क्रिप्टो मार्केट में आए दिन नए प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी पेजेज़ लॉन्च होते रहते हैं। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। हाल ही में Hyperliquid India नाम से एक नया X (Twitter) अकाउंट सामने आया है, जिसने क्रिप्टो कम्युनिटी में हलचल मचा दी है। अकाउंट के पहले ही पोस्ट में लिखा गया, “India is live. Be part of the first wave of Hyperliquid India.” इसके साथ एक Telegram Link भी शेयर किया गया जिसमें बिल्डर्स, फाउंडर्स, ट्रेडर्स और क्रिएटर्स को जुड़ने का निमंत्रण दिया गया।

Source – यह इमेज Hyperliquid India की X Post से ली गई है।
इस अकाउंट की सबसे खास बात यह है कि इसे ब्लू टिक भी मिला हुआ है, जो इसे और ज्यादा ऑथेंटिक दिखाता है। अब तक इस पर करीब 80 पोस्ट डाले गए हैं और लगभग 900 फॉलोअर्स हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसके पोस्ट को 300K से ज्यादा व्यू मिल चुके हैं। इतनी बड़ी रीच के बावजूद अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह अकाउंट ऑफिशियल है या सिर्फ किसी ने Hyperliquid की पॉपुलैरिटी का फायदा उठाते हुए फेक अकाउंट बना लिया है।
कम्युनिटी में कन्फ्यूजन इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि Hyperliquid Team की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है, न उन्होंने इस अकाउंट को ऑफिशियल बताया है और न ही इसे फेक करार दिया है।
Hyperliquid एक कटिंग-एज ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म है जिसे खास तौर पर DeFi (Decentralized Finance) ऐप्लिकेशंस की एफिशिएंसी और परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यानी Hyperliquid पहले से ही ग्लोबल क्रिप्टो स्पेस में अपनी अलग पहचान बना चुका है। ऐसे में Hyperliquid India अकाउंट का अचानक सामने आना और खुद को कम्युनिटी-ड्रिवन बताना कई सवाल खड़े करता है।
जांच के बाद पता चला कि Hyperliquid India अकाउंट खुद को कम्युनिटी ड्रिवेन इनिसिएटिव बताता है। लेकिन दिक्कत यह है कि कई वेरिफाइड और रेपुटेड अकाउंट्स जैसे India Blockchain Month और Transak ने इसे Welcome किया। इससे ऐसा नरेटिव बन गया कि यह ऑफिशियल है।
हालाँकि Hyperliquid के किसी भी ऑफिशियल चैनल ने इस अकाउंट को एंडोर्स नहीं किया है। Hyperliquid Announcements और Hyperliquid News जैसे Official Telegram चैनल में भी इसका कोई जिक्र नहीं है।
मैं 3 सालों से बतौर क्रिप्टो राइटर काम कर रहा हूँ, और मैंने पिछले कुछ सालों में कई बार देखा है कि क्रिप्टो स्पेस में कम्युनिटी ड्रिविन और ऑफिशियल इनिशिएटिव के बीच कन्फ्यूजन पैदा हो जाता है। खासकर जब किसी अकाउंट को ब्लू टिक मिल जाए, तो नए यूजर्स मान लेते हैं कि यह प्रोजेक्ट का वेरिफाइड सोर्स है।
मेरे एक्सपीरियंस के आधार पर मैं यही कहूँगा कि Hyperliquid India को फिलहाल एक कम्युनिटी पेज ही माना जाए, न कि ऑफिशियल रिप्रजेंटेशन। Telegram Link भी एक इनफॉर्मलl चैट ग्रुप का है, न कि अनाउंसमेंट चैनल। यह बात इसको और भी डाउटफुल बनाती है।
मेरी राय में यूजर्स को ऐसे मामलों में एक्स्ट्रा केयरफुल रहना चाहिए। सिर्फ इसलिए कि कोई अकाउंट ब्लू टिक के साथ है या वेरिफाइड प्रोफाइल्स उससे इंटरैक्ट कर रही हैं, यह मान लेना गलत है कि वह 100% ऑफिशियल है।
क्रिप्टो मार्केट में ट्रांसपेरेंसी जरूरी है, लेकिन वहीं यह भी सच है कि पॉपुलैरिटी का फायदा उठाकर कई बार लोग फेक ग्रुप्स या अकाउंट्स बनाते हैं। ऐसे में यूजर्स को ऑफिशियल सोर्स, यानी Hyperliquid की मेन वेबसाइट और वेरिफाइड ग्लोबल हेंडल्स से ही अपडेट लेना चाहिए।
Hyperliquid एक प्रोमिसिंग DeFi Project है जिसने Blockchain की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन Hyperliquid India अकाउंट के सामने आने से यूजर्स में confusion बढ़ गया है। जब तक Hyperliquid Team की तरफ से कोई क्लियर स्टेटमेंट नहीं आता, इसे कम्युनिटी ड्रिवेन इनिशिएटिव ही माना जाना चाहिए।
नए यूजर्स को चाहिए कि वे बिना वेरीफाई किए किसी भी Telegram Group या link से जुड़ने से बचें। क्रिप्टो स्पेस में मौके बहुत हैं, लेकिन रिस्क भी उतने ही बड़े हैं। ऐसे में सूझबूझ और अवेयरनेस ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
Copyright 2026 All rights reserved