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Bank of Japan और Crypto: Carry Trade का असली चैनल

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Bank of Japan और Crypto: Carry Trade का असली चैनल
Bank of Japan और Crypto: Carry Trade का असली चैनल

Bank of Japan Rate Hike से Crypto Crash का खतरा? जानिए पूरी खबर

US Federal Reserve के फैसलों का प्रभाव Crypto Market पर अक्सर देखने को तो मिलता ही है, लेकिन क्या आप को पता है कि Bank of Japan Rate Hike के फैसले भी Cryptocurrency पर असर डालते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से


हाल के दिनों में, BoJ की Interest Rates में बदलाव की खबरें क्रिप्टो मार्केट में हलचल ला रही हैं। 19 दिसंबर को BoJ की अगली बैठक है, जहां दरें बढ़ने की 95% संभावना जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर BoJ ने Interest Rates बढ़ता है, तो Crypto Market में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।


Cryptocurrency के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है Bank of Japan Rate Hike

जापान दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसकी सस्ती लिक्विडिटी बड़ी पावर रही है। लंबे समय तक Bank of Japan ने Zero Interest Rate और यहां तक कि Negative Interest Rate की पॉलिसी बना कर रखी।


इसका असर यह हुआ कि Japanese Yen दुनिया की सस्ती करेंसी में से एक बन गई । इन्वेस्टर्स कम इंटरेस्ट पर Japanese Yen में कर्ज लेते हैं और उस पैसे को शेयर, बॉन्ड और Cryptocurrency जैसे रिस्क वाले एसेट्स में लगाते हैं। 

इसी प्रोसेस को Yen Carry Trade कहा जाता है। जब Japanese Currency Yen सस्ता रहता है, तो Crypto Market में भी लिक्विडिटी बनी रहती है और Cryptocurrency को भी सपोर्ट मिलता है।


लेकिन जैसे ही Bank of Japan सख्त फैसले लेने के संकेत देता है, येन मजबूत होने लगता है। इससे Carry Trade नेगेटिव में जाने लगते हैं, इन्वेस्टर्स रिस्क की वजह से पैसा निकालते हैं और क्रिप्टो एसेट्स पर दबाव बढ़ जाता है। 

यही वजह है कि Bank of Japan का फैसला क्रिप्टोकरेंसी के लिए इतना महत्वपूर्ण माना जाता है।


Bank of Japan Rate Hike से कैसे हो सकता है Crypto Crash? जानिए

जब BoJ इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाता है, तो सबसे पहले जापान के Bond Yields ऊपर जाते हैं। इसका असर Japanese Yen पर पड़ता है और Japanese Currency मजबूत होने लगती है। अब क्योंकि येन में लिया गया कर्ज महंगा हो जाता है, ऐसे निवेशक जो सस्ते येन में उधार लेकर दूसरे मार्केट्स में पैसा लगा रहे होते हैं, उन पर दबाव बढ़ जाता है।


इस स्थिति में निवेशक अपनी पोजीशन बंद करने लगते हैं और रिस्क एसेट्स बेचने लगते हैं। जैसे ही सेलिंग बढ़ती है, Cryptocurrency अपने अहम सपोर्ट लेवल तोड़ देते हैं। सपोर्ट टूटते ही लीवेरेज्ड पोजीशन एक-एक करके Liquidate होने लगती हैं।


जब Liquidation शुरू होती है, तो फोर्स्ड सेलिंग तेज हो जाती है। ज्यादा सेलिंग की वजह से Cryptocurrency Price और नीचे गिरता है, जिससे और Liquidation होती है। इसी Liquidation Cascade कहा जाता है और यही वजह है कि Rate hike के बाद Crypto Crash देखने को मिल सकता है।


एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय, गिरावट का डर तो किसी को दिखा बड़ा मौका?

