20 मई 2026 को नई दिल्ली के Parliament House Annexe में भारत की Parliamentary Standing Committee on Finance की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जो India Crypto Regulation 2026 के तहत अब तक के सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक मानी जा रही है। इस बैठक में देश और दुनिया के प्रमुख Crypto exchanges के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में Binance, WazirX और ZebPay जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता BJP सांसद Bhartruhari Mahtab ने की, जिसका मुख्य विषय था A Study on Virtual Digital Assets (VDAs) and Way Forward। इस बैठक में IFSCA, Ministry of Finance (Department of Revenue) और Ministry of Corporate Affairs के अधिकारी भी शामिल हुए। यह बैठक भारत के Crypto Ecosystem के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार इतने बड़े लेवल पर सरकारी संस्थाएं और इंडस्ट्री एक साथ India Crypto Regulation 2026 के तहत नीति-निर्माण पर चर्चा के लिए एकसाथ आए।
Source: X Account
Crypto Regulation को लेकर 20 मई 2026 को होने वाली यह दूसरी बैठक थी। जिसमें Binance, WazirX और ZebPay के प्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं इस बैठक में सरकार के तरफ से IFSCA, Ministry of Finance (Department of Revenue) और Ministry of Corporate Affairs के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता BJP सांसद Bhartruhari Mahtab ने की।
बैठक का पहला सत्र सुबह 11:00 बजे से 12:30 बजे तक चला, जिसमें Virtual Digital Assets (VDAs) के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। India Crypto Regulation 2026 के संदर्भ में Crypto Exchanges ने भारत में मौजूदा रेगुलेटरी ढांचे को और स्पष्ट और Investor-Friendly बनाने की मांग रखी गई।
इस दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में कहा कि, भारत में स्पष्ट और स्थिर नियमों की कमी के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम का एक बड़ा हिस्सा धीरे-धीरे Foreign Crypto Platforms की ओर शिफ्ट हो रहा है। चर्चा के दौरान IFSCA (International Financial Services Centres Authority) की भूमिका भी प्रमुख रही, विशेष रूप से GIFT City में विकसित हो रहे फाइनेंशियल इकोसिस्टम को लेकर।
बैठक में भारत की मौजूदा Crypto Tax Policy भी एक बड़ा मुद्दा रही। India Crypto Regulation 2026 की चर्चा के बीच वर्तमान में क्रिप्टो पर 30% Flat Tax, हर ट्रांजैक्शन पर 1% TDS और loss set-off की अनुपलब्धता जैसी सख्त शर्तें लागू हैं। इंडस्ट्री का मानना है कि इन नियमों के कारण इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्सForeign Platforms की ओर जा रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
Ministry of Finance (India) और Ministry of Corporate Affairs (India) के अधिकारियों की मौजूदगी में एक्सचेंजों ने सुझाव दिया कि TDS को कम किया जाए और Loss Set-off की अनुमति दी जाए। साथ ही एक स्पष्ट और Stable Regulatory Framework की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई ताकि India Crypto Regulation 2026 के तहत इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ सके और Domestic Market मजबूत हो सके।
इस बैठक से तुरंत किसी Policy Declaration की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसे भविष्य की रेगुलेटरी दिशा तय करने की शुरुआत माना जा रहा है। Parliamentary Standing Committee on Finance अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सुझाव देगी, जो आगे चलकर India Crypto Regulation 2026 से जुड़े बजट या New Policy का हिस्सा बन सकती है।
IFSCA की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है, खासकर GIFT City जैसे International Financial Centers में क्रिप्टो फ्रेमवर्क विकसित करने के संदर्भ में। साथ ही Lok Sabha Secretariat द्वारा जारी Official Notice ने इस बैठक को औपचारिक आधार प्रदान किया।
यदि समिति की सिफारिशें Crypto-Friendly दिशा में जाती हैं, तो यह भारत के डिजिटल एसेट मार्केट के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जिससे Domestic Investment और Global Partnership दोनों को नई दिशा मिलने की संभावना है।
भारत में Cryptocurrency को कोई एक Single Regulator पूरी तरह से रेगुलेट नहीं करता, बल्कि कई सरकारी संस्थाएँ मिलकर अलग-अलग हिस्सों को नियंत्रित करती हैं।
Ministry of Finance (India): यह सबसे मुख्य भूमिका निभाती है। क्रिप्टो को लेकर टैक्सेशन, नियम और नीतियाँ इसी मंत्रालय के तहत तय होती हैं। जैसे: 30% crypto tax, 1% TDS, नीतिगत दिशा (policy framework)
Reserve Bank of India: RBI Crypto को लेकर सख्त नज़र आता है और इसे Financial Stability के लिए रिस्क मानता है। यह सीधे क्रिप्टो को Regulate नहीं करता, लेकिन बैंकिंग सिस्टम से जुड़े नियम तय करता है और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन के लिए बैंकिंग सपोर्ट पर असर डालता है।
Securities and Exchange Board of India: SEBI अभी क्रिप्टो को पूरी तरह regulate नहीं करता, लेकिन भविष्य में अगर क्रिप्टो को “securities” माना जाता है तो इसकी भूमिका बढ़ सकती है।
IFSCA: यह Authority GIFT City जैसे International Financial Centers में डिजिटल एसेट्स और फिनटेक गतिविधियों को Regulate करने पर काम करती है।
कुल मिलाकर इस बैठक ने India Crypto Regulation 2026 के तहत भारत में Crypto Regulation को लेकर सरकार और उद्योग के बीच बढ़ती बातचीत को स्पष्ट किया है। टैक्स सुधार, स्पष्ट नियम और इन्वेस्टर्स की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा आगे की नीति दिशा तय कर सकती है। यदि सिफारिशें सकारात्मक रहीं, तो भारत का डिजिटल एसेट मार्केट अधिक पारदर्शी और स्थिर रूप ले सकता है।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। Crypto में निवेश से पहले अपने Financial Advisor से परामर्श लें।
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