Drift Protocol पर बड़ा साइबर अटैक, सेवाएं बंद, अब क्या करें यूजर्स?
Phantom Wallet ने Drift एक्सेस रोकी, यूजर्स को दी गई चेतावनी
Drift Protocol, जो Solana ब्लॉकचेन पर आधारित एक प्रमुख Decentralized Finance प्लेटफॉर्म है, उस पर बड़ा साइबर अटैक हुआ है। जी हाँ.. ये बात हम नही कह रहे हैं बल्कि खुद टीम ने इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। टीम ने कहा कि प्रोटोकॉल पर एक्टिव हमला चल रहा है, जिसके चलते तुरंत डिपॉजिट और विड्रॉल सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इतना ही नही बल्कि टीम ने साफ किया कि यह कोई अप्रैल फूल्स मजाक नहीं, बल्कि वास्तविक सुरक्षा घटना है, जिस पर कई सिक्योरिटी फर्म्स और ब्लॉकचेन पार्टनर्स के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। तो आइए जानते हैं क्या है पूरी घटना?
लगभग 285 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो एसेट्स चोरी
ब्लॉकचेन सिक्योरिटी फर्म PeckShield के ऑन-चेन डेटा के अनुसार, इस हमले में करीब 270 से 285 मिलियन डॉलर तक के डिजिटल एसेट्स चोरी किए गए हैं। हमलावर ने SOL, USDC, WETH और JitoSOL जैसे कई टोकन्स को एक नए वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, चोरी किए गए कुछ फंड्स को USDC में बदलने के बाद Ethereum नेटवर्क के ब्रिज के जरिए बाहर भेज दिया गया। इस वजह से ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना और फंड्स को वापस लाना और ज्यादा मुश्किल हो गया है।
TVL में भारी गिरावट, DRIFT टोकन दबाव में
हैक से पहले Drift Protocol का Total Value Locked (TVL) लगभग 550 मिलियन डॉलर के आसपास था, लेकिन घटना के बाद इसमें तेज गिरावट देखी गई और लॉक्ड वैल्यू आधे से भी कम रह गई। इस घटना का असर Drift Protocol टोकन की कीमत पर भी पड़ा, जिसमें अचानक गिरावट दर्ज की गई। Solana Blockchain इकोसिस्टम पर बना Drift Protocol एक लोकप्रिय Perpetual Futures ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर्स लीवरेज के साथ ट्रेड कर सकते हैं। ऐसे बड़े हमले निवेशकों के भरोसे को कमजोर करते हैं और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर देते हैं।
Phantom Wallet ने भी अस्थायी रूप से ब्लॉक की एक्सेस
यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Phantom Wallet ने Drift Protocol से जुड़ी एक्सेस को फिलहाल अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है। यह कदम संभावित नुकसान को कम करने और यूजर्स के फंड को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया। फिलहाल हमलावर की पहचान सामने नहीं आई है, लेकिन कई ब्लॉकचेन एनालिस्ट और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट इस मामले की जांच कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि हमले के पीछे स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की कमजोरी, एडमिन एक्सेस या ऑरेकल से जुड़ी तकनीकी खामी हो सकती है।
क्या है यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
Drift टीम ने यूजर्स को सलाह दी है कि, स्थिति सामान्य होने तक कोई नया फंड जमा न करें और केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें। एक्सपर्ट्स का कहना है कि DeFi में निवेश करते समय प्लेटफॉर्म की सिक्योरिटी, ऑडिट और रिस्क फैक्टर्स को समझना बेहद जरूरी है।
DeFi इंडस्ट्री के लिए बड़ा सबक
2026 में सामने आए सबसे बड़े DeFi हमलों में से एक माने जा रहे इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि क्रिप्टो सेक्टर में सुरक्षा चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। जैसे-जैसे DeFi प्लेटफॉर्म्स का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हैकर्स भी नए तरीके खोज रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से इस हमले की असली वजह और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल पूरी क्रिप्टो कम्युनिटी की नजर Drift Protocol की अगली अपडेट पर टिकी हुई है।
कन्क्लूजन
Drift Protocol पर हुआ यह साइबर अटैक एक बार फिर दिखाता है कि Solana जैसे बड़े इकोसिस्टम में भी सुरक्षा जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। लगभग 285 मिलियन डॉलर के नुकसान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और DeFi प्लेटफॉर्म्स की सिक्योरिटी पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में जांच से हमले की असली वजह साफ हो सकती है, लेकिन फिलहाल यूजर्स को सावधानी बरतने की जरूरत है।
डिस्क्लेमर
यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। क्रिप्टोकरेंसी और DeFi में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।