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Sarvam AI-Razorpay Deal: Voice AI से बदलेगा Online Shopping का तरीका

Sarvam AI और Razorpay पार्टनरशिप: अब बोलकर करें ऑनलाइन ऑर्डर और पेमेंट

क्या अब बिना टाइप किए सिर्फ बोलकर ऑनलाइन शॉपिंग करना संभव है? भारत में Voice AI Technology तेजी से आगे बढ़ रही है और अब यह डिजिटल कॉमर्स को पूरी तरह बदलने की दिशा में कदम रख चुकी है।


बेंगलुरु की एआई कंपनी Sarvam AI ने भारत की प्रमुख पेमेंट कंपनी Razorpay के साथ पार्टनरशिप की घोषणा की है। इस पार्टनरशिप का उद्देश्य यूजर्स को ऐसा अनुभव देना है, जिसमें वे अपनी भाषा में बोलकर ही ऑनलाइन ऑर्डर और पेमेंट कर सकें। इस नई तकनीक की शुरुआत Indus App पर Swiggy के साथ की जा रही है।

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Source-  Official X Post


Sarvam AI क्या है?

Sarvam AI की स्थापना 2023 में बेंगलुरु में हुई थी। इसके संस्थापक Dr. Vivek Raghavan और Dr. Pratyush Kumar हैं, जो लंबे समय से भारतीय भाषाओं और एआई टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं।


कंपनी का मुख्य लक्ष्य भारत की 22 भाषाओं के लिए ऐसा एआई तैयार करना है, जो स्थानीय यूजर्स की जरूरतों को समझ सके। फरवरी 2026 में कंपनी ने Indus App लॉन्च किया, जिसमें 105 बिलियन पैरामीटर वाला बड़ा एआई मॉडल इस्तेमाल किया गया है। यह ऐप यूजर्स को चैट, कंटेंट क्रिएशन और रिसर्च जैसे कई काम आसान तरीके से करने की सुविधा देता है।


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Voice AI Technology क्या है और कैसे काम करती है?

यह एक ऐसी स्मार्ट टेक्नोलॉजी है, जिसमें यूजर अपनी भाषा में बोलकर पूरी ऑनलाइन खरीदारी कर सकता है। उदाहरण के लिए अगर कोई यूजर कहता है कि मुझे दो पिज्जा और एक कोल्ड ड्रिंक चाहिए  तो एआई उसकी बात को समझता है, सही रेस्टोरेंट चुनता है, ऑर्डर प्लेस करता है और पेमेंट भी पूरा कर देता है। इस पूरी प्रक्रिया में:


  • टाइप करने की जरूरत नहीं

  • अलग स्टेप्स की जरूरत नहीं

  • कुछ सेकंड में काम पूरा


Sarvam AI और Razorpay पार्टनरशिप कैसे काम करेगी

Razorpay इस पूरे सिस्टम में पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा, जिससे वॉइस के जरिए किए गए ऑर्डर का भुगतान भी आसानी से हो सकेगा। शुरुआत में यह फीचर Indus App और Swiggy  के साथ शुरू होगा, लेकिन धीरे-धीरे इसे अन्य ऐप्स और वेबसाइट्स तक भी बढ़ाया जाएगा। 


आगे चलकर कंपनियां और डेवलपर्स अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे एआई एजेंट जोड़ सकेंगे, जो यूजर्स से उनकी भाषा में बात करेंगे और पूरी खरीदारी प्रक्रिया को संभालेंगे। इससे डिजिटल कॉमर्स का अनुभव पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगा।


Users के लिए क्या फायदे हैं

Sarvam एआई की यह तकनीक खासतौर पर भारत के उन लोगों के लिए फायदेमंद है:


  • जिन्हें अंग्रेजी या टाइपिंग में परेशानी होती है

  • जो छोटे शहरों और गांवों में रहते हैं

  • जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आसान बनाना चाहते हैं


अब यूजर्स सिर्फ बोलकर कई काम कर सकते हैं, जैसे:


  • खाना ऑर्डर कर सकते हैं

  • सामान खरीद सकते हैं

  • ऑनलाइन पेमेंट करना


इससे ऑनलाइन सेवाओं से जुड़ पाएंगे। यह खासकर उन यूजर्स के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, जो पहली बार इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं।


