Updated Date: November 18, 2025
पिछले साल जुलाई 2024 में जब भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX से करीब लगभग $230 मिलियन के डिजिटल एसेट्स गायब हो गए थे, तब लाखों यूज़र्स का भरोसा एक झटके में टूट गया था। इस WazirX Hack के बाद यूज़र्स को अपने फंड्स तक पहुंचने में पूरे 16 महीने का इंतज़ार करना पड़ा। आखिरकार, 24 अक्टूबर 2025 को प्लेटफ़ॉर्म ने फिर से ट्रेडिंग शुरू की और लोगों को अपने पैसे वापस मिलने लगे।
लेकिन इस घटना ने भारतीय क्रिप्टो कम्युनिटी को एक बड़ा सबक दिया कि अपने पैसे पर पूरा कट्रोल तभी रहेगा, जब आप खुद उसका कट्रोल रखेंगे। यही सोच अब लोगों को Self-Custody Wallet (Okto Wallet) की तरफ खींच रही है।

Source: यह इमेज Sumit Gupta (CoinDCX) की X पोस्ट से ली गई है। जिसकी लिंक यहां दी गई है।
CoinDCX के Co-founder Sumit Gupta ने इस मौके पर अपने DeFi प्रोजेक्ट Okto Wallet को प्रमोट करते हुए कहा
“अगर आप सही मायनों में अपने क्रिप्टो एसेट्स पर कंट्रोल चाहते हैं, तो Okto Wallet इस्तेमाल करें। ये भारत से बना एक पॉवरफुल Self-Custody Wallet है, जो हर यूज़र के लिए आसान और सुरक्षित है।”
Okto Wallet को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह ट्रेडिशनल Centralized Exchanges की तरह दिखे और महसूस हो, ताकि नए यूज़र्स को सेल्फ कस्टडी वॉलेट अपनाने में परेशानी न हो। इसमें ट्रेडिंग, ब्रिजिंग और मल्टी-चेन सपोर्ट जैसी सुविधाएँ हैं, जिससे यूज़र बिना किसी एक्सचेंज पर निर्भर हुए अपने डिजिटल एसेट्स को खुद मैनेज कर सकते हैं।
WazirX की हैकिंग ने भारतीय क्रिप्टो मार्केट को झकझोर दिया। जांच में पता चला कि चोरी किए गए फंड्स को कई Multi-Signature Wallets और विदेशी एक्सचेंजों के ज़रिए ट्रांसफर किया गया। लोकप्रिय ऑन-चेन एनालिस्ट @zachxbt ने भी अपने रिपोर्ट में बताया कि चोरी किए गए एसेट्स को ट्रैक करना कितना मुश्किल था।
इस लंबे इंतज़ार और फंड रेस्टोरेशन में देरी ने यूज़र्स को ये समझा दिया कि Centralized Exchanges पर ट्रेडिंग करना जोखिम भरा है। जब एक्सचेंज हैक होता है, तो यूज़र कुछ नहीं कर सकता। इसी वजह से अब ज़्यादातर निवेशक सेल्फ कस्टडी वॉलेट की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ वे अपनी प्राइवेट कीज़ खुद रखते हैं और अपने फंड्स पर पूरा कंट्रोल रखते हैं।
एक हालिया रिपोर्ट (2024) के अनुसार, पिछले साल दुनियाभर में Non-Custodial और सेल्फ कस्टडी वॉलेट के इस्तेमाल में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये वृद्धि इस बात का संकेत है कि क्रिप्टो यूज़र्स अब सुरक्षा को लेकर पहले से ज़्यादा सजग हैं।
भारत में WazirX के बाद CoinSwitch भी शिकार हुआ था इन अन्य एक्सचेंजों के साइबर अटैक के बाद लोग तेजी से Okto Wallet, MetaMask और Trust Wallet जैसे Self-Custody Wallets को अपना रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर मिले जुले रिएक्शन देखने को मिले। कुछ लोगों ने इस वॉलेट की सादगी और डिज़ाइन की तारीफ की, जबकि कुछ ने CoinDCX के हार्डवेयर वॉलेट विड्रॉल लिमिट पर सवाल उठाए। इसके बावजूद ज़्यादातर निवेशक अब एकमत हैं कि सेल्फ कस्टडी वॉलेट ही आने वाले समय में सुरक्षित ट्रेडिंग का भविष्य है।
क्रिप्टो इंडस्ट्री में 7 साल के अनुभव के बेसिस पर मेरा मानना है कि WazirX Hack जैसी घटनाओं ने हमें Self-Custody की अहमियत सिखाई है। Okto Wallet जैसे भारतीय समाधान न सिर्फ सुरक्षा बढ़ा रहे हैं, बल्कि Web3 में यूज़र्स को अपने एसेट्स पर सही कंट्रोल और भरोसे का नया लेवल प्रदान कर रहे हैं।
WazirX hack ने यह साबित कर दिया कि Crypto में “Not your keys, not your coins” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक हकीकत है। जब यूज़र अपनी प्राइवेट की खुद संभालते हैं, तभी वे अपने पैसे के असली मालिक होते हैं। Okto जैसे भारतीय Self-Custody Wallets ने यह दिखाया है कि टेक्नोलॉजी सिर्फ ट्रेडिंग के लिए नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता के लिए भी हो सकती है। आने वाले समय में, जितने ज़्यादा लोग अपनी एसेट्स को खुद कंट्रोल करेंगे, उतना ही क्रिप्टो इकोसिस्टम मज़बूत और सुरक्षित बनेगा।
Copyright 2026 All rights reserved