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VDA Records: क्या रखें, कैसे रखें और CA को क्या दें

Hindi News Writer
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VDA Records: क्या रखें, कैसे रखें और CA को क्या दें
VDA Records: क्या रखें, कैसे रखें और CA को क्या दें

CoinSwitch की  India’s First VDA Handbook से क्रिप्टो जांच होगी सरल 


भारत का प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinSwitch ने 4 दिसंबर 2025 को “Virtual Digital Assets Decoded” नामक भारत का पहला हैंडबुक लॉ पुलिस और साइबरक्राइम यूनिट्स के लिए लॉन्च किया। India’s First VDA Handbook Blockchain, ट्रांज़ैक्शन ट्रेसिंग, फ्रॉड डिटेक्शन और लीगल फ्रेमवर्क को सरल भाषा में समझाने के लिए तैयार की गई है। VDA Handbook पुलिस, साइबर क्राइम टीमों और सरकार से जुड़े लोगों को यह समझाने में मदद करेगी कि Crypto कैसे काम करता है और किसी धोखाधड़ी या सस्पीशियस ट्रांज़ैक्शन को कैसे ट्रेस किया जाए। इसका मकसद बहुत साफ है कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना, ताकि देश में क्रिप्टो से जुड़े मामलों को जल्दी, सुरक्षित और सही तरीके से हल किया जा सके।

Source: यह इमेज Crypto India की X पोस्ट से ली गई है जिसके लिंक यहां दी गई है।


Crypto मामलों में पुलिस के लिए मददगार टूल


भारत में क्रिप्टो ट्रांज़ैक्शन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस अधिकारी अब ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन, इंटरनेशनल फंड फ्लो और कठिन फ्रॉड पैटर्न की जांच कर रहे हैं। यह India’s First VDA Handbook इन मुद्दों को समझने और तेजी से हल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे देशभर के पुलिस थानों और साइबर यूनिट्स में डिस्ट्रीब्यूट  किया जा रहा है। इस हैंडबुक का उद्देश्य टेक्निकल कॉन्सेप्ट को व्यवहारिक गाइड में बदलना है। इससे जांच की प्रोसेस तेज होगी और पुलिस को डिजिटल एसेट्स की दुनिया को समझने में आसानी होगी।


क्यों बनाया गया यह हैंडबुक


Crypto मामलों की जांच अक्सर कठिन होती है। पुलिस अधिकारियों को वॉलेट्स, एक्सचेंज, ब्लॉकचेन और टेक्निकल डेटा समझना पड़ता है। अक्सर ऐसे मामलों के लिए कोई आसान गाइड उपलब्ध नहीं होती। यही वजह है कि CoinSwitch ने India’s First VDA Handbook तैयार किया।


इस हैंडबुक में शामिल है:


  • VDA क्या हैं और कैसे काम करते हैं

  • ट्रांज़ैक्शन की प्रोसेस और ट्रेसिंग

  • कॉमन फ्रॉड पैटर्न

  • ऑन-चेन एक्टिविटीज को ट्रेस करने के तरीके

  • रियल केस स्टडीज

  • सबूत संभालने की बेस्ट प्रैक्टिस 


India’s First VDA Handbook पूरे भारत में पुलिस स्टेशनों और साइबर क्राइम यूनिट्स को भेजी जाएगी ताकि अधिकारी इसे सीधे केस पर काम करते समय उपयोग कर सकें।


CoinSwitch की नई पहल और ट्रेनिंग प्रोग्राम


Ashish Singhal, Co-founder और CEO, CoinSwitch ने कहा, भारत ने लगातार तीन साल तक ग्लोबल क्रिप्टो एडॉप्शन इंडेक्स में टॉप स्थान हासिल किया है। इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ सर्विस प्रोवाइडर्स पर जिम्मेदारी भी बढ़ी है। हमारा लक्ष्य है कि भारत में एक ऐसा क्रिप्टो इकोसिस्टम बने जहाँ उपभोक्ताओं की सुरक्षा सबसे ऊपर हो। CoinSwitch की यह नई India’s First VDA Handbook उसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। 


