FIU Registered Crypto Exchange

भारत के टॉप 54 FIU Registered Crypto Exchange की लिस्ट

Crypto Fraud से बचने के लिए FIU गाइड

सोशल मीडिया के माध्यम से 54 FIU रजिस्टर्ड crypto exchanges की लिस्ट जरी की गई है, जिसको लेकर क्रिप्टो कम्युनिटी के बीच चर्चा तेज हो गई है। Financial Intelligence Unit- India और Ministry of Finance के उपलब्ध डेटा के अनुसार दिसंबर 2024 तक 47 FIU Registered Crypto Exchange थे, जो 2026 की शुरुआत तक बढ़कर लगभग 54 हो गए हैं। 

FIU Registered Crypto Exchange

Source: X Account

भारत सरकार की रेगुलेटरी गाइडलाइंस को देखते हुए, अब क्रिप्टो ट्रेडर्स के लिए Registered Crypto Exchanges का उपयोग करना सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार विकल्प माना जा रहा है। यही कारण है कि आज हम आपके लिए Fiu-registered Crypto Exchange List और उनसे जुड़ी ज़रूरी जानकारी लेकर आए हैं, ताकि आप सुरक्षित और रेगुलेटेड प्लेटफ़ॉर्म चुन सकें।

आइये सबसे पहले जानते है, एफआईयू के बारे में और क्यों क्रिप्टो एक्सचेंज को इन पर रजिस्टर होना जरुरी है।

FIU Registered Crypto Exchange List

भारत में इस समय 54 प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म एफआईयू-IND रजिस्टर्ड हैं, जो सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट ट्रेडिंग सर्विसेज प्रोवाइड करते हैं। यहाँ भारत के टॉप एफआईयू रजिस्टर्ड क्रिप्टो एक्सचेंज इन इंडिया 202 की List दी गई है। 

FIURegistered Crypto Exchanges in India 2026: Complete List

S.No.Trade Name (ट्रेड नाम)RE Name (कंपनी का नाम)
1CoinDCXNeblio Technologies Private Limited
2ANQ FinanceANQ Digital Finserv Private Limited
3UnocoinUnocoin Technologies Private Limited
4OnrampBuyhatke Internet Private Limited
5GiottusGiottus Technologies Private Limited
6BitbnsBitbns Internet Private Limited
7ZebpayAwlencan Innovations India Limited
8WazirXZanmai Labs प्राइवेट लिमिटेड
9CoinswitchBitcipher Labs LLP
10CoinswitchXNextgendev Solutions प्राइवेट लिमिटेड
11MudrexRPFAS Technologies Private Limited
12BuyucoinIBLOCK Technologies Private Limited
13CoindhanWOLLFISH Labs प्राइवेट Limited
14RarioRario Digital प्राइवेट Limited
15SuncryptoAngelic Infotech प्राइवेट लिमिटेड
16CarretCarretx टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड
17Ante Multimedia प्राइवेट लिमिटेड
18OnmetaABHIBHA टेक्नोलॉजी Pvt लिमिटेड
19CryptosmartlifeSmartliving Digital टेक्नोलॉजी Private Limited
20PyorUCY Technology Pvt लिमिटेड
21RarioDigital Collectibles प्राइवेट लिमिटेड
22VairVeeratva Technologies Private लिमिटेड
23TransakTransak Technology India प्राइवेट लिमिटेड
24GetbitREMIZO टेक्नोलॉजी India प्राइवेट लिमिटेड
25BytexFIN GENIE Tech Pvt Limited
26ARDOUR Labs Pvt Limited
27InocyxInocyx टेक्नोलॉजी Private Limited
28FanztarMetatoken टेक्नोलॉजी
29Delta ExchangeExcellium Technologies Pvt Limited
30Rovi91 Innovations Pvt Limited
31Bitbse.comLongreen India
32FlitpayFlitpay Pvt Ltd
33Stable PayFincrypt LLP
34ArthBitArthbit Pvt Ltd
35Density ExchangePagarpay India Pvt Ltd
36pi42Lightningnodes Technologies
37KoinBXKooz Advisors and Technologies
38Mindless Pandora Tech Solutions
39FanzCraze टेक्नोलॉजी Inc
40BIT24HRSUBHX Infotech (OPC)
41KuCoinPeken Global Ltd
42AlpyneALSD टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड
43SquareDamsol Pvt Ltd
44LiminalFirst Answer India Technologies
45EcliptonEclipton Technologies Pvt Ltd
46BlockovilleBlockoville OU
47BinanceBinance International Limited
48BitDelta
49Cosmic
50Shark Exchange
51Exchange (Lithuania)UAB 'WEB 3 Utility Platform'
52Exchange India (India Linked to Offshore VASP / Web 3 Utility Platform)UAB WEB 3 UTILITY SERVICES INDIA PRIVATE LIMITED
53PLATINUX (India)Expatn Tech Technology PRIVATE LIMITED
54BitBilla (India)Darva Finserv Technology PRIVATE LIMITED

