Updated Date: November 18, 2025
क्रिप्टो इंडस्ट्री में भारत हमेशा से एक बड़ा मार्केट माना गया है, लेकिन रेगुलेशन और टैक्सेशन को लेकर असमंजस ने निवेशकों को उलझन में डाला हुआ है। हाल ही में Mudrex Survey ने इस बहस को और मजबूत किया है। इस सर्वे का नाम है “What India Thinks: Crypto Regulation, Taxation & Investment Trends”, जिसमें 9,352 भारतीय निवेशकों और आम लोगों की राय शामिल है।
सर्वे के नतीजों ने साफ कर दिया है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी के निवेशक नियमों के खिलाफ नहीं बल्कि स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। 93% प्रतिभागियों ने कहा कि वे Crypto Regulation का समर्थन करते हैं। लेकिन किस तरह का रेगुलेशन होना चाहिए, इस पर मतभेद जरूर सामने आए।

Source – यह इमेज Mudrex X की Post से ली गई है।
Mudrex Survey का सबसे अहम नतीजा यह है कि 93% भारतीय निवेशक क्रिप्टो रेगुलेशन चाहते हैं। वहीँ 56% ने कहा कि रेगुलेशन में इंवेस्टर प्रोटेक्शन होना चाहिए। 24% भारतीय निवेशकों का मानना है कि लाइटर ओवरसाइट से इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। Mudrex Survey के अनुसार 13% प्रतिभागी चाहते हैं कि रेगुलेशन सिर्फ टैक्सेशन तक सीमित रहे।
इसके अलावा, लगभग आधे प्रतिभागियों ने यह राय दी कि भारत में क्रिप्टो के लिए एक अलग रेगुलेटर होना चाहिए। Mudrex Survey में टैक्सेशन सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। लगभग 84% लोगों ने मौजूदा टैक्स सिस्टम को अनुचित बताया। जिसके अनुसार लोगों ने निम्न प्रतिक्रिया दी –
यह Mudrex Survey जनवरी 2025 के बाद ऐसे समय आया है जब भारत सरकार क्रिप्टो पर डिस्कशन पेपर तैयार कर रही है। लंबे समय से निवेशक रेगुलेशन की स्पष्टता चाहते हैं और यह सर्वे इस माहौल को बेहतर समझने के लिए किया गया।
CEO और Co-Founder Edul Patel ने कहा कि भारत के पास ग्लोबल क्रिप्टो इंडस्ट्री में लीडर बनने का टैलेंट और स्केल है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब सरकार स्पष्ट और संतुलित नियम लेकर आए।
इस सर्वे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह निवेशकों की असली आवाज को सामने लाता है। इसमें 90% से ज्यादा निवेशकों ने कहा कि वे क्रिप्टो में रेगुलेशन चाहते हैं, जबकि 30% टैक्स और TDS को सबसे बड़ी चुनौती माना गया। दिलचस्प बात यह रही कि 67% प्रतिभागियों का कहना है कि वे उसी राजनीतिक पार्टी को वोट देंगे, जो क्रिप्टो को सपोर्ट करेगी।
इसके अलावा, 77% लोगों ने मांग की है कि क्रिप्टो और ब्लॉकचेन को कॉलेज के कोर्स में शामिल किया जाए। यह साफ दिखाता है कि क्रिप्टो अब सिर्फ फाइनेंशियल चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि पॉलिटिक्स और एजुकेशन के एजेंडे में भी शामिल हो चुका है।
Mudrex Survey में 9,352 भारतीयों ने भाग लिया, जिनमें स्टूडेंट्स, वर्किंग प्रोफेशनल्स और अनुभवी निवेशक शामिल थे। सर्वे में 64% ने क्रिप्टो को लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन का जरिया माना, जबकि 14% जिज्ञासा के कारण निवेश करते हैं। 12% लोग शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट पर ध्यान देते हैं और 6% इसे इंफ्लेशन से बचाव का टूल मानते हैं। वहीं, 4% प्रतिभागी अभी भी असमंजस में हैं। जानकारी पाने के लिए 44% लोग YouTube पर निर्भर हैं, 19% न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स को चुनते हैं, 15% दोस्त-परिवार से और 14% X (Twitter) से अपडेट्स लेते हैं।
मैं पिछले 3 सालों से बतौर क्रिप्टो राइटर इस मार्केट को कवर कर रहा हूँ, मेरे नजरिए से Mudrex Survey भारत के क्रिप्टो भविष्य की दिशा दिखाता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि निवेशक नियमों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे अनिश्चितता के खिलाफ हैं। 30% टैक्स और TDS जैसी नीतियों ने क्रिप्टो ट्रेडिंग को सीमित कर दिया है।
अगर सरकार एक संतुलित और स्पष्ट फ्रेमवर्क लाती है, तो भारत सिर्फ क्रिप्टो एडॉप्शन में नहीं बल्कि ग्लोबल क्रिप्टो पावरहाउस बनने में भी आगे बढ़ सकता है।
हालाँकि ऐसा नहीं है कि सरकार क्रिप्टो रेगुलेशन को लेकर गंभीर नहीं है, जानकारी के अनुसार एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के निर्माण की दिशा में सरकार काम कर रही है। वहीँ खबर है कि भारत में ab क्रिप्टो रिपोर्टिंग के लिए एक नया फ्रेमवर्क अपनाया जाएगा। जिसको लेकर हाल ही में भारत सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई कि 2027 से भारत में OECD’s Crypto Reporting Framework लागू हो जाएगा।
कुल मिलाकर, Mudrex Survey ने साफ कर दिया है कि भारतीय निवेशकों की सबसे बड़ी मांग है क्लियर रेगुलेशन और फेयर टैक्सेशन। 93% का सपोर्ट इस बात को साबित करता है कि लोग नियम चाहते हैं, लेकिन ऐसे जो विकास को रोकें नहीं बल्कि आगे बढ़ाएं।
सर्वे का यह मैसेज सरकार के लिए भी अहम है। अगर पॉलिसी ट्रांसपेरेंट और प्रैक्टिकल होंगी, तो भारत न सिर्फ अपने निवेशकों को सुरक्षा देगा बल्कि दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो इकोसिस्टम का नेतृत्व भी कर सकता है।
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