भारत में Online Gaming पिछले कुछ सालों में तेज़ी से बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े हैं और यह इंडस्ट्री 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन तक पहुंच चुकी है। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन बेटिंग, जुए और नशे जैसी लत ने कई परिवारों को बर्बादी की कगार पर ला दिया। लगातार आत्महत्या और कर्ज़ में डूबने के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने Online Gaming Bill 2025 पेश करने का फैसला किया है। इस बिल के आने से न सिर्फ Dream11 जैसे स्किल-बेस्ड गेम्स पर असर पड़ेगा बल्कि Online Crypto Casinos पर भी बड़ी चोट हो सकती है।

Source – यह इमेज All India Radio News की X Post से ली गई है।
Ministry of Electronics and Information Technology की ओर से लाया जा रहा यह बिल बुधवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। कैबिनेट कमेटी ने इसे पहले ही मंजूरी दे दी है।
इस बिल के मुख्य पॉइंट्स इस प्रकार हैं:
यानी सरकार अब “स्किल” और “चांस” दोनों तरह के पैसों से जुड़े Online Games को बैन करने की तैयारी कर रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि Online Gaming Bill 2025 का असर Online Crypto Casinos पर कैसे पड़ेगा। आइये इसे स्टेप बाय स्टेप समझते हैं –
मैं खुद पिछले 3 साल से क्रिप्टो राइटर हूँ और इस दौरान कई बार Online Gaming Apps और Crypto Casinos को डाउनलोड करके देखा है। मेरा अनुभव कहता है कि इन प्लेटफॉर्म्स में सिक्योरिटी एक बड़ी समस्या है। जिनमें सबसे बड़ी समस्या एप्स द्वारा डेटा चोरी की रहती हैं। वहीँ छोटे बच्चे बिना सोचे-समझे ट्रांजेक्शन कर देते हैं। साथ ही इन एप्स में KYC और यूज़र प्रोटेक्शन का कोई मैकेनिज्म नहीं दिखाई पड़ता। इसलिए सरकार का यह कदम एक हद तक सही दिशा में माना जा सकता है।
Online Gaming Bill 2025 भारत की क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए मिलाजुला माना जा सकता है, जिसके नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों ही साइड हैं।
भारत में गेमिंग सेक्टर अभी 2 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है और इसमें अब तक 25,000 करोड़ रुपये का FDI आया है। अगर Online Gaming Bill 2025 पूरी तरह लागू हुआ तो इंडस्ट्री की ग्रोथ स्लो हो जाएगी। हालांकि, सरकार स्किल-बेस्ड और नॉन-गैम्बलिंग गेम्स को बचाने के लिए कुछ अलग कैटेगरी भी बना सकती है। लेकिन लोकसभा में बिल के पेश होने पर शुरुआती बैन का असर तो देखा जा सकता है, जिससे ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में थोड़े पैनिक होने की आशंका तो है।
मेरे अनुभव के आधार पर, जहां मैंने खुद कई Online Gaming Apps और Crypto Casinos को इस्तेमाल किया है, वहां यह साफ दिखा है कि इन प्लेटफॉर्म्स में किसी भी तरह का यूज़र प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं है। पैसा आसानी से डिपॉज़िट हो जाता है लेकिन निकालने में दिक्कत आती है। कई बार गेम्स सिर्फ “लत” लगाने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
इसलिए मेरा मानना है कि सरकार को सीधे बैन करने की बजाय एक रेगुलेटेड फ्रेमवर्क लाना चाहिए। इससे एक ओर तो बच्चों और आम जनता को सुरक्षित रखा जा सकेगा और दूसरी ओर इंडस्ट्री का रोजगार और इनोवेशन भी बचा रहेगा।
Online Gaming Bill 2025 भारत में Online Gambling और Betting को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन इसका असर केवल Dream11 जैसे एप्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Online Crypto Casinos पर भी गहरी चोट करेगा। जहां एक ओर यह क्रिप्टो सेक्टर के लिए शॉर्ट-टर्म नेगेटिव साबित हो सकता है, वहीं लॉन्ग-टर्म में इससे क्रिप्टोकरेंसी को एक साफ-सुथरी पहचान मिलने का रास्ता भी खुलेगा।
सरकार को बैन की जगह रेगुलेशन और मॉनिटरिंग पर फोकस करना चाहिए, ताकि यूज़र सिक्योरिटी बनी रहे और भारत की तेजी से बढ़ती गेमिंग और क्रिप्टो इंडस्ट्री का भविष्य भी सुरक्षित रह सके।
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