क्रिप्टो दुनिया की में Hack और Scam लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 2025 की शुरुआत से अब तक करीब $3 बिलियन से ज्यादा Crypto Assets चोरी हो चुके हैं। DeFi Protocol, Bridge Exploit और फिशिंग अटैक्स इसके मुख्य कारण हैं। ऐसे समय में London-Based Blockchain Analytics कंपनी Elliptic ने Elliptic Funding के तहत $120 मिलियन (लगभग ₹1000 करोड़) की Series D फंडिंग प्राप्त कर ली है।
प्राप्त हुई यह फंडिंग सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट नहीं बल्कि Crypto Security और Compliance की दुनिया में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। भारत जैसे तेजी से बढ़ते क्रिप्टो मार्केट में, जहां लाखों लोग WazirX, CoinDCX और Binance जैसे प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग कर रहे हैं, इस Elliptic Funding का सीधा असर देखने को मिल सकता है।
Source: Official Website
Elliptic ने $120M फंडिंग प्राप्त की है, जिसकी अगुवाई One Peak Partners ने की। इसमें Nasdaq Ventures, Deutsche Bank और JPMorgan Chase जैसे बड़े इन्वेस्टर्स भी शामिल रहें। इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यू $670M हो गई है।
Elliptic अब AI-Based Tools से Crypto Transactions की रियल टाइम निगरानी मतलब तुरंत देख पाना और Suspicious Activity की पहचान और मजबूत करेगी। यह कंपनी 65+ blockchains को ट्रैक करती है और हर हफ्ते 1 बिलियन से ज्यादा transactions analyze करती है। यह कदम Crypto Security को और मजबूत करेगा।
Crypto Hacking अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुकी है। 2025 की शुरुआत से ही लगभग $3 billion की क्रिप्टो चोरी हो चुकी है। इसके पीछे कई कारण हैं:
DeFi Platforms में लिक्विडिटी पूल्स और Lending Systems सबसे ज्यादा टारगेट हो रहे हैं। Hackers अब AI tools का इस्तेमाल करके तेजी से अटैक्स कर रहे हैं। भारत में भी Crypto Adoption तेजी से बढ़ रहा है। कई यूज़र्स Global Exchanges पर ट्रेड करते हैं, जिससे वे भी इन Cyber Risks के Direct Exposure में आ जाते हैं।
Crypto Hacking अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुकी है। Chainalysis Crypto Crime Report 2025 के अनुसार, इस साल अब तक लगभग $3 Billion की क्रिप्टो चोरी हो चुकी है। इसके पीछे कई कारण हैं:
DeFi Platforms में Liquidity Pools और Lending Systems सबसे ज्यादा टारगेट हो रहे हैं। भारत में भी Crypto Adoption तेजी से बढ़ रहा है और कई यूज़र्स Global Exchanges पर ट्रेड करते हैं, जिससे वे इन Cyber Risks के Direct Exposure में आ जाते हैं।
Elliptic ने crypto security को मजबूत बनाने के लिए कई advanced AI-based tools विकसित किए हैं, जिन्हें Crypto Exchanges और financial institutions इस्तेमाल करते हैं।
1. Lens Tool: यह tool real-time में suspicious transactions को पकड़ता है। जैसे ही किसी Transaction में कोई Unusual या संदिग्ध Activity दिखाई देती है, यह तुरंत Alert भेज देता है, जिससे समय रहते एक्शन लिया जा सके।
2. Investigator Tool: अगर कोई Hacker एक Blockchain से दूसरी Blockchain में फंड्स को बार-बार transfer करके छिपाने की कोशिश करता है, तो यह tool पूरे transaction का visual graph बनाकर उसकी पूरी movement को ट्रैक कर सकता है। इससे illegal money flow को समझना और पकड़ना आसान हो जाता है।
3. Analytics Tool: यह tool किसी भी wallet या token की पूरी history को analyze करता है और यह पहचानने में मदद करता है कि कहीं उसमें कोई illegal या suspicious activity तो शामिल नहीं है।
अगर भारतीय crypto exchanges जैसे WazirX, CoinDCX और Binance इन tools को अपनाते हैं, तो उनकी AML (Anti-Money Laundering) और KYC compliance काफी मजबूत और effective हो जाएगी।
Elliptic की इस फंडिंग का असर भारत के retail crypto traders पर भी पड़ेगा। जैसे-जैसे Crypto Regulation सख्त होगा, वैसे-वैसे एक्सचेंज अपनी सिक्योरिटी और Monitoring Systems को और मजबूत करेंगे।
इसलिए ट्रेडर्स को अपने wallet की security, 2FA authentication और trusted exchanges का इस्तेमाल और ज्यादा सावधानी से करना होगा।
Elliptic की $120M फंडिंग Crypto Security और Compliance को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे एक्सचेंज की Monitoring और स्ट्रिक्ट हो जाएगी और Suspicious Activities जल्दी पकड़ी जाएंगी। भारत के ट्रेडर्स के लिए सुरक्षित Trading Environment मिलेगा, लेकिन साथ ही प्राइवेसी और Reporting नियम भी सख्त होंगे। इसलिए सावधानी और Security Practices अपनाना जरूरी हो जाएगा।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की Financial, Investment या Legal Advice नहीं है। इसलिए कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने Financial Advisor से सलाह लें। लेखक और वेबसाइट किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
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