हैदराबाद पुलिस की Operation Octopus जैसी कार्रवाइयों ने Mule Accounts के माध्यम से होने वाले Cyber Fraud की गंभीरता को उजागर किया है। इस कार्रवाई के दौरान कई Bank officials और ठगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे देशभर में Financial Fraud नकेल कसने का यह तरीका बहुत सराहनीय मन जा रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में, वित्त मंत्रालय के विभाग ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने बैंकों को RBI द्वारा विकसित AI टूल MuleHunter.AI को अपनाने का निर्देश दिया है। यह कदम समय पर फंड्स को फ्रीज करने और Mule Accounts के माध्यम से होने वाले धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Source: Official Website
MuleHunter.AI RBI इनोवेशन हब (RBIH) द्वारा विकसित एक AI/ML पर आधारित टूल है। यह अकाउंट गतिविधियों के 19 पैटर्न्स का विश्लेषण करता है, जैसे अचानक बड़े ट्रांजेक्शन, FD क्लोजर या Suspicious Layering। पारंपरिक रूल-बेस्ड सिस्टम की तुलना में यह तेज़ और सटीक डिटेक्शन प्रदान करता है।
पायलट प्रोजेक्ट में दो प्रमुख पब्लिक सेक्टर बैंकों में इस टूल ने प्रभावशाली परिणाम दिखाए हैं। इस टूल के माध्यम से Mule Accounts को समय रहते पहचानकर फ्रॉड में इस्तेमाल होने से पहले फ्लैग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, खास बात यह है कि, यह ट्रांजेक्शन पैटर्न्स को ट्रैक करके फिएट से क्रिप्टो कन्वर्ज़न जैसी गतिविधियों को भी जल्दी पहचान सकता है।
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हैदराबाद Police Commissioner V.C. Sajjanar ने पिछले चार महीनों में RBI Governor को पांच चिट्ठियां लिखी हैं। ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत अब तक 156 से ज्यादा गिरफ्तारी हुई हैं, जिनमें 32 बैंक अधिकारी भी शामिल हैं, जो नौ राज्यों में Mule Account खोलने में शामिल पाए गए।
आंकड़ों के अनुसार:
एक मामले में एकMule Account से पैसे 4,500 अन्य अकाउंट्स में लेयर किए गए। राष्ट्रीय स्तर पर 2021-24 के बीच Cyber Fraud में कुल ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि 2025 में सिर्फ ₹30.97 करोड़ ही रिकवर हो सके।
Hyderabad Police ने KYC Processes में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। सुझावों में शामिल हैं: जियो-टैग्ड वेरिफिकेशन, डॉक्यूमेंट्स की कड़ी ऑथेंटिकेशन, ब्रांच लेवल पर ‘Zero Mule Account’ टारगेट और संदिग्ध पैटर्न पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग। DFS ने मीटिंग में रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, एक घंटे में लेन मार्किंग और कुछ घंटों में अकाउंट फ्रीजिंग जैसी प्रोटोकॉल पर चर्चा की।
आम लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि, वे फेक कॉल, इन्वेस्टमेंट स्कैम या डिजिटल ठगी से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें। बैंक ट्रांजेक्शन और अनजान लिंक की जाँच करें।
वहीं हाल हि में हुए Hyderabad Cyber Fraud Case को देखते हुए, यह कहना सही होगा कि नेशनल लेवल पर MuleHunter.AI के लागू होने से फंड्स को समय पर रोका जा सकेगा, जिससे रिकवरी दर बढ़ेगी। हालांकि, प्राइवेसी, फॉल्स-पॉजिटिव्स और एआई के एथिकल इस्तेमाल पर सतर्क रहना आवश्यक है। DFS, RBI, पुलिस और बैंकों के बेहतर समन्वय से Cyber Fraud पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
एक क्रिप्टो राइटर के तौर पर मैं लगातार Cyber Fraud जैसे खबरों को कवर कर रही हूँ।
उसी दावें के आधार पर मैं यह कह सकती हूँ कि, MuleHunter.AI नेशनल लेवल पर लागू होने से Mule Accounts और Cyber Fraud को समय रहते रोका जा सकेगा, जिससे फंड रिकवरी दर बढ़ेगी। हालांकि, एआई के नैतिक उपयोग, गोपनीयता और फॉल्स-पॉजिटिव्स पर सतर्क रहना जरूरी है। DFS, RBI, पुलिस और बैंकों के समन्वय से साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
Disclaimer: यह Article केवल सूचना (informational) उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की financial Advice नहीं है। Crypto में निवेश अत्यधिक रिस्की होता है। निवेश से पहले अपना खुद का रिसर्च (DYOR) जरूर करें।
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