CoinSwitch अब तक 35 से ज्यादा ट्रेनिंग वर्कशॉप्स राज्य पुलिस और साइबर टीमों के साथ कर चुका है। इन सेशन में उन्हें समझाया जाता है कि ब्लॉकचेन कैसे काम करता है और Crypto से जुड़े फ्रॉड केसेस की पहचान कैसे की जाए।


कंपनी आगे भी ऐसी ट्रेनिंग बढ़ाने और India’s First VDA Handbook को ज्यादा से ज्यादा ऑफिसर्स तक पहुँचाने की योजना बना रही है, ताकि देश में Crypto को और सुरक्षित बनाया जा सके।


Crypto को समझना अब हुआ आसान


Sukant Dukhande, Senior Director, Legal, CoinSwitch ने कहा, “Crypto तेजी से डेवलप हो रहा ग्लोबल एसेट क्लास है। क्रिप्टो की दुनिया थोड़ी कठिन जरूर है, लेकिन CoinSwitch की यह India’s First VDA Handbook इसे आसान बनाने में मदद करेगी। इसमें पुलिस ऑफिसर्स, पॉलिसी बनाने वाले और रेगुलेटर्स के लिए सरल उदाहरण, केस स्टडी और आसान तरीके दिए गए हैं, जिनसे वे Crypto मामलों को बेहतर समझ सकें। 


यह गाइड टेक्निकल बातों को भी आसान भाषा में समझाती है, जिससे पुलिस और क्रिप्टो इंडस्ट्री के बीच सहयोग बढ़ेगा। साथ ही, यह भविष्य में आने वाले मामलों के लिए एक भरोसेमंद रिफरेन्स भी बनेगी।


कानून और नियमों की स्पष्ट गाइड


भारत में क्रिप्टो पर सख्त निगरानी और 30% टैक्स जैसी पॉलिसीज की वजह से जांच करना पुलिस के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। CoinSwitch की यह India’s First VDA Handbook इन्हीं दिक्कतों को आसान बनाने के लिए बनाई गई है। इसमें Crypto कैसे काम करता है, धोखाधड़ी कैसे पकड़ी जाए और कानूनी प्रोसेस क्या है सब कुछ सरल भाषा में समझाया गया है।


पुलिस और साइबर टीमों के लिए CoinSwitch ने एक खास ईमेल भी दिया है: nodaldesk@coinswitch.co, जहां अधिकारी सीधे मदद मांग सकते हैं। इसका PDF बिल्कुल फ्री है और तुरंत इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है।


आगे CoinSwitch क्या करने वाला है


CoinSwitch आगे भी अपना काम बढ़ाने की योजना में है। कंपनी चाहती है कि भारत में क्रिप्टो जांच और भी आसान और सुरक्षित बने। इसी वजह से वह आने वाले समय में:


  • ज्यादा राज्यों में ट्रेनिंग सेशन आर्गनाइज्ड करेगी, ताकि पुलिस और साइबर टीमें Crypto को बेहतर समझ सकें।

  • साइबर क्राइम यूनिट्स के साथ लंबे समय की पार्टनरशिप बनाएगी, ताकि लगातार मदद मिलती रहे।

  • सरल भाषा में नई गाइड्स और टूल्स जारी करेगी, जिनसे जांच और भी आसान हो जाए।

  • नीति-निर्माताओं को साफ और समय पर जानकारी देगी, ताकि वे सही फैसले ले सकें।

  • सबसे बड़ा लक्ष्य पूरे देश में क्रिप्टो जांच के लिए एक मजबूत नॉलेज सिस्टम बनाना।