सभी एनालिस्ट Bitcoin और Crypto को लेकर एक जैसी राय नहीं रखते। कुछ एक्सपर्ट्स मानना है कि मौजूदा हालात मुश्किल जरूर हैं, लेकिन आगे चलकर इसमें अच्छा मौका भी बनने की संभावना हो सकती है।


Quantum Ascend के मुताबिक, अगर Bank of Japan और US Fed Rate Cuts एक साथ होती हैं, तो यह Crypto के लिए एक तरह का Sweet Spot हो सकता है। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में कैपिटल धीरे-धीरे बोन्ड्स और कैश से निकलकर रिस्क एसेट्स की तरफ बढ़ सकती है। 


Source- X


इससे Bitcoin और Crypto में Asymmetric Upside देखने को मिल सकता है, यानी Downside सीमित और Upside ज्यादा हो सकता है। हालांकि शोर्ट टर्म में मार्केट कंडीशन काफी Fragile बनी हुई हैं।


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कन्क्लूजन

Bank of Japan Rate Hike फैसला Crypto Market के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। रेट्स बढ़ने से Japanese Yen मजबूत होता है, जिससे क्रिप्टो जैसे रिस्क एसेट्स पर दबाव बढ़ता है। हालांकि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव और गिरावट का खतरा बना रह सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में मजबूत मैक्रो हालात क्रिप्टो के लिए मौका भी बना सकते हैं। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए, डेटा और एक्सपर्ट राय के आधार पर फैसले लेने चाहिए।


डिस्क्लेमर-  यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।

लेखक परिचय
Shubham Sharma Hindi News Writer
Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।
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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

सीधा नहीं — संबंध carry trade के जरिये है: सस्ती मुद्रा में उधार लेकर दुनिया भर की संपत्तियों में लगाई गई positions।

कम ब्याज वाली मुद्रा में उधार, ऊंचे प्रतिफल वाली संपत्तियों में निवेश, और अंतर ही लाभ — यह तब तक चलता है जब उधारी सस्ती और funding मुद्रा स्थिर रहे।

जब शर्तें बदलें तो positions बंद करनी पड़ती हैं — निवेशक संपत्तियां बेचकर उधार चुकाता है।

क्योंकि दबाव में बिक्री चुनिंदा नहीं होती — सबसे पहले वही बिकता है जो आसानी से बिके, इसलिए तरल और उच्च-अस्थिरता वाली संपत्तियां अनुपात से अधिक प्रभावित होती हैं।

Fed अपेक्षा और अवसर-लागत बदलता है (धीमा, व्यापक असर), जबकि जापान-चैनल leverage/positioning से चलता है (तीव्र, झटके वाला असर)।

क्या यह अपेक्षा बदल रही है, या positions को जबरन बंद करा रही है — पहला धीमा असर देता है, दूसरा झटका।

यदि दर-वृद्धि पहले से अपेक्षित थी तो अधिकांश समायोजन हो चुका होता है; झटका तब आता है जब निर्णय या भाषा अपेक्षा से अलग हो।

क्योंकि funding मुद्रा का तेज मजबूत होना अक्सर दर-निर्णय से भी बड़ा संकेत होता है — वही unwind को मजबूर करता है।

यदि गिरावट वैश्विक जोखिम-संपत्तियों में व्यापक है, तो कारण macro है — कोई crypto-विशेष खबर नहीं।

Funding, open interest और liquidations बताते हैं कि चाल के पीछे नकद बिक्री है या leverage।

जापान-संबंधी घटनाक्रम भारतीय सुबह/दोपहर में आते हैं, इसलिए असर 'live' दिखता है — और यही घबराहट में निर्णय का सबसे आम क्षण बनता है।

भारतीय कर-ढांचे में सबसे महंगा — 30%, लागू परिस्थितियों में 1% TDS और set-off का अभाव मिलकर 'सही अनुमान' का लाभ भी घटा देते हैं।

अपना leverage — unwind-दौर में सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें होता है जो स्वयं उधार पर position रखते हैं।

कई 'रहस्यमय' गिरावटें वास्तव में बाजार-संरचना का परिणाम होती हैं — यह समझ अधिकांश macro-सुर्खियों को स्वयं छानने में मदद करती है।

नहीं — इसमें कोई बाजार-दिशा, लक्ष्य या trading-सलाह नहीं; केवल चैनल और उसे पढ़ने की विधि।