइटेरिया को पूरा करता है और सभी लिस्टेड एसेट्स पर “कम्प्लायंस और एबनॉर्मल एक्टिविटी” की निगरानी की जाती है।
यह विवाद केवल Aster Token तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे DeFi इकोसिस्टम पर ट्रांसपेरेंसी और विश्वास को लेकर सवाल खड़े करता है। कई DeFi प्रोजेक्ट्स को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका डेटा पब्लिकली वेरिफाई किया जा सके, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
Aster की रफ्तार ने इसे DeFi World के हॉटेस्ट प्रोजेक्ट्स में शामिल किया था, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट एक बड़े “ट्रस्ट क्राइसिस” से गुजर रहा है।
DeFiLlama की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि आगे से किसी भी DeFi प्रोजेक्ट को बिना डेटा ट्रांसपेरेंसी के जगह नहीं मिलेगी।
अपने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखने के 13 सालों के अनुभव और क्रिप्टो मार्केट में बतौर राइटर काम करने के 3 साल के अनुभव से कहूँ तो मेरी राय में, Aster Token का यह विवाद एक “वेक-अप कॉल” है, सिर्फ डेवलपर्स के लिए नहीं, बल्कि पूरे DeFi कम्युनिटी के लिए। क्रिप्टो मार्केट में वॉल्यूम मैनिपुलेशन नया नहीं है, लेकिन अब इसका असर ग्लोबल स्केल पर देखा जा रहा है।
Binance जैसे बड़े एक्सचेंज जब किसी प्रोजेक्ट को लिस्ट करते हैं, तो वे इंडस्ट्री के लिए एक “ट्रस्ट सिग्नल” भेजते हैं। ऐसे में यदि उस प्रोजेक्ट पर फेक वॉल्यूम का आरोप लगता है, तो यह सिर्फ एक कंपनी की नहीं बल्कि पूरे Web3 ट्रस्ट सिस्टम की विश्वसनीयता को चोट पहुँचाता है।
Aster Token को अब यह साबित करना होगा कि उसकी वॉल्यूम और यूज़र डेटा असली हैं, न कि किसी “AI ट्रेडिंग बॉट” या “वॉश ट्रेडिंग स्क्रिप्ट” से जनरेट किए गए।
Aster Token की कहानी इस बात की मिसाल बन गई है कि क्रिप्टो इंडस्ट्री में सिर्फ “हाइप” काफी नहीं है, ट्रांसपेरेंसी और ट्रस्ट ही असली करेंसी हैं। एक तरफ Binance जैसे प्लेटफ़ॉर्म नयी DeFi संभावनाओं को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे विवाद पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं।
अब Aster को अपने डेटा और ऑपरेशन्स को ओपन-सोर्स करके यह साबित करना होगा कि उसके ट्रेड्स असली हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह मामला “DeFi के सबसे बड़े वॉल्यूम फ्रॉड” के रूप में इतिहास में दर्ज हो सकता है।
क्रिप्टो मार्केट की असली परीक्षा सिर्फ प्राइस या लिस्टिंग नहीं है, बल्कि यह है कि कौन-सा प्रोजेक्ट ट्रस्ट के साथ टिका रहता है। Aster के लिए यही असली चुनौती है।
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