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लग्जरी गाड़ियों के लालच में ठगी का खेल, Chrometa चिटफंड का बड़ा घोटाला

Hindi News Writer
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crypto chitfund scam chrometa exposed
crypto chitfund scam chrometa exposed

Crypto के नाम पर करोड़ों की ठगी की साजिश, ‘Chrometa’ का सच उजागर

राजस्थान के झुंझुनू जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह दुबई से संचालित एक प्रतिबंधित चिटफंड कंपनी Chrometa के नाम पर लोगों को ठगने की तैयारी में था। समय रहते कार्रवाई होने से कई लोगों के लाखों-करोड़ों रुपये बच गए। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या और ये कैसे उजागर हुआ?

कैसे सामने आया मामला?

दरअसल, झुंझुनू के सिंघाना कस्बे में एक भव्य सेमिनार आयोजित किया जा रहा था, जहां लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह कार्यक्रम एक फर्जी निवेश योजना से जुड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और सेमिनार के दौरान ही आरोपियों को पकड़ लिया।

क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस कार्रवाई के दौरान कई चौंकाने वाले सामान जब्त किए गए, जिनमें 11 लग्जरी गाड़ियां, 15 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और अन्य संदिग्ध दस्तावेज शामिल थे। यह सब इस बात का संकेत देता है कि Chrometa से जुड़ा गिरोह बड़े स्तर पर ठगी की योजना बना रहा था।

क्या था ठगी का तरीका?

गिरोह लोगों को लुभाने के लिए बेहद आकर्षक वादे करता था जिसमें दुबई में आलीशान फ्लैट, महंगी लग्जरी कार, पानी के जहाज जैसे बड़े इनाम के बारे में बताए जाते थे, लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनका पैसा बहुत जल्दी कई गुना बढ़ जाएगा। वहीं Chrometa में निवेश का माध्यम USDT Cryptocurrency बताया जाता था।

सेमिनार के जरिए फैलाया जाल

मिली जानकारी के अनुसार, ठगों ने सिंघाना के एक मैरिज गार्डन में बड़े स्तर पर सेमिनार रखा था। वहां एक नई लग्जरी कार को इनाम के रूप में दिखाया गया था ताकि लोग जल्दी निवेश करें। यानी पूरा माहौल ऐसा बनाया गया था कि लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे पैसे लगा दें।

कंपनी पूरी तरह फर्जी निकली

इस जांच में सामने आया कि ‘Chrometa’ नाम की यह कंपनी किसी भी सरकारी संस्था में रजिस्टर्ड नहीं थी, जी हाँ.. ये ना तो Securities and Exchange Board of India (SEBI) रजिस्टर्ड थी और ना ही Financial Intelligence Unit-India में रजिस्टर्ड थी इसके अलावा Ministry of Corporate Affairs (MCA) में भी नही थी यानि कि, यह योजना पूरी तरह अवैध और फर्जी थी। यह कार्रवाई एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर की गई। पुलिस ने पांच मुख्य एजेंटों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।


इन बातों का ख्याल रखें आम लोग
  • ज्यादा रिटर्न का लालच अक्सर ठगी का संकेत होता है

  • बिना जांच के किसी भी योजना में निवेश न करें

  • क्रिप्टो निवेश हमेशा विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही करें

  • सरकारी रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करें


कन्क्लूजन 

झुंझुनू पुलिस की ‘Chrometa’ पर हुई कार्रवाई एक बड़ी सफलता है, जिसने कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान से बचा लिया। यह घटना साफ दिखाती है कि ठग अब आधुनिक तरीकों जैसे क्रिप्टोकरेंसी और सेमिनार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए Invest करते समय सतर्क रहें, जानकारी लें और केवल भरोसेमंद विकल्पों को ही चुनें।


डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे Invest सलाह न मानें। किसी भी योजना में Invest से पहले खुद जांच करें और जोखिम को समझें।

लेखक परिचय
Pooja Suryawanshi Hindi News Writer

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

क्रोमेटा एक कथित फर्जी चिटफंड और क्रिप्टो निवेश योजना थी, जिसके जरिए लोगों को बड़े रिटर्न का लालच देकर ठगा जा रहा था।

पुलिस ने सेमिनार के दौरान छापा मारकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और कई लग्जरी गाड़ियां व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।

इस मामले में USDT (टेदर) क्रिप्टोकरेंसी के जरिए निवेश करवाने का दावा किया जा रहा था।

नहीं, यह कंपनी SEBI, RBI या MCA जैसी किसी भी सरकारी संस्था में पंजीकृत नहीं थी और पूरी तरह फर्जी थी।

निवेश से पहले कंपनी की वैधता जांचें, ज्यादा रिटर्न के लालच से बचें और केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें।