Updated Date: November 18, 2025
भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग का माहौल लगातार बदल रहा है। टैक्सेशन और रेगुलेटरी ग्रे एरिया के बावजूद भारतीय निवेशकों की दिलचस्पी क्रिप्टो में बनी हुई है। खासकर, फ्यूचर्स और ऑप्शंस जैसे डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच, Zerodha के को-फाउंडर और भारतीय अरबपति Nithin Kamath का बयान सुर्खियों में आया है। उन्होंने भारत में क्रिप्टो फ्यूचर्स और ऑप्शंस की बढ़ती डिमांड पर हैरानी जताई और इसे “रेगुलेटरी ग्रे जोन” और “लोअर टैक्स बेनिफिट्स” से जोड़कर देखा।
इस बयान से यह सवाल उठ रहा है कि क्या Zerodha खुद भी क्रिप्टो मार्केट में एंट्री की तैयारी कर रहा है?

Source – यह तस्वीर Zerodha Founder Nithin Kamath की LinkedIn पोस्ट से ली गई है।
Nithin Kamath ने हाल ही में कहा,”ये भारतीय क्रिप्टो प्लेटफॉर्म रेगुलेटरी ग्रे ज़ोन में फलते-फूलते दिख रहे हैं और इसका कारण कम कर और डेरिवेटिव में अत्यधिक उत्तोलन है।”
उनका यह कहना इस बात की ओर इशारा करता है कि वे भारतीय क्रिप्टो मार्केट के उभार को ध्यान से देख रहे हैं। जिरोधा फिलहाल स्टॉक्स, डेरिवेटिव्स, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स जैसी सर्विसेज़ देता है, लेकिन क्रिप्टो ट्रेडिंग इसमें शामिल नहीं है।
बावजूद इसके, Zerodha जैसे बड़े प्लेयर का क्रिप्टोकरेंसी पर पब्लिकली स्टेटमेंट देना इस बात का संकेत हो सकता है कि वे इस सेक्टर की ग्रोथ पर नजर रखे हुए हैं।
भारत में क्रिप्टो फ्यूचर्स और ऑप्शंस का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। इसकी मुख्य वजहें हैं:
जिरोधा ने अब तक क्रिप्टो को अपने प्लेटफॉर्म में शामिल नहीं किया है, लेकिन Nithin Kamath के बयान से यह साफ है कि कंपनी क्रिप्टो सेक्टर को नज़रअंदाज़ नहीं कर रही।
भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन अगर स्पष्ट हो जाता है और टैक्सेशन फ्रेमवर्क में कुछ राहत मिलती है, तो Zerodha जैसे बड़े ब्रोकर्स के लिए यह सेक्टर आकर्षक हो सकता है।
अगर Zerodha जैसे भरोसेमंद और रेगुलेटेड ब्रोकरेज क्रिप्टो स्पेस में कदम रखते हैं, तो इन्डियन इन्वेस्टर्स को तीन बड़े फायदे हो सकते हैं:
मैंने पिछले 13 सालों से भारतीय ट्रेडिंग इकोसिस्टम और क्रिप्टो दोनों को करीब से फॉलो किया है। Zerodha ने भारतीय स्टॉक मार्केट में रिटेल इन्वेस्टर्स को सस्ता और आसान एक्सेस दिया। उसी तरह, अगर जिरोधा क्रिप्टो सेक्टर में उतरता है, तो यह करोड़ों भारतीय निवेशकों के लिए पहली बार रेगुलेटेड क्रिप्टो ट्रेडिंग का एक्सपीरियंस हो सकता है।
मेरे अनुभव में, भारतीय रिटेल निवेशक अक्सर रेगुलेशन और टैक्सेशन को लेकर परेशान रहते हैं। Zerodha अगर सही मॉडल अपनाए, तो यह पूरी क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए ट्रस्ट-बिल्डिंग का काम करेगा।
मेरी राय में, Zerodha का क्रिप्टो मार्केट में आना केवल समय की बात है। हालांकि कंपनी अभी क्रिप्टो ट्रेडिंग ऑफर नहीं करती, लेकिन नितिन कामथ जैसे बिजनेस लीडर्स का पब्लिक स्टेटमेंट बताता है कि वे इस मार्केट को नजरअंदाज नहीं कर सकते। भारत में क्रिप्टो टैक्सेशन और रेगुलेशन जैसे ही क्लियर होंगे, जिरोधा या इसी तरह के बड़े ब्रोकर्स इसमें कदम रखेंगे।
चूँकि यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि Zerodha के Founder का बयान उस समय आया है जब हाल ही में Bitcoin Policy Institute of India Launch किया गया है और भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन को लेकर बात हो रही है।
भारत में क्रिप्टो फ्यूचर्स और ऑप्शंस की तेजी ने सभी को चौंकाया है। Zerodha Founder Nithin Kamath का बयान यह संकेत देता है कि क्रिप्टो मार्केट अब मेनस्ट्रीम फाइनेंस की नजरों में है। अगर Zerodha जैसी कंपनियां इसमें उतरती हैं, तो भारतीय यूजर्स को सिक्योर, भरोसेमंद और ट्रांसपेरेंट क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मिल सकता है।
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