USDT के नाम पर 2.31 करोड़ का Scam, विदेश तक फैला जाल, ऐसे पकड़ाया गिरोह
एक क्लिक में ठगी, फिर USDT के जरिए पैसा गायब, चौंका देगा ये मामला
भारत में लगातार तेजी से साइबर फ्रॉड बढ़ रहे है जिनमें मासूम लोगों को जाल में फंसाकर लाखों रुपए ठग लिए जाते हैं, इसी बीच दिल्ली में एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां ठगी की रकम को Cryptocurrency ‘USDT’ में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था। साइबर पुलिस ने इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तो आइए जानते हैं आखिर कैसे काम करता था यह पूरा नेटवर्क और क्रिप्टो का इसमें क्या रोल था?
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, लंबे समय से ये गिरोह क्रिप्टो के जरिए मासूम लोगों को ठगे रहे थे। इन्होंने अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राहुल, बंटी, अंकित, सलीम उर्फ ढांचा और नूर आलम के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के नरेला क्षेत्र के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि ये लोग फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी की रकम को इकट्ठा करते थे। इसके बाद इस रकम को तुरंत क्रिप्टोकरेंसी, खासकर USDT (Tether) में बदल दिया जाता था, जिससे ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।
28 बैंक खाते, 43 शिकायतें
पुलिस जांच में अब तक 28 बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनसे जुड़ी 43 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज मिली हैं। आरोपित हर एक बैंक खाते के लिए 2,500 से 5,000 रुपये तक कमीशन लेकर मास्टरमाइंड को फर्जी अकाउंट और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे।
2.31 करोड़ की ठगी का खुलासा
इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 2.31 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपितों के पास से मोबाइल सिम कार्ड, बैंकिंग डिटेल्स, चैट रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन लॉग जैसे अहम डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के संकेत
तकनीकी जांच के दौरान एक विदेशी ठग का आईपी एड्रेस कंबोडिया में ट्रेस किया गया है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। ठगी की रकम को Telegram जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए विदेशी हैंडलर्स तक भेजा जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए ट्रैकिंग और भी कठिन हो जाती थी।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
इस गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।
बड़े नेटवर्क का खुलासा संभव
बता दें, पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी संचालकों की पहचान में जुटी है। साथ ही पूरे वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
USDT (Tether) क्या है?
बात करें USDT (Tether) एक स्टेबलकॉइन है, यानी इसकी कीमत लगभग 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर रहती है। इसे इस तरह बनाया गया है कि इसमें ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो, जैसे Bitcoin में होता है। लोग इसका इस्तेमाल क्रिप्टो ट्रेडिंग, पैसे ट्रांसफर करने और अपने फंड को सुरक्षित रखने के लिए करते हैं। आसान भाषा में, USDT डिजिटल दुनिया का “डॉलर” माना जाता है।
निवेशकों के लिए क्या है बचाव टिप्स?
अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर कभी भरोसा न करें।
किसी को भी बैंक डिटेल या OTP साझा न करें।
निवेश के नाम पर मिलने वाले “गारंटीड रिटर्न” ऑफर से सतर्क रहें।
केवल आधिकारिक और FIU-India प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
कन्क्लूजन
USDT से जुड़ा ये यह मामला साफ दिखाता है कि, साइबर ठग अब क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क को और मजबूत व ट्रैक करना मुश्किल बना रहे हैं। ऐसे में निवेशकों और आम लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। सही जानकारी, जागरूकता और सावधानी ही ऐसे फ्रॉड से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।