अगर आप Top 10 Exchanges in India 2025 की तलाश में हैं तो दिए गए लिंक पर लिंक क्लिक करें।

कैसे Crypto Exchanges यूज़र्स के फंड्स को सुरक्षित रखते हैं?

  • FIU Registered Crypto Exchanges अपने यूज़र्स के फंड्स को सुरक्षित रखने के लिए कई मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, जिससे हैकिंग और फ्रॉड का खतरा काफी कम हो जाता है।
  • सबसे पहले, ये Crypto Exchange कोल्ड स्टोरेज सिस्टम का उपयोग करते हैं, जिसमें लगभग 98% तक फंड्स ऑफलाइन वॉलेट्स में रखे जाते हैं। क्योंकि ये इंटरनेट से जुड़े नहीं होते, इसलिए इन्हें हैक करना बहुत मुश्किल होता है।
  • इसके अलावा, मल्टी-सिग्नेचर वॉलेट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जहाँ किसी भी ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए एक से ज्यादा डिजिटल अप्रूवल की जरूरत होती है, जिससे सिक्योरिटी कई गुना बढ़ जाती है।
  • कुछ प्लेटफॉर्म यूज़र्स को अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए इंश्योरेंस फंड भी रखते हैं, जो किसी साइबर अटैक या नुकसान की स्थिति में फंड्स की भरपाई करने में मदद करता है।
  • साथ ही, सभी यूज़र्स के लिए सख्त KYC और AML वेरिफिकेशन जरूरी होता है, जिससे फर्जी अकाउंट और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को रोका जा सके।
  • आजकल कई Crypto Exchange बायोमेट्रिक लॉगिन और रेगुलर सिक्योरिटी ऑडिट भी अपनाते हैं, ताकि केवल असली यूज़र ही अपने अकाउंट तक पहुँच सके और सिस्टम हमेशा सुरक्षित बना रहे।

कुछ बड़े एक्सचेंज इंटरनेशनल सिक्योरिटी कंपनियों जैसे पार्टनर के साथ मिलकर और भी एडवांस्ड प्रोटेक्शन देते हैं।

FIU-India क्या है? 

इसका Full Form है Financial Intelligence Unit। यह सरकारी संस्था देश में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध फाइनेंशियल ट्रांजेक्शनों की निगरानी करती है। क्रिप्टो सेक्टर में एफआईयू रजिस्टर्ड होने का मतलब होता है, ऐसे एक्सचेंज जो सरकार के डेटा मॉनिटरिंग और AML-KYC (Anti-Money Laundering, Know Your Customer) नियमों का पालन करते हैं।

क्यों FIU Registered Crypto Exchange का ही करे उपयोग

भारत में डिजिटल करेंसी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में सरकार ने एफआईयू-IND के माध्यम से एक ऐसा स्ट्रक्चर तैयार है, जो क्रिप्टो ट्रेडिंग को ट्रांसपेरेंट और सुरक्षित रखे।

अगर आप इन एफआईयू रजिस्टर्ड प्लेटफ़ॉर्म्स के अलावा किसी अनरेगुलेटेड या नॉन-कम्प्लायंट एक्सचेंज का उपयोग करते हैं, तो आपके ऊपर रेगुलेटरी जांच, नोटिस या अन्य कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ सकता है। इसीलिए हम आपके लिए आज FIU के द्वारा मान्यता प्राप्त Crypto Exchange की List लेकर आये हैं 

इसके अलावा इसके अन्य फायदे है:

लीगल सिक्योरिटी और ट्रस्ट:

