Updated Date: November 18, 2025
भारत के लोकप्रिय क्रिप्टो एक्सचेंज CoinSwitch ने एक ऐतिहासिक माइलस्टोन हासिल किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसने 2.5 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स के आंकड़े को पार कर लिया है। CEX की उपलब्धि इसको भारत में पहला और सबसे बड़ा क्रिप्टो प्लेटफॉर्म बनाती है।
क्रिप्टो एडॉप्शन को लेकर भारत का सफर चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन इस बीच इस CEX ने न केवल निवेशकों के विश्वास को जीता बल्कि उन्हें सिक्योर और इजी एक्सपीरियंस भी प्रदान किया। सवाल यह है कि यह वृद्धि क्यों अहम है, इसके पीछे क्या कारण हैं और इसका भारतीय निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा।

Source – यह इमेज CoinSwitch की वेबसाइट से ली गई है।
एक्सचेंज की शुरुआत 2017 में हुई थी और तब से यह प्लेटफॉर्म भारतीय निवेशकों के लिए क्रिप्टो एसेट्स तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने का काम कर रहा है। हाल ही में कंपनी द्वारा यह घोषणा की गयी कि उसने 2.5 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स को पार कर लिया है।
यह माइलस्टोन क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म को न केवल भारत का बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी एक बड़े प्लेयर के रूप में स्थापित करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में इस CEX के स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम में 2.4x की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि रिटेल निवेशकों प्लेटफॉर्म पर भरोसा कर रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत जैसे उभरते हुए मार्केट में डिजिटल एसेट्स को लेकर जागरूकता और विश्वास तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी की ISO/IEC 27001:2022 सर्टिफिकेशन और FIU-IND रजिस्ट्रेशन ने भी यूजर्स के बीच भरोसा और मजबूत किया है।
इसकी सफलता के पीछे कई अहम कारण हैं।
इन कारणों की वजह से CoinSwitch ने तेजी से मार्केट लीडरशिप हासिल की और 2.5 करोड़ यूजर्स का आंकड़ा पार किया।
इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उसने केवल मेट्रो शहरों तक ही अपनी सर्विसेज लिमिटेड नहीं रखीं। कंपनी ने भारत के Tier-2 और Tier-3 शहरों तक अपनी पहुंच बनाई।
2025 के दौरान ही CoinSwitch द्वारा न सिर्फ बड़े निवेशकों को बल्कि छोटे रिटेल यूजर्स को भी आकर्षित किया गया। खासतौर पर, क्रिप्टो टैक्सेशन और रेगुलेशन को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच, कंपनी द्वारा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की गयी।
आज यह केवल एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि भारत में क्रिप्टो एडॉप्शन का प्रतीक बन चुका है।
प्लेटफ़ॉर्म की जर्नी केवल एक टेक स्टार्टअप की कहानी नहीं है, बल्कि इन्डियन फाइनेंशियल इकोसिस्टम में एक रिवोल्यूशन को दिखाती है।
इन सब प्रयासों ने CoinSwitch निवेशकों के बीच लोकप्रिय प्लेटफॉर्म बना है।
डिजिटल टेक्नोलॉजी में अपने 13 साल के अनुभव से कहूँ तो, मेरे हिसाब से CoinSwitch की यह उपलब्धि भारत के लिए बहुत बड़ी है। यह केवल एक कंपनी का माइलस्टोन नहीं है, बल्कि पूरे भारतीय क्रिप्टो इकोसिस्टम की जीत है। भारत जैसे देश में, जहाँ क्रिप्टोकरेंसी पर रेगुलेटरी बहस लगातार जारी रहती है, वहाँ CoinSwitch ने साबित किया है कि अगर सिक्योरिटी, ट्रांसपेरेंसी और यूजर-फर्स्ट अप्रोच को अपनाया जाए, तो निवेशकों का भरोसा जीतना संभव है। इस तरह से माइलस्टोन बनाने आगे आने वाले वर्षों में अन्य भारतीय स्टार्टअप्स को भी प्रेरित करेगा कि कैसे लोकल रिक्वायरमेंट्स पर फोकस करके ग्लोबल स्टैंडर्ड्स हासिल किए जा सकते हैं।
CoinSwitch ने 2.5 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स के आंकड़ा को पार करके भारतीय क्रिप्टो मार्केट में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत में क्रिप्टो को लेकर रुचि और स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।
आगे चलकर, क्रिप्टो एक्सचेंज का विज़न “Making Money Equal for All” इस इंडस्ट्री को और मजबूती देगा। अगर कंपनी इसी तरह इनोवेशन, एजुकेशन और ट्रांसपेरेंसी पर फोकस रखती है, तो यह केवल भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल लोवल पर भी क्रिप्टो एडॉप्शन की कहानी बदल सकती है।
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