  • कंपनी का मकसद है कि भारत का क्रिप्टो इकोसिस्टम सुरक्षित, मजबूत और जागरूक बने।


मेरे 7 वर्षों के क्रिप्टो और ब्लॉकचेन रिसर्च अनुभव के आधार पर CoinSwitch की यह पहल इंडियन लॉ इन्फोर्समेन्ट के लिए एक असल गेमचेंजर साबित होगी। क्रिप्टो जांच की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कई ऑफिसर्स को इसकी टेक्निकल समझ नहीं होती। यह हैंडबुक उस कमी को आसानी से पूरा कर देती है। इसकी मदद से देश में Crypto मामलों की जांच ज्यादा सुरक्षित, तेज होगी।


कन्क्लूजन 


भारत में तेजी से बढ़ते क्रिप्टोकरेंसी उपयोग के बीच CoinSwitch की यह नई India’s First VDA Handbook एक महत्वपूर्ण कदम साबित होती है। यह पुलिस और साइबर टीमों को टेक्निकल कठिनाई को सरल भाषा में समझने में मदद करती है, जिससे इन्वेस्टीगेशन प्रोसेस तेज और बिल्कुल सही होती है। ट्रेनिंग से लेकर केस स्टडी तक, यह गाइडबुक नए डिजिटल क्राइम से निपटने के लिए एक मजबूत बेस तैयार करती है। 


डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताई गई बातें किसी भी प्रकार की फाइनेंशियल, कानूनी या निवेश सलाह नहीं हैं। Crypto से जुड़े नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए किसी भी डिसीजन से पहले ऑफिशियल सोर्सेज और एक्सपर्ट्स से सलाह अवश्य लें।

लेखक परिचय
Akansha Vyas Hindi News Writer
आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

दर नहीं, records — क्योंकि पिछले साल के सैकड़ों लेनदेन का हिसाब बाद में जुटाना लगभग असंभव हो जाता है।

तारीख/समय, लेनदेन का प्रकार, asset और मात्रा, प्रति-इकाई भाव, कुल INR मूल्य, fee (और GST), TDS, और platform/transaction ID।

हां — एक asset बेचकर दूसरा खरीदना दो घटनाएं हैं; यह सबसे ज्यादा छूटने वाली श्रेणी है, विशेषकर stablecoin में बदलना।

वह सामान्यतः बिक्री नहीं, पर उसका record रखना जरूरी है ताकि बाद में उसे बिक्री न समझा जाए।

तिमाही या कम से कम वार्षिक — क्योंकि platforms पुराना डेटा हमेशा नहीं रखते, और पहुंच रुकने पर केवल वही बचेगा जो आपने सहेजा।

नहीं — TDS अग्रिम कर है और रिपोर्टिंग एक अलग दायित्व; यही सबसे आम गलतफहमी है।

TDS को अंतिम मानना, swap को न गिनना, fee/GST नजरअंदाज करना, विदेशी platforms को अलग समझना, और पुराने वर्षों को छोड़ देना।

नहीं — दायित्व platform की स्थिति से नहीं, आपकी स्थिति से तय होता है।

हर लाभदायक लेनदेन पर कर बनता है जबकि हानि की भरपाई नहीं होती — इसीलिए लेनदेन-संख्या कम रखना अपने आप एक कर-रणनीति है।

मास्टर लेनदेन-सूची, हर platform का official statement, TDS विवरण, और self-custody wallet पतों की सूची।

लागत-आधार कैसे तय होगा, swap/transfer का treatment, TDS समायोजन कैसे दिखेगा, और विदेशी platform/उत्पाद पर अतिरिक्त प्रकटीकरण की जरूरत है या नहीं।

क्योंकि उनकी लागत-आधार (cost basis) बाद की गणना में आती है — प्राप्ति का record न हो तो बिक्री पर गणना कठिन हो जाती है।

उपकरण मदद कर सकते हैं, पर अंतिम जिम्मेदारी आपकी है — कोई platform या handbook इसे पूरी तरह आपके लिए नहीं करता।

आज से — आठ column वाली सूची बनाना बाद में एक साल का हिसाब जोड़ने से कई गुना आसान है।

नहीं — यह केवल record-keeping का ढांचा है; दरें/forms official स्रोतों से जांचें और अपनी स्थिति के लिए CA से परामर्श करें।