FIU Registered Exchange सरकारी रजिस्ट्रेशन के तहत आते हैं। इन पर किए गए ट्रांजेक्शन्स पूरी तरह लीगल और ट्रैक किए जा सकते हैं।

KYC और AML कॉम्प्लायंस:

ऐसे Crypto Exchange सभी यूज़र्स का वेरिफिकेशन करते हैं, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की संभावना कम होती है।

क्यों जरूरी है FIU रजिस्ट्रेशन?
  • बिना रजिस्ट्रेशन के क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर एफआईयू नोटिस जारी कर सकता है और उनके URL ब्लॉक किए जा सकते हैं।
  • रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को KYC अनिवार्य होता है, जिससे फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा कम होता है।
  • RBI अभी भी क्रिप्टो को लेकर सतर्क है, लेकिन सरकार PMLA के तहत एफआईयू मॉनिटरिंग पर फोकस कर रही है।
सलाह (भारतीय यूजर्स के लिए):
  • हमेशा FIU-registered प्लेटफॉर्म ही इस्तेमाल करें। इससे आपके फंड्स और ट्रांजेक्शन सुरक्षित रहते हैं।
  • पॉपुलर रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स: CoinDCX, WazirX, CoinSwitch, ZebPay, Mudrex, Giottus आदि।
  • ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स (जैसे Binance) अगर FIU रजिस्टर्ड हैं तो ठीक, लेकिन चेक करते रहें क्योंकि नियम बदल सकते हैं।
  • 1% TDS और 30% इनकम टैक्स क्रिप्टो पर लागू रहता है।

अगर आप Top 10 Exchanges in India  की तलाश में हैं तो दिए गए लिंक पर लिंक क्लिक करें।

फाइनल वर्डिक्ट 

एक क्रिप्टो राइटर और अपने इन्वेस्टमेंट अनुभव के अनुसार मैं यह कह सकती हूँ कि, अब जब भारत का क्रिप्टो इकोसिस्टम तेज़ी से परिपक्व हो रहा है, तो इन्वेस्टर्स के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि एफआईयू रजिस्टर्ड क्रिप्टो एक्सचेंज इन इंडिया 2025 का चुनाव ही सुरक्षित ट्रेडिंग का पहला कदम है। एफआईयू सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण ट्रस्ट सिग्नल है, जो यह दिखाता है कि आपका चुना हुआ एक्सचेंज मनी लॉन्ड्रिंग और KYC से जुड़े नियमों के तहत रिपोर्टिंग और कम्प्लायंस करता है। 

डिस्क्लेमर: जानकारी के तौर पर लिखे गए इस आर्टिकल का मकसद यूजर्स पर किसी भी तरह दबाव डालना नहीं है। किसी भी तरह का इन्वेस्टमेंट करने से पहले रिसर्च जरुर करें, किसी भी Financial Loss के लिए हम ज़िम्मेदार नहीं हैं।

Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उनके पास 5+ वर्षों का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें जटिल विषयों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ दी है। क्रिप्टो इंडस्ट्री में, निहारिका ने अपनी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है, जो Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO-ऑप्टिमाइजेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का संतुलन है, जिससे उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर परफॉर्म करता है।

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FIU का फुल फॉर्म Financial Intelligence Unit-India है। यह मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स की निगरानी करता है। क्रिप्टो एक्सचेंज का FIU-Registered होना यह सुनिश्चित करता है कि प्लेटफॉर्म KYC और AML नियमों का पालन करता है।
दिसंबर 2024 तक 47 एक्सचेंज रजिस्टर्ड थे और 2026 की शुरुआत तक यह संख्या लगभग 49-54 के आसपास पहुँच गई। हालांकि 54 की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ये एक्सचेंज KYC, AML, कोल्ड स्टोरेज, मल्टी-सिग वॉलेट और इंश्योरेंस जैसी सुरक्षा सुविधाएँ अपनाते हैं, जिससे फ्रॉड और हैकिंग का खतरा कम होता है।
अनरेगुलेटेड एक्सचेंज पर ट्रेडिंग करने से रेगुलेटरी नोटिस, URL ब्लॉक, फंड लॉस और कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ सकता है।
प्लेटफॉर्म को PMLA नियमों के तहत KYC, AML कंप्लायंस और संदिग्ध लेनदेन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी होती है।