भारत के क्रिप्टो सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां CoinDCX के को-फाउंडर्स को कथित धोखाधड़ी मामले में राहत मिली है। कोर्ट ने CoinDCX Founder Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal समेत अन्य को जमानत दे दी है। जांच के दौरान सामने आया कि यह मामला सीधे कंपनी से जुड़ा नहीं, बल्कि फर्जी वेबसाइट और पहचान की नकल कर किए गए साइबर फ्रॉड से जुड़ा है।
यह मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके से जुड़ा है, जहां एक 42 साल के बीमा सलाहकार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उन्हें हर महीने 10-12% मुनाफे का लालच दिया गया और इस झांसे में आकर उन्होंने करीब ₹71 लाख से ज्यादा रकम निवेश कर दी।
शिकायत में दावा किया गया कि यह निवेश CoinDCX से जुड़ा है, लेकिन बाद में जांच में यह बात सामने आई कि जिस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, वह असली नहीं था।
कंपनी ने साफ किया कि “coindcx.pro” नाम की वेबसाइट पूरी तरह फर्जी थी और इसका CoinDCX से कोई लेना-देना नहीं है। यह वेबसाइट कंपनी के नाम और ब्रांड की नकल करके बनाई गई थी, ताकि लोगों को धोखा दिया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अज्ञात लोग खुद को कंपनी के फाउंडर्स बताकर निवेशकों से पैसे ले रहे थे। यानी यह एक साफ-साफ “इंपर्सोनेशन फ्रॉड” का मामला है, जिसमें असली कंपनी और उसके फाउंडर्स का गलत इस्तेमाल किया गया।
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कोर्ट ने इस मामले में महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखीं:
आरोपी फाउंडर्स घटना के समय उस जगह मौजूद नहीं थे
शिकायतकर्ता ने भी माना कि जिन लोगों से वह मिला, वे असली फाउंडर्स नहीं थे
जांच अधिकारी ने जमानत का विरोध नहीं किया
इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में फाउंडर्स के खिलाफ कोई ठोस मामला नहीं बनता। इसी कारण उन्हें जमानत दे दी गई कोर्ट ने यह भी दोहराया कि कानून के अनुसार “जमानत नियम है, जेल अपवाद”, यानी बिना ठोस सबूत के किसी को लंबे समय तक जेल में रखना सही नहीं है।
CoinDCX के अनुसार, अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच 1,200 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स सामने आई हैं, जो उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर रही थीं।
यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत में डिजिटल फाइनेंस और क्रिप्टो के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
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इस मामले में कुल 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से:
4 आरोपी अभी भी फरार हैं
पुलिस उनकी तलाश कर रही है
जांच लगातार जारी है
कॉइनडीसीएक्स भारत का एक लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर्स Bitcoin, Ethereum, Solana और अन्य डिजिटल एसेट्स को खरीद और बेच सकते हैं। इसकी स्थापना Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal ने की थी। इसका उद्देश्य भारत में क्रिप्टो निवेश को आसान और सुरक्षित बनाना है।
यह मामला आम निवेशकों के लिए एक बड़ा सबक है। खासकर क्रिप्टो में निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
हमेशा केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें
ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले ऑफर से सावधान रहें
किसी भी निवेश से पहले कंपनी की सही जानकारी जांच लें
सोशल मीडिया या अनजान कॉल्स पर भरोसा न करें
CoinDCX केस यह दिखाता है कि कैसे फर्जी वेबसाइट और पहचान की नकल करके बड़े स्तर पर ठगी की जा सकती है। कोर्ट का फैसला यह भी स्पष्ट करता है कि बिना ठोस सबूत के किसी कंपनी या उसके फाउंडर्स को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
यह घटना क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा और जागरूकता दोनों को मजबूत करना जरूरी है। वहीं, निवेशकों के लिए यह याद रखना जरूरी है कि ऑनलाइन निवेश में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। हम किसी भी निवेश सलाह या कानूनी पुष्टि का दावा नहीं करते। निवेश या निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोत और विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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