Businesses के लिए बड़ा अवसर

ग्लोबल स्तर पर वॉइस कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है और कई बड़ी टेक कंपनियां इस दिशा में निवेश कर रही हैं। इसलिए Voice Based Shopping से बिजनेस को भी बड़ा फायदा होगा।


  • यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा

  • ऑर्डर करने की प्रक्रिया आसान होगी

  • ज्यादा लोग ऑनलाइन खरीदारी करेंगे


इससे कंपनियों की बिक्री और ग्राहक संख्या दोनों बढ़ सकती हैं।


भारत के Sarvam AI ने ChatGPT और Google Gemini को कैसे छोड़ा पीछे जानने के लिए क्लिक करें।


यह कदम भारत के लिए क्यों जरूरी है

भारत में बड़ी संख्या में लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन भाषा और टाइपिंग की समस्या अब भी एक बड़ी चुनौती है। वॉइस एआई इस समस्या को काफी हद तक हल कर सकता है।


Sarvam AI Founder Dr. Vivek Raghavan का मानना है कि भारत को अपना खुद का एआई सिस्टम बनाना चाहिए, ताकि डेटा और टेक्नोलॉजी पर देश का नियंत्रण बना रहे। इस तरह की साझेदारी भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।


चुनौतियां और समाधान

हालांकि Sarvam AI की यह तकनीक काफी उपयोगी है, लेकिन कुछ शुरुआती चुनौतियां भी हैं:


  • अलग-अलग भाषाओं के लहजे

  • बैकग्राउंड शोर

  • गलत ऑर्डर का जोखिम


इन समस्याओं को दूर करने के लिए कंपनियां:


  • एआई मॉडल को लगातार ट्रेन कर रही हैं

  • ज्यादा डेटा का उपयोग कर रही हैं

  • टेस्टिंग के जरिए सिस्टम को बेहतर बना रही हैं


Future Scope: भारत में वॉइस एआई का भविष्य

आने वाले समय में यह तकनीक और बड़े प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच सकती है, जैसे:


  • Flipkart

  • Amazon


यूजर्स भविष्य में:


  • दवाइयां

  • कपड़े

  • इलेक्ट्रॉनिक्स


जैसे कई उत्पाद सिर्फ बोलकर खरीद सकेंगे। कंपनियों का लक्ष्य है कि यह सुविधा ज्यादा से ज्यादा भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो।


क्या यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित है? 


  • Voice पहचान (Voice Authentication) जरूरी मानी जाती है 

  • गलत ऑर्डर की स्थिति में dispute system होना आवश्यक है 

  • डेटा प्राइवेसी का ध्यान रखना होगा


कन्क्लूजन

Sarvam AI और Razorpay की यह पार्टनरशिप भारत में डिजिटल कॉमर्स के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। अगर यह तकनीक सटीक, सुरक्षित और यूजर फ्रेंडली साबित होती है, तो आने वाले समय में वॉइस के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग भारत में एक नया ट्रेंड बन सकती है।।


डिस्क्लेमर-  यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी सेवा का उपयोग करने से पहले उसकी शर्तें, सुरक्षा और प्राइवेसी नीतियां जरूर जांच लें। किसी भी नुकसान या समस्या के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं होगा।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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यह एक साझेदारी है जिसमें यूजर्स अपनी भाषा में बोलकर ऑनलाइन ऑर्डर और पेमेंट कर सकते हैं। Sarvam AI वॉइस टेक्नोलॉजी देता है और Razorpay पेमेंट सिस्टम संभालता है।
Voice AI Technology ऐसी तकनीक है जिसमें यूजर बोलकर ही डिजिटल काम कर सकता है, जैसे ऑर्डर देना, जानकारी लेना और पेमेंट करना।
इस फीचर की शुरुआत Indus App पर Swiggy के साथ की जा रही है, जहां यूजर्स बोलकर खाना ऑर्डर कर पाएंगे।
Sarvam AI एक भारतीय एआई कंपनी है जो 2023 में शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के लिए स्मार्ट एआई सिस्टम बनाना है।
यूजर्स को टाइप करने की जरूरत नहीं होगी, वे अपनी भाषा में बोलकर आसानी से ऑर्डर और पेमेंट कर पाएंगे, खासकर उन लोगों के लिए जो अंग्रेजी नहीं जानते।